क्या है डेल्टा+ वेरिएंट ? देश में अभी कितने मामले हैं ? क्या डेल्टा+ लाएगा तीसरी लहर ?

कोरोना का खतरा कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है अभी कोरोना की दूसरी लहर की रफ़्तार धीमी पड़ी है और लोग फिर से अपनी घर ग्रहस्ती बनाने में लग गए हैं लेकिन कोरोना के डेल्टा+ Delta Plus वेरिएंट ने फिर से दहसत बना दी है. इसके साथ ही तीसरी लहर का खतरा भी बढ़ता जा रहा है. आइये जानते हैं डेल्टा+ Delta Plus कितना खतरनाक है-

Delta Plus Variant cases state wise in india
Delta Plus Variant cases state wise in india

केंद्र सरकार ने 8 राज्यों को किया अलर्ट

केंद्र सरकार ने इस बात की पुष्टि की है कि देश में कोरोना की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है. केंद्र सरकार ने 8 राज्यों को चिट्ठी लिखकर कोरोना के डेल्टा प्लस Delta Plus वैरिएंट के लिए अलर्ट किया है. इनमें आंध्रप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, कर्नाटक, राजस्थान और तमिलनाडु शामिल हैं. केंद्र ने कहा कि कोरोना के इस वैरिएंट के मामले देश में तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में टेस्टिंग, ट्रैकिंग और वैक्सीनेशन की रफ्तार और बढ़ाने की जरूरत है. जहां-जहां भी डेल्टा प्लस Delta Plus के केस मिलते हैं, वहां सख्त कंटेनमेंट के इंतजाम किए जाएं.

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डेल्टा प्लस वैरिएंट के देश में 50 मामलों की पहचान

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इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के DG डॉ. बलराम भार्गव ने बताया कि डेल्टा प्लस Delta Plus वैरिएंट अभी 12 देशों में मौजूद है. देश में अब तक 11 राज्यों में 50 मामलों की पहचान की गई है. अब तक के वैरिएंट- अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा के आधार पर ही डेल्टा प्लस के लिए वैक्सीन के एफिकेसी की पहचान की जा रही है. इसके परिणाम अगले 7 से 10 दिनों में मिल जाएंगे.

दूसरी लहर का जिम्मेदार डेल्टा वैरिएंट

एक बात तो साफ हो गई है कि डेल्टा वैरिएंट ही देश में दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार है. क्योंकि रिसर्च में भारत में दूसरी लहर के दौरान 90% केस डेल्टा वैरिएंट के पाए गए हैं. डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले हमारे देश में अभी बहुत कम पाए गए हैं. लेकिन जो स्थिति दिख रही है उससे यही लगता है कि ये डेल्टा प्लस Delta Plus वैरिएंट तीसरी लहर का कारण बन सकता है.

गाइडलाइन में सख्त निर्देश

केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन में सख्त निर्देश दिए गए हैं कि जिन राज्यों या जिलों में डेल्टा प्लस Delta Plus के मरीज मिलें, वहां भीड़ को रोकने और लोगों के मिलने-जुलने और आवाजाही पर नियंत्रण के लिए तत्काल जरूरी उपाय किए जाएं. जिन जिलों में डेल्टा प्लस के केस मिले हैं, वहां तत्काल प्रभाव से कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं. पाबंदियों का सख्ती से पालन कराया जाए. कोरोना संक्रमित पाए गए लोगों के पर्याप्त नमूने तत्काल भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक कंसोर्शिया (INSACOG) की प्रयोगशालाओं में भेजे जाएं.

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डेल्टा+ वैरिएंट क्या है ?

अब तक कुल 12 राज्यों में इस वैरिएंट के केस पाए गए हैं. 45 हजार सैंपल की जांच में सबसे ज्यादा 22 मामले महाराष्ट्र में रिपोर्ट किए गए हैं. दरअसल भारत में मिले कोरोना वायरस के डबल म्यूटेंट स्ट्रेन B.1.617.2 को ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डेल्टा नाम दिया है. B.1.617.2 में एक और म्यूटेशन K417N हुआ है, जो इससे पहले कोरोना वायरस के बीटा और गामा वैरिएंट्स में भी मिला था. नए म्यूटेशन के बाद बने वैरिएंट को डेल्टा+ Delta Plus वैरिएंट या AY.1 या B.1.617.2.1 कहा जा रहा है.

तीसरी लहर का कारण बन सकता है डेल्टा प्लस वैरिएंट

डेल्टा प्लस Delta Plus वैरिएंट को लेकर चिंता इसलिए भी वाजिब है क्योंकि ये बाकी वैरिएंट की तुलना में ज्यादा संक्रामक है, यानी ज्यादा तेजी से फैलता है. एक्सपर्ट चिंता जता चुके हैं कि अगर देश में कोरोना की तीसरी लहर आती है तो उसके पीछे डेल्टा प्लस Delta Plus वैरिएंट जिम्मेदार होगा. ‘डेल्टा प्लस’ का खतरा अब उत्तर प्रदेश में भी मंडराने लगा है. नागपुर से आए एक व्यक्ति में डेल्टा प्लस Delta Plus वैरिएंट की पुष्टि के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने अहम निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने प्रदेश में आने वाले यात्रियों की आरटीपीसीआर जांच कर उनके सैम्पल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराने के निर्देश दिए हैं.

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3 thoughts on “क्या है डेल्टा+ वेरिएंट ? देश में अभी कितने मामले हैं ? क्या डेल्टा+ लाएगा तीसरी लहर ?

  • June 27, 2021 at 10:03 pm
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    Vaccine – Delta plus variant को रोके ना रोके, देखना तो यह है कि, क्या delta plus variant – उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव में रैलियों को रोक पाता है या नहीं…

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