15 लाख नहीं दिए उल्टा 1000 रूपए मांगने लगी बीजेपी, चुनाव के नाम पर दे-दे बाबा- व्यंग्य

फोटो सौजन्य twitter- @narendramodi
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मोदी जब प्रधानमंत्री पद का वरण करने वाले थे. तब चुनावी जलसों में कहते थे विदेशों से काला धन आएगा. हर भारतवासी के खाते में 15-15 लाख रुपए आ जाएंगे. लोग मुंगेरी लाल बन गए. 15 लाख सपने में आने लगे. जनधन के खाते खुलने लगे. लोगों को लगा कि काला धन वाला कद्दू कटेगा तो सबमें बराबर बंटेगा. सब खाता खुलाकर चौड़े हो गए. 31 करोड़ खाते खुले. 80 हजार करोड़ जमा हो गए. सरकार ने जन का धन निकलवा लिया. लेकिन 15 लाख नहीं आए.

बीजेपी (BJP) देश की सबसे अमीर पार्टी है. लेकिन फिर भी देश के लोगों से चंदा मांग रही है. 23 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पार्टी बीजेपी को चंदा देने की अपील लोगों से की. प्रधानमंत्री ने ट्वीटर पर लिखा….
‘आप 5 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक नरेन्द्र मोदी मोबाइल ऐप के जरिये चंदा दे सकते हैं. आपका समर्थन और सहयोग कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाएगा’

15 लाख को जुमला घोषित करने वाले बीजेपी के अध्यक्ष ने सबसे पहले 1000 रूपए का नेग नमो एप से जमा करके ट्वीटर पर रसीद पर दे मारी. सुषमा स्वराज ने भी 1000 रुपए का चढ़ावा तुरंत चढ़ा दिया. उन्होंने भी प्रमाण ट्वीटर पर टाप दिया.


सरकार 31 करोड़ लोगों का खाता खुलवा चुकी है. अब थोड़ी सी शरम खाते हुए अपने खाते से बीजेपी के खाते में कुछ खाद पानी डाल दीजिए. कुछ नहीं तो इसी बहाने बैंकिंग भी सीख जाएंगे. वैसे भी 5 रूपए में क्या आता है.

देश में अभी भी 19 करोड़ युवाओं के पास बैंक खाते नहीं है. मतलब सीधे कहें तो 19 करोड़ युवा निठल्ले घूम रहे हैं. रोजगार वो खुद तलाश लें. जनधन खाता सरकार दे देगी. चंदा लेने के लिए बीजेपी पलक पावड़े बिछाकर बैठी है. 19 करोड़ युवा निराश ना हों चुनाव आ रहे हैं. नारा लगाने जानते हैं तो रोजगार आपके द्वार आने वाला है.

अमीरी के मामले में बीजेपी के आगे देश की कोई पार्टी नहीं टिकती. एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक 2016-17 में बीजेपी की कमाई 1 हजार 34 करोड़ रुपए थी. जिसमें 5 सौ 33.27 करोड़ रुपए चंदे से मिले थे. आप चंदा दीजिए मोदी जी जांद वाली योजना का खुलासा पहले ही कर चुके हैं.


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(((लेखक लखनऊ यूनिवर्सिटी के राजनीति शास्त्र के पूर्व प्रोफेसर हैं. लेख में उनके अपने विचार हैं. इससे Ultachasmauc.com सहमत या असहमत नहीं है)))

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