फिलस्तीन के गूगल मैप पर इतना धुआं क्यों है : संपादकीय

दोस्तों भले ही भारत में ट्विटर पर बीजेपी सरकार के नेता इजराइल के सपोर्ट में गाना गाते रहे.. इंडिया स्टैंड विद इजराइल की मुहिम चलाते रहे..लेकिन हिंदुस्तान ने अपने पत्ते खोल दिए हैं..भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर फिलिस्तीन का साथ दिया है..संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि तिरूमूर्ति ने कहा कि गजा पट्टी में होने वाले रॉकेट हमलों की भारत कड़ी निंदा करता है..साथ ही दोनों देशों से तत्काल तनाव खत्म करने की अपील करता है..शायद इजराइल भारत का रूख समझ चुका था इसीलिए उसने भारत का नाम अपने सहयोगी देशों की कतार में नहीं रखा था..

Israel-Palestine war google image blure
Israel-Palestine war google image blure

 

गूगल अर्थ से वॉशिंगटन की ली गई सत्वीर

दोस्तों भारत की तस्वीर तो साफ हो गई लेकिन गूगल मैप पर फिलिस्तीन की तस्वीरें धुंधली कर दी गई हैं..जो खोज रहा है उसको मैप धुंधला दिखाई दे रहा है..ऐसा कौन कर रहा है..क्या इजराईल या अमेरिका..ऐसा करके इजराइल फिलस्तीन के भीतर कौन सी बरबरता छिपाना चाहता है..दोस्तों इजराइल और अमेरिका नहीं चाहते हैं कि फिल्स्तीन पर हो रहे जुल्मों की कहानी दुनिया देख पाए..इसलिए जिस 12 मंजिला बिल्डिंग में दुनियाभर के छोटे बड़े मीडिया चैनल थे उस बिल्डिंग को इजराइल ने रॉकेट मारकर गिरा दिया..

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  पूछा गया कि तुम्हारी दुश्मनी तो हमास से थी ना इजराइल भईया..तो हमारी बिल्डिंग पर रॉकेट काहे मार रहे हो..इजराइल ने कहा..तुम्हारी बिल्डिंग मे हमास वाले छिपे हैं..इसीलिए रॉकेट मारना मजबूरी है..आप समझ रहे हैं…इजराइल जहां चाहेगा वहां मिसाइल मारेगा और कह देगा वहां हमास वाले छिपे थे..इजराइल गाजा के आबादी वाले शहरों में रॉकेट मारमारकर बिल्डिंगें अइसे गिरा रहा है जैसे खेत से गाजर मूली उखाड़ी जाती हैं

     दोस्तों इजराइल..फिल्सतीन के गाजा पर कहर बनकर बरस रहा है..अब तक गाजा के 200 निर्दोष नागरिक मारे गए हैं..जिनमें 61 छोटे छोटे मासूम बच्चे हैं..लगभग 36 महिलाएं है जिनमें कोई किसी की मां है कोई बेटी है..10 निर्दोष इजराइली नागरिकों की भी जान चली गई है..दोस्तों सोचिए दोनों तरफ कितना भयानक मंजर होगा..जहां मालूम ही नहीं है कब किसके ऊपर किधर से आई मिसाइल गिर जाएगी..खचाखच भरी आबाद के बीच में इजराइल के फाइटर जेट बम गिरा रहे हैं..और हमास वाले इलजराइल पर अंधाधुंध रॉकेट फेंक रहे हैं..

     लेकिन अगर आप गूगल पर नजदीक से कुछ देखना चाहते हैं तो नहीं देख पाएंगे क्योंकि लोगों का कहना है कि गूगल ने अपने गूगल मैप और गूगल अर्थ पर फिलस्तीन और इजराइल की साफ तस्वीरें दिखाना बंद कर दी हैं..कुछ लोग कह रहे हैं कि इजराइल ने गाजा पर इतने बम बरसाए हैं कि..सब धुआं धुआं हो गया है इसलिए गूगल अर्थ पर गाजा या इजराइल का इलाका साफ नहीं दिख रहा है..

गूगल अर्थ से ली गई फिलस्तीन और इजराइल के कॉन्फ्लि्ट इलाके की मस्जिद की तस्वीर

  ये बात बिल्कुल सही है कि इजराइल फिलस्तीन गूगल मैप पर धुंधला दिखाई दे रहा है..कोई अमेरिकी शहर या कोरियाई शहर बिल्कुल साफ दिखता है..इतना साफ कि आप सड़क पर बने निशानों को और कारों को आराम से देख सकते हैं..लेकिन इजराइल और फिलस्तीन की तस्वीर ऐसे दिखाई देती है जैसे नोकिया 56 सौ से फोटो खींची हो..

