महंगाई है तो क्या हुआ..तुमसे किसी ने महंगा खरीदने को कहा है क्या ? : संपादकीय व्यंग्य

Pragya Ka Panna Editorial
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हिंदुस्तान में महंगाई से हाहाकार है..सिलेंडर 25 रूपए महंगा होकर 900 हो गया है..जिस सब्सिडी का ढोल पीटा जाता है..वो केवल 35 से 50 रूपए आती है..पेट्रोल डीजल दोनों 100 रूपए के पार हैं..खाने का तेल 200 पार है..लेकिन हिंदुस्तान की राष्टीय मीडिया हिंदुस्तान के लोगों को पाकिस्तान की महंगाई बता रही है..मतलब आपकी जेब काटती रही है तो कोई बात नहीं..पड़ोसी की कितनी कट रही है ये देखकर आप खुश होते रहिए..महंगाई संहारक इन बीजेपी के महापुरुष को सुनते चलिए..

ये भारत को कांग्रेस मुक्त करने निकले थे..लेकिन पेट्रोल डीजल को कांग्रेसी फैसलों से मुक्त नहीं कर पा रहे हैं..वैसे तो ये शेर हैं..लेकिन जैसे ही महंगाई की बात आ जाती है..तो कुछ और हो जाते हैं..बातों से बुलबुले इस धरती पर मौजूद बीजेपी के मंत्री और सांसदों के अलावा कोई और नहीं बना सकता..
महंगाई घटने आए थे..पेट्रोल 35 रूपए में करने आए थे..कालाधन लाने आए थे..भ्रष्टाचार मिटाने आए थे..लेकिन हुआ सब बिल्कुल उल्टा..60 महीने का समय मांगा था..झोला उठाने की बातें हुई थीं..लेकन 7 साल में ही लोग लोगों को झोलाछाप बना दिया..

मोदी जी से तो कोई बोल नहीं सकता है..उनको केवल सुना ही जा सकता है..उनकी इनकमिंग कट है आउटगोईंग ही चालू है..लेकिन बीजेपी के हमारे ऊर्जा मंत्री महंगाई पर कहते हैं..क्यों कार चलाते हो..क्यों बाइक चलाते हो..साईकिल चलाओ..जब सब लोग गाड़ी चलाएंगे तो पेट्रोल डीजल तो महंगा होगा ही..ये भाई साहब मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर हैं..

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ये साक्षात पेट्रोलियम मंत्री हैं..महंगे तेल के लिए लोग इनसे ही पूछते हैं..लेकिन ये कहते हैं सरकार की आमदनी बहुत कम है तेल के दाम कम नहीं कर सकते. दोस्तों महंगाई पर बीजेपी सरकार पूरी तरह से फेल है..राष्टवादी गीतों की आवाजों के नीचे..महंगाई से मारी जा रही जनता की आवाज दब जाती है..जब लोग और परेशान हो जाते हैं तो पाकिस्तान की महंगाई दिखा दी जाती है..जनता को लगता है..सच में चारों ओर महंगाई की मार है..राम राम दुआ सलाम जय हिंद..

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डिस्क्लेमर- लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. भाषा में व्यंग्य है. लेखक का मक्सद किसी पार्टी किसी व्यक्ति किसी सरकार किसी धर्म जाति किसी मानव किसी जीव या फिर किसी संवैधानिक पद का अपमान करना या उनके सम्मान को छति पहुंचाने का नहीं है.. इसलिए व्य्ग्य को व्यंग्य की तरह लें..लेख में सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. भाषा में स्थानीय या यूपी की रीजनल भाषा को सरल करके प्रस्तुत किया गया है. समझाने के लिए बात घुमाकर कही गई है.

3 thoughts on “महंगाई है तो क्या हुआ..तुमसे किसी ने महंगा खरीदने को कहा है क्या ? : संपादकीय व्यंग्य

  • July 3, 2021 at 8:13 am
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    प्रद्युम्न सिंह तोमर खुद 5 गाड़ियों का काफिला ले कर चलते है – तो वे प्रदूषण और जनता की सेहत की बातें तो ना ही करे, अरे मैं ये कहता हूं कि जनता क्यूं समझे भई, क्या ये मंत्री, विधायक, सांसद इत्यादी अपनी गाढ़ी कमाई से पेट्रोल डलवाते है जो जनता को उपदेश देते हैं… भारत के हर विधायक, सांसद (जो हज़ारो की संख्या में है) पेट्रोल के लिए एक अलग मासिक भत्ता पाते है – क्यूं जी? और सिर्फ पेट्रोल नहीं – टेलीफोन – इन्टरनेट और लैपटॉप इत्यादि के लिए भी, खुद संशोधन पारित कर अपनी आय बढ़ाते है, पेंशन (जो बाकि सभी सरकारी कर्मचारियों के रद्द है, पर इन के लिए नहीं) लोकसभा नई, साहिब के लिए नया घर, क्या ये पैसा तुम्हारे पुरखे पीछे छोड़ गए है!! तिस पर भी जनता को ज्ञान वाचते शर्म नहीं आती..
    इंदिरा गांधी के समय सभी राजघरानो को नेहरू काल में दिए गए privy purse ख़ारिज हुए, समझ नहीं आता कि इन आधुनिक नवाबों के privy purse क्यूं खारिज नहीं किये जाते!…

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    • July 3, 2021 at 10:48 am
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      खैर रद्द हो भी कैसे सकते हैं, जब दूध की रखवाली इन बागड़बिल्लो के सुपुर्द है!!!

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    • July 3, 2021 at 11:11 am
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      आपने अपने महत्वपूर्ण समय में से टाइम निकालकर अपने विचार रखे इसके लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद..बेबसाइट के नोटिफिकेशन को जरूर अलाव कीजिए..जिससे नए आर्टिकल का संदेश आपको तुरंत मिल जाए..और जब आपको समय मिले तब पढ़ पाएं अपनी राय रख पाएं..

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