भारत में तेजी से बढ़ रहे कोरोना मरीज, संख्या 2.87 लाख के पार, बचना है तो सख्‍ती से पालन करें ये दिशानिर्देश

भारत में कोरोना वायरस मामलों की संख्या हर तीन सप्ताह में दोगुनी हो रही है. और लॉकडाउन भी राहत के साथ खुल चुका है, ऐसे में अब सभी को सतर्क रहने की जरूरत है.

covid 19 cases in india doubling every three weeks follow guidelines
covid 19 cases in india doubling every three weeks follow guidelines

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि भारत में कोरोना संक्रमण के मामले तीन हफ्ते में दोगुने हो रहे हैं लेकिन लगातार मामले नहीं बढ़ रहे हैं. भारत ही नहीं बांग्लादेश, पाकिस्तान और दक्षिण एशिया के घनी आबादी वाले देशों में अब भी महामारी की स्थिति विस्फोटक नहीं हुई है. लेकिन ऐसा होने का जोखिम बना हुआ है. चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगर वायरस का सामुदायिक स्तर पर संक्रमण होना शुरू हुआ तो ये काफी तेजी से फैलेगा. जो बहुत ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है.

प्रवासियों की बहुत ज्यादा संख्या होना, शहरी इलाकों में भीड़-भाड़ और कई लोगों के पास रोजाना काम पर जाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है, जैसे कई मुद्दे हैं. डब्ल्यूएचओ ने फेसमास्क को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इसमें कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए फेस मास्क को सार्वजनिक जगहों पर पहनना अनिवार्य बताया गया है.

जहां संक्रमण ज्यादा है वहां के लोगों को हर हाल में मास्क पहनना चाहिए. इसके साथ ही भीड़भाड़ वाली जगहों जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल और दुकानों में भी मास्क पहनना बेहद जरूरी है. सभी स्वस्थ लोगों को तीन परतों वाला फैब्रिक मास्क पहनना अनिवार्य बताया गया है. इसमें सूत का अस्तर, पोलिएस्टर की बाहरी परत और बीच में पोलिप्रोपायलीन की बनी ‘फिल्टर’ हो. जो लोग बीमार हैं, वे ही केवल मेडिकल ग्रेड का मास्क पहनें.

कपड़े का मास्क गीला होने पर बदला न जाए तो संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है. कोरोना से बचने के लिए सामाजिक दूरी और हाथों को समय पर धोना भी बेहद जरूरी है. महज मास्क ही कोविड-19 से नहीं बचा सकता. इसके अलावा शारीरिक दूरी बनाने, हाथों को साफ रखने और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के अन्य उपायों को किया जाना चाहिए.

भारत में अब रोजाना करीब 10 हजार नए केस सामने आ रहे हैं. इसके साथ ही भारत ने स्पेन को पीछे छोड़ दिया है. अब भारत कोरोना वायरस महामारी से सबसे बुरी तरह से प्रभावित दुनिया का पांचवां देश बना, ये बेहद चिंता की बात है.

कोरोना से संक्रमित किसी व्यक्ति में ये वायरस शुरुआती चार या पांच दिन तक गले की लाइनिंग में उलझा रहकर गले की कोशाओं में प्रविष्ट होकर आगे बढ़ने की कोशिश करता है. इसीलिए पहले चार या पांच दिनों में गर्म भाप लेकर या हर 20 मिनट में गरम पानी पीते रहने की सलाह भी दी जाती है, क्योंकि वायरस गले की कोशाओं में प्रविष्ट न हो पाए, तो ये सीधे अमाशय में पहुंचता है, जहां अम्ल इसे निष्क्रिय करने में सक्षम है.

वैज्ञानिकों ने अनेक शोधों के जरिये यह जाना-समझा है कि यहां के लोगों में सामूहिक प्रतिरक्षात्मकता इस कदर मजबूत है कि यदि लोग सरकार द्वारा कोविड महामारी से निपटने के संबंध में जारी किए गए तमाम दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करते रहे, तो निश्चित तौर पर इस महामारी को मिलकर हराया जा सकता है.

10 जून की रात तक भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 2,87,155 हो गई है. बड़ी राहत की बात है कि देश में रिकवरी दर 50 प्रतिशत को गई है. देश में अबतक 1,40,979 मरीज ठीक हो कर घर लौट चुके हैं. और 1,38,055 मरीज अस्पतालों में भर्ती है. वहीं इस वायरस ने अबतक 8,106 लोगों की जान ले ली है.