नॉर्थ कोरिया की गूगल अर्थ से ली गई तस्वीर

       इसके पीछे है अमेरिका..जी अमेरिका अमेरिका ने 1997 एक कानून बनाया था..जिसका नाम था..काइल-बिंगमैन संशोधन कानून.. यानी KBA.. सुरक्षा कारणों से सेटेलाइट इमेज से टेंशन वाले इलाकों की साफ तस्वीरें आम लोगों को दिखाने से रोक दिया था.. लेकिन बाद में कॉम्पटीशन में फ्रांस की कंपनी एयरबस ने इन तस्वीरों को हाई-रेज़ोल्यूशन में दिखाना शुरू कर दिया..फिर अमेरिका ने 2020 में इमेज धुंधला करने वाला कानून हटा लिया..अमेरिका ने इन क्षेत्रों की हाई-रेज़ोल्यूशन वाली तस्वीरें देने की इजाजत तो दे दी है..लेकिन गूगल का कहना है कि उसके पास जो इमेज होती हैं..उसका कोई एकमात्र सोर्स नहीं, वो कई प्रोवाइडर्स से आती हैं और जब हाई-रेज़ोल्यूशन की इमेज मिलती है तो वो उसे अपडेट करते हैं..फिल्सतीन और इजराइल में हाई रेज्युलेशन की इमेज दिखाने का आभी कोई विचार नहीं है…

जेरुसलम

मैक्सर, प्लेनेट और लैब एयरबस ऐसी कंपनियां हैं जो सेटेलाइट इमेज देती हैं..इन कंपनियों के पास हाई रेजुलेशन इमेज रहती हैं..ये चाहें तो गाड़ी का नंबर तक पढ़ सकते हैं..किताब भी पढ़ सकते हैं..मतलब दो मीटर की दूरी तक सब देख सकते हैं..तो फिलिस्तीन का मैप मिसाइलों के धुएं से नहीं बल्कि अमेरिका और गूगल की दोस्ती से धुधला दिखाई देता है..

वॉशिंगटन

आज के लिए इतना ही..आप मेरी वेबसाइट उल्टा चश्मा यूसी.com पर और जानकारी भरे विश्लेषण पढ़ सकते हैं..वहां आपको मेरे लेख भी मिल जाएंगे..और हां आपसे एक बात और कहनी है…सच को मजबूती से रखने के लिए ट्विटर पर फॉलो करके..मुझे मजबूत कीजिए मेरी शक्ति बनिए ताकि सरकारों और उनके पत्रकारों से बराबरी के लेवल पर आकर बात की जा सके..मैं वहां आपको @pragyalive नाम से मिलूंगी..लिंक डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा क्लिक कीजिए फॉलो कीजिए…चलते हैं राम राम दुआ सलाम जय हिंद..

4 thoughts on “फिलस्तीन के गूगल मैप पर इतना धुआं क्यों है : संपादकीय

  • May 19, 2021 at 7:27 pm
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    हर देश की सेटेलाइट पोलिसी अलग अलग होती है , कुछ देश फुल स्ट्रीट जूमिंग देते है, तो कुछ नही देते।
    काफी विदेशी देशों में हम स्ट्रीट वाल्क को गूगल अर्थ से एक्सेस कर सकते है और बाकी को नहीं।
    इसलिए जरूरी नहीं कि हर देश की क्लियर और स्ट्रीट व्यू की फुल जूमिंग सुविधा मिले। सैटेलाइट पॉलिसी के अंतर्गत आने वाली चीजें है ।
    This is happening due to satellites policy of every country, u can see full street view of some countries, some countries view is not accessible or limited range view.

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    • May 21, 2021 at 9:35 pm
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      आपने अपनी बेशकीमती राय..इस आर्टिकल पर दी है इसके लिए मैं प्रज्ञा मिश्रा..आपका धन्यवाद देती हूं..अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं..तो किसी भी आर्टिकल में कमेंट करके..बता सकते हैं कमेंट का नोटिफिकेशन मुझे पर्नली मेल के जरिए आवश्यक तौर पर प्राप्त होता है..अगर आप किसी विषय पर अपना लेख इस वेबसाइट पर लगवाना चाहते हैं तो हमें भेज सकते हैं..धन्यवाद..

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  • May 19, 2021 at 10:07 pm
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    बहुत बढ़िया पोस्ट मेम, आपकी बेबाक और निर्भीक पत्रकारिता से प्रभावित होकर कमेंट के माध्यम से अपना भरपूर समर्थन व्यक्त करता हूँ, इस दौर में जबकि मेन स्ट्रीम मीडिया में सब कुछ स्क्रिप्टेड और मेनिपुलेटेड है, आपकी साफ सुथरी, स्पष्ट और निर्भीक पत्रकारिता सराहनीय है, डर ये है कि आप ये कितना लंबा कर पाती हैं, अपना विशेष ख्याल रखें क्योंकि जो आप कर रहीं हैं वो इस देश के बहुत सारे लोगों को रास आने वाला नहीं है.. धन्यवाद🙏💕

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    • May 21, 2021 at 9:35 pm
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      आपने अपनी बेशकीमती राय..इस आर्टिकल पर दी है इसके लिए मैं प्रज्ञा मिश्रा..आपका धन्यवाद देती हूं..अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं..तो किसी भी आर्टिकल में कमेंट करके..बता सकते हैं कमेंट का नोटिफिकेशन मुझे पर्नली मेल के जरिए आवश्यक तौर पर प्राप्त होता है..अगर आप किसी विषय पर अपना लेख इस वेबसाइट पर लगवाना चाहते हैं तो हमें भेज सकते हैं..धन्यवाद..

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