crossorigin="anonymous"> इतिहास दाढ़ी पकड़कर पूछेगा..हमको रेत में क्यों दबाया..टायर से क्यों जलाया : संपादकीय - Ulta Chasma Uc

इतिहास दाढ़ी पकड़कर पूछेगा..हमको रेत में क्यों दबाया..टायर से क्यों जलाया : संपादकीय

उत्तर प्रदेश का हेल्थ सिस्टम राम भरोसे है..राम भरोसे का मतलब ये नहीं है कि भगवान राम ने यूपी की सरकार को टेकओवर कर लिया है..राम भरोसे का मतलब है..आप जिसके भरोसे है..उसकी आपके लिए कोई अनिवार्य जवाबदेही नहीं है..सिस्टम को अच्छा लेगेगा तो वो आपकी जान बचाएगा..नहीं बचाएगा तो आप आधिकारिक तौर पर दबाव नहीं बना सकते…राम भरोसे का मतलब है लोगों के प्रति जवाबदेही की गारंटी का न होना…यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था राम भरोसे चल रही है..ये कहा है इलाहाबाद हाईकोर्ट ने..नमस्कार मैं प्रज्ञा मिश्रा हूं..

Pragya Ka Panna Editorial
Pragya Ka Panna Editorial
  दोस्तों बात इलाहाबाद की चल रही है तो ये तस्वीर देख लीजिए..इलाहाबाद वही जिला है जिसका नाम योगी जी ने प्रयागराज कर दिया था..नाम बदलने का कारण इतना सा था कि इलाहबाद से मुस्लिम नाम की बू आती थी..और प्रयागराज हिंदू नाम..मतलब नदियों के मिलने की जगह को प्रयाग कहते हैं..

नाम बदलने के पीछे बहुत बड़ा कारण नहीं था..हिंदू राजा के राज्य में जिले का मुस्लिम नाम सूट नहीं कर रहा था..बस इतनी सी बात थी..जो लोग हिंदुत्व के इतने बड़े पुरोधा थे..नाम तक बदल देते थे..उनका हिंदुत्व अब हिरन हो गया है..मेरे उत्तर प्रदेश के भाई बहन गंगा में बह रहे हैं..कुत्ते डेटबॉडी नोच रहे हैं..लाशें जलाने के बजाए रेत में दबा दी जा रही हैं..ये सब हो रहा है आज तक के सबसे मजबूत हिंदूवादी राजा के राज में…

मुझे ब्राह्मण होकर ऐसा कहना पड़ रहा है..हिंदू संस्कृति संस्कार और मूल्यों की रक्षा का दावा करने वाले यूपी के हिंदूवादी राजा के प्रयागराज में..जब तेज हवाएं चलीं तो गंगा किनारे दफ्न कब्रों से रेत उड़ गई..रेत खिसकते ही लोगों के पांव के नीचे से जमीन खिसक गई..

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अब जो दिख रहा है..वो विचलित करने वाला है..यहां के लोग कहते हैं…अंतिम संस्कार महंगा है..हिंदू धर्म के लोग भी लाशें जलाने की जगह दफनाने पर मजबूर हैं..कोर्ट कहता है यूपी राम भरोसे है..लेकिन सरकार के लिए सब ठीक हैं..लाशें भी लोग भी..

जिनको चिता की आग तक नसीब नहीं हुई तो कोई बात नहीं..लेकिन जिनको नसीब हुई है उनकी तस्वीर देख लीजिए..ये उत्तर प्रदेश का बलिया जिला है..यहां एक मृत की लाश टायर से जलाई जा रही है..हिंदू रिति रिवाजों में टायर से इंसान को फूकने का जिक्र कहीं नहीं मिलता..ये दुर्दशा है..ये हिंदू रितिरिवाजों और मूल्यों की हत्या है..और इसकी जिम्मेदार सिर्फ सरकार है…हिंदू और हिंदू संस्कृति से छल करने वालों से एक दिन इतिहास..दाढ़ी पकड़कर ज़रूर पूछेगा की उनकी लाश को टायरों से क्यों जलने दिया..उनको रेत में क्यों दबने दिया..वो भी तब जब उन लोगों ने मत से लेकर मौत तक..सब तुम्हारे नाम कर दिया था…चलते हैं राम राम दुआ सलाम..जय हिंद..

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DISCLAMER- लेख में प्रस्तुत तथ्य/विचार लेखक के अपने हैं. किसी तथ्य के लिए ULTA CHASMA UC उत्तरदायी नहीं है. लेखक एक रिपोर्टर हैं. लेख में अपने समाजिक अनुभव से सीखे गए व्यहवार और लोक भाषा का इस्तेमाल किया है. लेखक का मक्सद किसी व्यक्ति समाज धर्म या सरकार की धवि को धूमिल करना नहीं है. लेख के माध्यम से समाज में सुधार और पारदर्शिता लाना है.

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