अखिलेश (Akhilesh Yadav) के हेलीकॉप्टर (Helicopter) का किराया जानकर हैरान रह जाएंगे..योगी का हेलीकॉप्टर कितना मॅाइलेज देता है ?

दोस्तों बहुत सारे लोग सवाल करते हैं कि अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के पास क्या अपना हेलीकॉप्टर (Helicopter) है..इतने सारे अलग अलग जहाजों में उड़ते हैं..वो आते कहां से हैं..अखिलेश यादव ये हेलॉकॉप्टर खड़े कहां करते हैं..कभी कभी तो प्राइवेट प्लेन में भी उड़ते हैं..वो किसका है..एक बार उड़ान भरने में कितने पैसे खर्च होते हैं..और हेलीकॉप्टर तेल कितना पीता है…आज की इस वीडियो में हम इसी पर बात करेंगे..

कभी काला..कभी सफेद..कभी इस रंग का..कभी उस रंग का..अलग अलग जगहों पर अखिलेश यादव अलग अलग हेलीकॉप्टर से जाते हैं..जब हेलीकॉप्टर (Helicopter) उतरता है तब भी लोगों का सैलाब उमड़ पड़ता है और जब उड़ता है तब भी हजारों गांव वाले अखिलेश (Akhilesh Yadav) से ज्यादा तो हेलीकॉप्टर देखने आते हैं…अगर आप गांव से ताल्लुक रखते हैं तो आप ये बात बहुत आसानी से समझ सकते हैं.. दोस्तों जिन हेलीकॉप्टरों से नेता घूमते हैं..उनमें लगभग किराए के हेलीकॉप्टर होते हैं..अब आप पूछेंगे एक घंटा उड़ने का कितना खर्च आ जाता होगा..दोस्तों जो छोटा सा हेलीकॉप्टर होता है उसका एक घंटे का किराया 50 हजार रूपए है..इसमें 4 लोग बैठ सकते हैं..जो नेता लोग अपनी ज्यादा सेना लेकर चलते हैं..मतलब 4 से 6 तक लोगों को लेकर चलते हैं..उसके हिसाब से किराया बढ़ जाता है..मान लीजिए 6 सीटर हेलीकॉप्टर का किराया 1 लाख तक पहुंच जाता है…डबल इंजन हेलिकॉप्टर के लिए ये किराया डेढ़ लाख रुपए प्रति घंटे तक पहुंच जाता है..

देश में सबसे ज्यादा किराया अगुस्ता कंपनी के हेलीकॉप्टर (Helicopter) का है..दिल्ली में पांच और मुंबई में सात हेलीकॉप्टर कंपनियां हैं..जो देशभर में लोगों को किराए पर हेलीकॉप्टर देती हैं.. जैसे ओला ऊबर में होता है अगर आप टैक्सी खड़ी रखेंगे तो वेटिंग चार्ज लगता है वैसे ही वैसे ही एयरपोर्ट से निकलने और जहां जाना है वहां पहुंचने में जितनी देर तक हेलिकॉप्टर खड़ा रहेगा, उसका भी किराया लिया जाता है..

डबल इंजन वाले हेलीकॉप्टर (Helicopter) की डिमांड नेताओं में सबसे ज्यादा है..अगर एक इंजन फेल हो जाए तो दूसरा चलता रहे..पार्किंग के लिए 250 रुपए प्रति घंटा लिए जाते हैं..मतलब एयरपोर्ट पर अपना जहाज खड़ा करने का किराया देना पड़ता है..और उड़ाने का चार्ज मतलब फ्लाइंग चार्ज ढाई हजार रूपए देना पड़ता है..क्योंकि उड़ाता केवल हेलीकॉप्टर कंपनी का पायलट नहीं है एयरपोरेट अथॉरिटी..मिलिट्री इंटेलीजेंस यूनिट हेलीकॉप्टर पर नजर रखते हैं..सब बताते रहते हैं..किधर उड़ना है कितना उड़ना है वगैरह वहैरह..हेलीकॉप्टर जितनी बार उड़ेगा जहां से भी उड़ेगा उतनी बार फ्लाइंज चार्ज देना पड़ता है..कुल मिलाकर घंटे वंटे जोड़कर एक दिन में यहां से वहां जाने में तकरीबन 3 से 4 लाख रुपए हेलीकॉप्टर का किराया देना पड़ता है..जहां जाना है वहां के डीएम से भी हेलीकॉप्टर उतारने की परमीशन ली जाती है..अगर डीएम परमीशन नहीं देगा तो हेलीकॉप्टर नहीं उतर सकता…एक बार मुलायम सिंह यादव के साथ तब के आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने बदायूं में यही किया था..मुलायम का हेलीकॉप्टर उतरने नहीं दिया था..मुलायम को वापस जाना पड़ा था..

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पहले मुंबई की एक कंपनी के हेलीकॉप्टर (Helicopter) यूपी के मुख्यमंत्री के लिए लगाए जाते थे..लेकिन योगी आदित्यनाथ के लिए यूपी की सरकार ने 84 करोड़ का एक हेलीकॉप्टर अमेरिकी कंपनी से खरीदा गया है..योगी आदित्यनाथ के हेलीकॉप्टर में 9 लोग बैठ सकते हैं..बाकी रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेना के हेलॉकॉप्टर से उड़ान भरते हैं..जिसका नाम एमआई 17 है ये रशियन हेलीकॉप्टर है..इसपर नॉर्मल गोलीबारी का असर नहीं होता है..ये हेलीकॉप्टर गोला बारूद और मशीन गनों से लैस होता है..36 लोगों को इसमें बिठाया जा सकता है..एक बार तेल भरने पर 580 किमी उड़ जाता है.. 250 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ता है..इसमें मिसाइलें लगाकर भी हमला किया जा सकता है..

Disclamer- उपर्योक्त लेख लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखा गया है. लेख में सुचनाओं के साथ उनके निजी विचारों का भी मिश्रण है. सूचना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गई है. जिसको ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है. लेक में विचार और विचारधारा लेखक की अपनी है. लेख का मक्सद किसी व्यक्ति धर्म जाति संप्रदाय या दल को ठेस पहुंचाने का नहीं है. लेख में प्रस्तुत राय और नजरिया लेखक का अपना है.

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