इस महीने भारत को मिल जाएंगे ‘राफेल विमान’, फ्रांस ने कहा- आपूर्ति में कोई देरी नहीं होगी

लड़ाकू विमान राफेल को सभी जानते होंगे जितनी ही बेहतरीन इसकी खासियत है उतना ही ये विमान विवादों में भी रहा है. अभी हालही में इसकी आपूर्ति में देरी होने की ख़बरें आ रहीं थीं. जिसका सबसे बड़ा कारण कोरोना माना जा रहा था.

defence minister holds talks with french counterpart florence parly
defence minister holds talks with french counterpart florence parly

कहा जा रहा था कि कोरोना वायरस के चलते राफेल लड़ाकू विमानों की आपूर्ति में देरी हो सकती है. लेकिन सभी अफवाहों को ख़ारिज करते हुए फ्रांस ने बड़ा ऐलान कर दिया था. भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनिन ने कहा था कि भारत को 36 राफेल लड़ाकू विमानों की आपूर्ति में कोई देरी नहीं होगी और जिस समय सीमा को तय किया गया था उसका सख्ती से पालन किया जाएगा.

उन्होंने बताया था की राफेल विमानों के अनुबंधात्मक आपूर्ति कार्यक्रम का अब तक बिल्कुल सही तरीके से सम्मान किया गया है और वास्तव में अनुबंध के मुताबिक अप्रैल के अंत में फ्रांस में भारतीय वायु सेना को एक नया विमान सौंपा भी गया है. हम भारतीय वायुसेना की पहले चार विमानों को यथाशीघ्र फ्रांस से भारत ले जाने की व्यवस्था करने में मदद कर रहे हैं. इसलिये, कयास लगाए जाने के कोई कारण नहीं हैं कि विमानों की आपूर्ति के कार्यक्रम की समयसीमा का पालन नहीं हो पाएगा.

मंगलवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पारले से टेलीफोन पर वार्ता की है. इस दौरान फ्रांस की रक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि कोरोना वायरस महामारी के बावजूद राफेल विमान तय समय के अनुसार भारत पहुंचाए जाएंगे. इस बातचीत के दौरान हिंद महासागर क्षेत्र पर भारत-फ्रांस की संयुक्त सामरिक दृष्टि को पूरा करने के लिए दोनों मंत्री एक साथ काम करने के लिए सहमत हुए. फ्रांस की रक्षा मंत्री ने कहा कि राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप जुलाई के महीने में भारत पहुंच जाएगी.

बतादें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आठ अक्टूबर को फ्रांस में एक हवाई अड्डे पर पहला राफेल जेट विमान प्राप्त किया था. उड़ान भरने से ठीक पहले नये विमान का शस्त्र पूजन किया था और उस पर ‘ओम तिलक लगा कर पुष्प और नारियल चढ़ाया था.

राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया था कि हम किसी अन्य देश को धमकाने के लिये हथियार या अन्य रक्षा साजो सामान नहीं खरीदते हैं बल्कि हम अपनी क्षमताओं को बढ़ाने एवं रक्षा पंक्ति को मजबूत करने के लिए इन्हें खरीदते हैं. राफेल विमान खरीद का श्रेय अवश्य ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है. उनके निर्णय लेने की क्षमता से हमारे राष्ट्र की सुरक्षा को काफी फायदा पहुंचा है.

उन्होंने आगे कहा था कि उम्मीद करते हैं कि 36 लड़ाकू विमानों में से 18 विमान फरवरी 2021 तक सौंप दिये जाएंगे, जबकि शेष विमान अप्रैल-मई 2022 तक सौंपे जाने की उम्मीद है. मुझे बताया गया है कि फ्रेंच ‘शब्द राफेल का अर्थ ‘आंधी है. मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि विमान अपने नाम को सार्थक करेगा.

भारत सरकार ने भारतीय वायुसेना की आपातकालीन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 36 लड़ाकू राफेल विमान के लिए सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.

बतादें कि फ्रांस कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों से जूझ रहा है और यूरोप से सबसे प्रभावित देशों में से एक भी है. यहाँ एक लाख 45 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए हैं जबकि 28,330 लोगों की मौत हो चुकी है. ऐसी आशंकाएं थीं कि राफेल विमानों की आपूर्ति में महामारी के कारण देर हो सकती है. लेकिन फ्रांस ने सभी आशंकाओं पर रोक लगा दी है.

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