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DRDO की 2-DG दवा कैसी है ? कितने की मिलेगी ? कैसे काम करती है ? जानें सारे जवाब

DRDO की तरफ से तैयार की गई 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज दवा को भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने इमरजेंसी यूज की मंजूरी दे दी है. इसे सबसे पहले दिल्ली के DRDO कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों को दिया जाएगा. क्या आप जानते हैं कैसी है ये दवा और कैसे काम करती है ?

ये दवा एक पाउडर के रूप में होगी

कोरोना की नई दवा 2-DG पर DRDO का कहना है इस दवा से मरीजों की ऑक्सीजन पर निर्भऱता कम होगी, साथ ही उन्हें ठीक होने में 2-3 दिन कम लगेंगे यानी अस्पताल से मरीजों की जल्द छुट्टी हो जाएगी. इस दवा को कोरोना रोकने में प्रभावी माना जा रहा है. वैज्ञानिकों ने बताया कि ये दवा एक पाउडर के रूप में होगी. इसका इस्तेमाल बहुत आसान है. पिछले एक साल से रिसर्च और क्लीनिकल ट्रायल के आधार पर इसे तैयार किया गया है.

दवा का पूरा नाम 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज है

इस दवा को ऐसे समय मंजूरी मिली है जब भारत कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से घिरा है और देश की स्वास्थ्य सेवा भी फेल हो गई है. इस दवा का नाम 2-डीजी है और पूरा नाम 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज है. सामान्य अणु और ग्लूकोज के अनुरूप होने की वजह से इसे भारी मात्रा में देश में ही तैयार और उपलब्ध कराया जा सकता है.

500 से 600 रुपये की हो सकती है कीमत

2-डीजी दवा पाउडर के रूप में पैकेट में आती है, इसे पानी में घोल कर पीना होता है. DRDO के वैज्ञानिकों का कहना है कि ये दवा का न केवल ऑक्सीजन पर निर्भरता को कम करेगी बल्कि अस्पतालों में बेड की कमी को भी दूर कर सकती है. कहा जा रहा है कि इस दवा के एक पैकेट की कीमत 500 से 600 रुपये के बीच हो सकती है. हालांकि इसका उत्पादन करने वाली दवा कंपनी डॉ. रेड्डीज ही सही दाम का खुलासा करेगी.

इस दवा के रिजल्ट अच्छे आये

क्लीनिकल रिसर्च के दौरान 2-डीजी दवा के 5.85 ग्राम के पाउच तैयार किए गए थे. इसके एक-एक पाउच सुबह-शाम पानी में घोलकर मरीजों के दिए गए थे. इसके रिजल्ट अच्छे रहे. मरीजों में तेजी से रिकवरी देखी गई. इसी आधार पर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इस दवा के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी है. ये दवा फिलहाल अस्पतालों में डॉक्टर की सलाह पर ही दी जाएगी.

अधिकारियों ने बताया कि अगले 10 से 15 दिनों में कमर्शियल यूज के लिए भी इसे अस्पतालों में भेजा जाएगा. हालांकि, मार्केट में बिकने के लिए DCGI से मंजूरी लेना जरूरी होगा. जिसमे अभी टाइम लगेगा. अभी इसकी सिर्फ इमरजेंसी यूज की मंजूरी दी गई है.

ये दवा वायरस की वृद्धि को रोकती है

रक्षा मंत्रालय ने भी कहा, देश में कोविड-19 की दूसरी लहर की वजह से बड़ी संख्या में मरीजों को ऑक्सीजन और अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ रही है. ऐसे में इस दवा से कीमती जिंदगियों के बचने की उम्मीद है क्योंकि ये दवा संक्रमित कोशिकाओं पर काम करती है. 2-डीजी दवा वायरस से संक्रमित कोशिका में जमा हो जाती है और वायरस की वृद्धि को रोकती है. वायरस से संक्रमित कोशिका पर चुनिंदा तरीके से काम करना इस दवा को खास बनाता है.

नहीं बनते नए वायरस

दरअसल कोरोना वायरस अपनी ऐनर्जी के लिए मरीज के शरीर से ग्लूकोज लेते हैं. वहीं ये दवा केवल संक्रमित कोशिकाओं में जमा हो जाती है. कोरोना वायरस ग्लूकोज के धोखे में इस दवा का इस्तेमाल करने लगते हैं. इस तरह वायरस को एनर्जी मिलना बंद हो जाती है और उनका वायरल सिंथेसिस बंद हो जाता है. यानी नए वायरस बनना बंद जाते हैं और बाकी वायरस भी मर जाते हैं. 2 डीजी से इलाज कराने वाले अधिकतर मरीज आरटी-पसीआर जांच में निगेटिव आए हैं.

इस दवा की डोज और समय डॉक्टर मरीज की उम्र, मेडिकल कंडीशन आदि की जांच करके ही करेंगे. इसके साथ ही DRDO के वैज्ञानिकों ने बिना डॉक्टरी सलाह, कोरोना से बचने के नाम पर या ज्यादा मात्रा में यह दवा न लेने की चेतावनी भी दी है.

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