वोटों से भरी EVM बीजेपी विधायक की गाड़ी में पकड़ी गई : व्यंग्य

हाय दईया वोटों से भरी हुई ईवीएम बीजेपी विधायक की गाड़ी में रंगे हाथ पकड़ी गई है..ईवीएम के चाल चलन पर लोगों को पहिले से ही शक था..पूरे मोहल्ले मा चर्चा थी कि ईवीएम और बीजेपी वाले बर्मा जी के बीच तगड़ा नैन मटक्का चल रहा है..

बीजेपी और ईवीएम के चक्कर की खबर शर्माईन बर्माइन.यदवाईन मिश्राईन शुक्लाईन सबका थी..लेकिन बीजेपी वाले बर्मा जी मुस्कुरा के नजरे झुका के कहिते थे कि आइसा कुछ नहीं है..लेकिन अब..ईवीएम और बीजेपी का चोरी छिपे चल रहा याराना जमाने के सामने खुल गया है..इसम में ईवीएम बीजेपी विधायक की गाड़ी के भीतर रंगे हाथ पकड़ी गई है..

चिंटू की मम्मी कहीं और तो और ईवीएम खाली नाहीं थी ईवीएम के भीतर असम के दूसरे चरण के वोट भी थे..चिंटू की मम्मी कहीं बताओ अगर ईवीएम नाही पकड़ी जाती..तो ई ईवीएम कहां जाती..बीजेपी कार्यालय जा सकती थी..बीजेपी कार्यकर्ता इके वोट गिन सकते थे..भगवान का लाख लाख शुक्र है कि कुछ ऊंच नीच नाहीं हुआ नहीं को चुनाव आयोग मोहल्ले मा मुंह दिखाने लायक नाहीं बचता..

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होने को तो कुछ भी हो सकता था..चुनाव आयोग के जो पीठासीन अधिकारियों ने ईवीएम को बीजेपी के हवाले किय़ा था..जब उनसे पूछा गया कि बीजेपी विधायक की गाड़ी में वोटों से भरी हुई ईवीएम कैसे पहुंची..अगर ईवीएम की इज्जत नीलाम हुई जाती तो..तो बिचारे बताए कि उनकी गाड़ी खराब हुई गई थी..बीजेपी विधायक की गाड़ी जा रही थी..हमने लिफ्ट मांग ली..लेकिन मम्मी कसम हमको नाहीं मालूम था कि उ बुरेलो बीजेपी विधायक की थी..चिंटू की मम्मी कहीं कि देखो चुनाव आयोग वाले या तो खुद को ज्यादा चालाक समझत हैं.. या फिर देश का बेवकूफ समझत हैं..तुम बताओ बहिनी का चुनाव आयोग ई असुरक्षित तरीके से ईवीएम एक जगह से दूसरी जगह पर भेजत है का..बीजेपी वाले बर्मा जी की दुल्हिन बोल नाहीं रही हैं इका मतलब है कि बहुतै बड़ा झोल है..

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बताओ चुनाव आयोग वोट से भरी हुई अपनी अकेली ईवीएम को अइसेहे छोड़ रहा है ईका मतलब है कि दाल में कुछ तो काला है..कोई सुरक्षा साथ नाहीं है..बीजेपी नेताओं की गाड़ी मा लिफ्ट लेते हुए स्ट्रॉग रूम तक जा रही है..अइसे मा उके कदम तो बहक जाएंगे ही..नेता लोगन के पीछे 10-10 ठौ गाड़ी का काफिला चलता है..और वोटिंग के बाद ईवीएम का अइसेहे छोड़ दिया जा रहा है.. बिचारी जमाने से बचते बचाते बीजेपी विधायक की गाड़ी मा लिफ्ट लेते हुए..बीजेपी विधायक की गाड़ी नहीं होती तो अबला ईवीएम की रक्षा कौन करता इस देश मा..आज के लिए इतना है चलत हैं..हमारे कहने का कोई मतलब नाहीं है..सब लोग वीडियो देख के चला जात हैं..सब्सक्राइब कोई नाहीं करता है..ई बार हम कुछ नाही कहेंगे..फेसबुक पर देख रहे हो फॉलो कर लेना यूट्यूब पर देख रहे हो तो सब्रसक्राइब कर लेना..

नोट- व्यंग्य में लेखक की भावनाएं और अतिश्योक्ति सम्मिलित है. व्यंग्य का उद्देश्यकिसी की भावनाओं को आहत करने का नहीं है. व्यंग्य शब्दश: पूर्ण सत्य को प्राप्त नहीं है. व्यंग्य अलंकारों से सुशोभित है.