देश की सबसे अमीर महिला बनीं रोशनी नादर, कभी न्यूज चैनल में इन्टर्न थी, आज है 54850 करोड़ की संपत्ति

HCL की सीईओ रोशनी नादर मल्होत्रा(Roshni Nadar Malhotra) देश की सबसे अमीर महिला हैं. रोशनी की कुल संपत्ति 54850 करोड़ रुपये है. 27 साल की उम्र में उन्होंने औद्योगिक जगत में कदम रखने के बाद ये मुकाम हासिल किया है.

HCL CEO Roshni Nadar richest woman in the country
HCL CEO Roshni Nadar richest woman in the country

रोशनी के पिता आइटी कंपनी एचसीएल(HCL) के फाउंडर शिव नादर(Shiv Nadar) हैं. रोशनी की परवरिश दिल्ली में हुई है. उनकी स्कूली शिक्षा भी दिल्ली के ही वसंत वैली स्कूल से हुई है. इसके बाद आगे की पढाई के लिए वो विदेश चली गईं जहाँ उन्होंने यूएस की नार्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी से स्नातक किया फिर बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातकोत्तर किया. पढाई के साथ ही वे कई मीडिया चैनल में इन्टर्न भी रहीं.

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लेकिन पिता के कहने पर उन्होंने जॉब छोड़ दी और केल्लोग ग्रैजुएट स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से सोशल इंटरप्राइज मैनेजमेंट एंड स्ट्रेटजी से एमबीए(MBA) किया. एमबीए करने के बाद अक्टूबर 2008 में रोशनी विदेश से इंडिया लौट आईं और अपने पिता के एचसीएल(HCL) कॉर्पोरेशन से जुड़ गईं.

अपने पिता शिव नादर के साथ रोशनी नादर

2009 में रोशनी आईटी कंपनी एचसीएल(HCL) की सीईओ(CEO) बनीं तब उनकी उम्र सिर्फ 27 साल थी. तब औद्योगिक दुनिया ने पहली बार उनका नाम सुना था. उस वक्त उनके नाम एक रिकॉर्ड कायम हुआ था कि वे किसी आइटी कंपनी की जिम्मेदारी संभालने वाली पहली महिला लीडर बनीं थीं.

सीईओ(CEO) बनने के अगले ही साल वे कॉरपोरेशन में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर बन गईं. टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और इन्फोसिस्टम के लिए काम करने वाली एचसीएल(HCL) की वैल्यू करीब 48 हजार करोड़ रुपए है और इसके सारे स्ट्रैटजिक फैसले वही लेती हैं.

साल 2010 में रोशनी ने अपनी ही कंपनी के हेल्थकेयर में वाइस चेयरमैन शिखर मल्होत्रा(Shikhar Malhotra) से शादी की. इसके बाद उनके करियर का दूसरा दौर शुरू हुआ. उनकी अगुवाई में एचसीएल(HCL) ने और प्रगति की. रोशनी नादर के दो बेटे अरमान और जहान हैं.

रोशनी शिव नादर फाउंडेशन(Shiv Nadar Foundation) की ट्रस्टी भी हैं, जिसका फोकस एजुकेशन पर रहता है और इस फाउंडेशन ने भारत में कुछ टॉप कॉलेज और स्कूल्स स्थापित किए हैं. एचसीएल कॉरपोरेशन की सीईओ(CEO) बनने से पहले, रोशनी नादर शिव नाडार फाउंडेशन के ट्रस्टी के रूप में कार्य कर रही थी, जो चेन्नई के श्री शिवसुब्रमण्य नादर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को लाभ के लिए चलता है. वे एचसीएल समूह में ब्रांड निर्माण में भी शामिल थीं. रोशनी नादर(Roshni Nadar) आर्थिक रूप से वंचितों के लिए एक नेतृत्व अकादमी, विद्याज्ञान लीडरशिप अकादमी की अध्यक्षा भी हैं.

रोशनी को वाइल्ड लाइफ और पर्यवरण में भी गहरी दिलचस्पी है. इसके लिए 2018 में उन्होंने द हैबिटेट्स ट्र्स्ट(The Habitats Trust) की नींव रखी. जिसका मकसद वन और वन्य जीवों की रक्षा करना है. ताकि कोई भी वनस्पति या जीव-जंतु विलुप्त न हो.

फोब्र्स ने 2019 में जब दुनिया की सबसे ताकतवर महिलाओं की सूची प्रकाशित की थी तो उसमें रोशनी 54वें स्थान पर थीं. वे इस सूची में 2017 से बनी हुईं हैं. हुरुन इंजिया के अनुसार, रोशनी नादर भारत की सबसे अमीर महिला हैं.

कोरोना के दौर में जहां कंपनियां डूबने लगी हैं, कई कंपनियां बंद हो गईं लेकिन उस दौर में भी एचसीएल(HCL) का तिमाही मुनाफा 31.7 फीसदी बढ़कर 2,925 करोड़ रुपये हो गया है. इसका पूरा श्रेय रोशनी के नेतृत्व को ही मिला है.

इसी साल कंपनी के फाउंडर और चेयरमैन शिव नादर(Shiv Nadar) ने पद से इस्तीफा देने का मन बनाया तो डायरेक्टर्स ने सर्व सम्मति से रोशनी को इस पद के उपयुक्त मानते हुए चेयरपर्सन चुन लिया है.