बिहार में भरा बाढ़ का पानी हुआ ख़तरनाक, 900 लोगों को हुआ डेंगू, 70 को चिकनगुनिया

बिहार में करीब 20 दिन से भारी बारिश का कहर जारी है. कई जगह बाढ़ और जलजमाव है. और पुनपुन नदी पर रेल पुल के गार्डर पर पानी चढ़ गया है. बिहार के हर क्षेत्र में पानी भरा हुआ है जो कहीं निकलने का नाम ही नहीं ले रहा है.

heavy rain in bihar ndrf opration
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काफी दिनों से शहरों और नगरों में बाढ़ का पानी जमा हुआ है और उसी में से होकर गुजरने में मजबूर हैं. लेकिन अब ये पानी लोगों के लिए बड़ा खतरा बन गया है. क्योंकि बाढ़ और जलजमाव के कारण इसमें कई मरे हुए जानवर तैर रहे हैं और कीड़े मकौड़ों ने भी अपना घर बना लिया है. जो आम लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है.

इतना ही नहीं बिहार के लोगों पर डेंगू का कहर टूट पड़ा है. जलजमाव और गंदगी में खतरनाम मच्छर पनपने लगे हैं जिससे बड़ी संख्या में लोग इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ गए हैं. प्रदेश भर में मरीजों की संख्या 900 के पार पहुंच चुकी है. केवल पटना में ही डेंगू के 640 मरीज पाए गए हैं. जबकि चिकनगुनिया के भी 70 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं.

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने जानकारी दी कि विशेषज्ञों की टीम क्षेत्रों का दौरा कर रही है. गंदगी और जलजमाव के बीच मच्छर बहुत तेजी से फैल रहे हैं. मच्छरों को मारने के लिए 24 टीमें प्रभावित क्षेत्रों में ‘टेंफोस’ का छिड़काव कर रही है.

बाढ़ और जलजमाव की वजह से पटना-गया रेल रूट पर आवागमन रोक दिया गया है. इसके अलावा बख्तियारपुर-राजगीर रूट पर भी परिचालन रोक दिया गया है. इन रेल रूटों से होकर लंबी दूरी की ट्रेनें भी गुजरती हैं. ऐसे में रांची, धनबाद, कोलकाता, वाराणसी जाने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है.

वहीं पटना में जलजमाव से राहत दिलाने के लिए प्रशासन पंप मंगवाकर पानी निकलवा रहा है, लेकिन अभी भी ज्यादातर इलाकों में लोगों को राहत नहीं मिल पाई है. पटना के पाटलिपुत्रा कॉलोनी में जलजमाव के बीच ट्रैक्टर लोगों के आने-जाने का साधन बना हुआ है. राजेंद्रनगर में लोगों ने वाहन के पहियों के ट्यूब और बांस की टाटी के सहारे जुगाड़ बना कर आना-जाना शुरू कर दिया है.

प्रशासन का शुरू से सिर्फ यही कहना है कि पानी निकालने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं. और नगर निगम के अधिकारी सौरव कुमार का कहना है कि पानी की दुर्गंध दूर करने और बीमारी फैलाने वाले कीड़ों को नष्ट करने के लिए रसायन का छिड़काव किया जा रहा है.

बिहार में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से अब तक मरने वालों की संख्या 75 तक पहुंच गई है. पानी से भरे कई इलाकों से राहत और बचाव कार्यों में जुटी टीम की मदद से कई दिनों से सड़ रही लाशों को निकाला गया है. जबकि नौ लोगों की स्थिति गंभीर है.

सात अक्तूबर को रद्द ट्रेनें-

1.    गाड़ी सं. 53627 किउल-गया पैसेंजर
2.    गाड़ी सं. 63241 पटना-गया पैसेंजर
3.    गाड़ी सं.  63339 राजगीर- दानापुर पैसेंजर

आपदा प्रबंधन का कहना है कि हम भारी बारिश की वजह से होने वाले जानमाल के नुकसान पर नजर बनाए हुए हैं. जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ मिलकर भोजन की व्यवस्था करने में जुटे हुए हैं. फंसे नागरिकों के लिए पीने का पानी और दवाई की भी व्यवस्था की जा रही है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मीडिया को बताया कि पटना के लोगों को राहत पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है. सरकार और प्रशासन के काम को ईमानदारी से देखें. लोगों को राहत पहुंचाना हमारी पहली प्राथमिकता है. ये सब प्रकृति के कारण हुआ है. पानी निकालने का पूरा उपाय हो रहा है.

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