आज से शुरू हुआ कुंभ मेला, बिना कोविड निगेटिव रिपोर्ट के नहीं मिलेगी एंट्री, जाने से पहले पढ़ें नियम-

हरिद्वार में आज से महाकुंभ-2021 का शुभारंभ हो गया है. इसके लिए दूसरे राज्यों से श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं. कोरोना गाइडलाइंस के तहत निगेटिव रिपोर्ट वाले श्रद्धालुओं को ही एंट्री दी जा रही है.

haridwar kumbh mela 2021 start covid 19 guidelines

कोरोना संक्रमण के कारण इस बार कुंभ मेला एक से 30 अप्रैल तक यानी महीनेभर ही चलेगा. सामान्य परिस्थितियों में कुंभ मेला चार महीने तक चलता है. इस बार कुंभ मेला अवधि में तीन शाही स्नान और दो पर्व स्नान होंगे. बिना कोविड निगेटिव रिपोर्ट के श्रद्धालु गंगा स्नान नहीं कर पाएंगे. कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित 12 राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं पर विशेष नजर रहेगी. जिले के सभी बॉर्डर और मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग श्रद्धालुओं की रैंडम सैंपलिंग करेगा.

सीमा पर पुलिस की तैनाती की गई है. उत्तराखंड सरकार ने लोगों की जांच के लिए बॉर्डर पर कोरोना टेस्टिंग कियोस्क भी बनाए हैं. बाहर से आने वाले लोगों का यहां टेस्ट किया जा रहा है. श्रद्धालुओं को यात्रा शुरू करने से पहले उत्तराखंड सरकार के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु ऐप होना भी जरूरी किया गया है.

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लोकल प्रशासन ने भी सलाह दी है कि 65 साल से ज्यादा उम्र के लोग और 10 साल से कम उम्र के बच्चे, डायबिटीज, हाई बीपी, हार्ट, फेफड़े, कैंसर, गुर्दे की बीमारियों से पीड़ित मरीज और गर्भवती महिलाएं मेले में न आएं. इधर, अखाड़ों ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं. दो अप्रैल से अखाड़ों में धर्मध्वजा लगाने और पेशवाई निकालने का दौर भी शुरू हो जाएगा. सात अखाड़ों की पेशवाई निकाली जा चुकी है, अभी छह और अखाड़े पेशवाई निकालेंगे.

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12 अप्रैल और 14 अप्रैल को होने वाले शाही स्नान के लिए अखाड़ों का क्रम भी तय कर दिया गया है. निरंजनी अखाड़ा सबसे पहले स्नान करेगा. जबकि निर्मल अखाड़ा सबसे आखिर में स्नान करेगा. इन दोनों शाही स्नानों में सभी 13 अखाड़ों के संत-महात्मा और नागा संन्यासी पूरे वैभव के साथ स्नान करेंगे.

मेला क्षेत्र में पॉजिटिव मिलने वालों को कोविड केयर सेंटरों में आइसोलेट किया जाएगा. जांच के लिए 33 टीमें बनाई हैं. इनमें दस निजी और 23 सरकारी हैं. 10 हजार से अधिक एंटीजन सैंपल रोजाना लिए जाएंगे.