संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित होंगी लोकगायिका ‘मालिनी अवस्थी’, कहा- गुरु का आशीर्वाद है

भारतीय लोकगायिका मालिनी अवस्थी देश के साथ साथ विदेशों में भी लोकप्रिय हैं. ठुमरी, कजरी के अलावा हिंदी और अवधी, भोजपुरी, बुन्देलखंडी जैसी लोक भाषाओं को अपनी आवाज दी है.

folk singer malini awasthi honored by sangeet natak akademi awards
folk singer malini awasthi honored by sangeet natak akademi awards

मालिनी अवस्थी उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में 11 फ़रवरी 1967 को पैदा हुई थीं. उन्होंने लखनऊ के भातखंडे संगीत संस्थान से शिक्षा प्राप्त की है. मालिनी ने संगीत की शिक्षा प्रसिद्ध ठुमरी गायिका और बनारस घराने से ताल्लुक रखने वाली पौराणिक हिंदुस्तानी शास्त्रीय गिरिजा देवी से ली. मालिनी की शादी एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अविनीश अवस्थी से हुई है. मालिनी अवस्थी ‘रेलिया बैरन पिया को लिए जाये रे’ गाने के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है.

मालिनी के हर एक गाने को लोग बहुत ही इमोशन्स के साथ मज़े ले कर सुनते हैं. जैसे लोगों को एक अलग ही ख़ुशी मिलती है. लोगों के दिलों में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें नागरिक सम्मान पद्म श्री से 2016 में सम्मानित किया था. इतना ही नहीं लोकगीतों को देश दुनिया में पहुंचाने और जनमानस की परम्परा को दूर-दूर तक लोगों के दिलों में पहुँचाने के लिए उनके इस प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें एक और पुरस्कार दिया जायेगा.

मालिनी अवस्थी को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा हुई है. साथ ही 43 और कलाकारों को भी ये पुरस्कार दिया जायेगा. संगीत नाटक अकादमी की सम्मान परिषद ने गुवाहाटी में फेलोशिप, अकादमी पुरस्कार और बिस्मिल्लाह खां पुरस्कारों की घोषणा की है.

सम्मान की घोषणा होने के बाद मालिनी अवस्थी ने कहा कि मैं इस सम्मान को बहुत बड़ा सम्मान मानती हूँ. मेरे लिए बेहद खुशी की बात है. जब मुझे पद्मश्री पुरस्कार मिलने की घोषणा हुई थी उसी दिन मेरी गुरु अप्पा जी को भी पद्म भूषण से सम्मानित करने की घोषणा हुई थी. और गुरु पूर्णिमा के दिन मैं उनको ही याद कर रही थी तभी मुझे इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की खबर मिली. मैं इसे अपनी गुरु का आशीर्वाद मानती हूं.

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