हाथरस: सरकार ने बताई रात में पीड़िता का अंतिम संस्कार करने की वजह, कोर्ट ने पूछा- गवाहों की सुरक्षा के लिए क्या कर रहे ?

हाथरस गैंगरेप मामले की हाईलेवल जांच की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. अदालत ने मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई की और मामले को अगले हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया है.

hathras case sc hear pil seeking cbi investigation up govt
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कोर्ट ने यूपी सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि गवाहों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए जा रहे हैं। बुधवार तक एफिडेविट देकर बताएं. उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत में हलफनामा दाखिल किया और इसमें अदालत से मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने और अदालत द्वारा इसकी निगरानी किए जाने की मांग की है.

उत्तर प्रदेश सरकार ने ये भी बताया की पीड़ित का अंतिम संस्कार रात में इसलिए किया गया, क्योंकि दिन में हिंसा भड़कने की आशंका थी. इंटेलीजेंस इनपुट मिला था कि इस मामले को जातिवाद का मुद्दा बनाया जा रहा है और पीड़ित के अंतिम संस्कार में लाखों प्रदर्शनकारी जमा हो सकते हैं. जिला प्रशासन ने पीड़िता के माता-पिता को सुबह बड़े पैमाने पर होने वाली हिंसा से बचाने के लिए रात में अंतिम संस्कार करने के लिए मना लिया था.

हाथरस मामले में सरकार को बदनाम करने के लिए नफरत भरा कैंपेन चलाया गया. अब तक की जांच में पता चला है कि कुछ लोग अपने हितों के लिए निष्पक्ष जांच को प्रभावित करना चाहते हैं. इस मामले में दिल्ली से हाथरस आ रहे चार संदिग्धों को मथुरा से गिरफ्तार किया गया है. इनका कनेक्शन पीएफआई से है. इसमें विदेशी फंडिंग होने का दावा किया जा रहा है.

वहीं पीड़ित का शव जल्दबाजी में जलाने और लापरवाही के आरोपों के बीच हाथरस के एसपी समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं. दलित युवती से गैंगरेप करने वाले चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं और सभी को जेल भेज दिया गया है.

मामला हाथरस जिले के चंदपा इलाके के बुलगढ़ी गांव का है. जहाँ 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की दलित युवती से गैंगरेप किया था. आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी. दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की मौत हो गई थी.

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