लखनऊ: श्मशानघाट में बवाल, अंतिम संस्कार का बताया 20 हजार रुपये, कब्र‍िस्‍तानों में भी महंगाई बढ़ी

कोरोना महामारी से राजधानी लखनऊ के हालात और बिगड़ गए हैं. लखनऊ में मरने वालों का आंकड़ा दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है. शहर के दो श्मशान स्थलों पर सोमवार को रात आठ बजे तक 130 शव पहुंचे. इसमें ज्यादातर शव संक्रमित माने जा रहे हैं.

costly cemeteries due to corona infection in lucknow

अंतिम संस्कार में लकड़ियां कम पड़ रही

हालात इतने खराब हैं कि शवों के अंतिम संस्कार में लकड़ियां कम पड़ रही हैं. लोगों ने अब हंगामा शुरू कर दिया है. इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने कई जिलों से लकड़ियां मंगवा कर लखनऊ में लकड़ी की व्यवस्था कराई और ठेकेदारों को लकड़ी की कमी न होने देने की हिदायत भी दी है. अकेले बैकुंठधाम पर सोमवार को 86 शव पहुंचे थे. इनका अंतिम संस्कार विद्युत शवदाह गृह और लकड़ी से अलग से बने स्थलों पर किया गया.

ऐशबाग से नहीं आ पा रही लकड़ी

बैकुंठधाम पर लकड़ी कम पड़ जाने पर अंतिम संस्कार कराने आए लोगों को निशातगंज, रहीम नगर और डालीगंज आदि से लकड़ी खरीद कर लानी पड़ी. जहां उनसे मनमाना दाम वसूला गया. अंतिम संस्कार कराने वाले और लकड़ी की टाल वाले दीपू पंडित ने बताया कि अचानक शवों की संख्या बढ़ जाने से मांग के अनुरूप ऐशबाग से लकड़ी नहीं आ पा रही है. कटान बंद होने से ये समस्या हुई है.

20 हजार रुपये का बताया खर्च

दीपू ने बताया कि पहले 15 से 20 शव आते थे, अब 40 आ रहे हैं. घाट पर लकड़ी का रेट 550 रुपये प्रति कुंतल फिक्स है, लेकिन बाहर वाले अधिक पैसा वसूल रहे हैं. वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सुमन सिंह रावत ने बताया कि जब उनके रिश्तेदार का शव वहां पहुंचा तो एंबुलेंस, लकड़ी, पंडित, सफाई करवाने समेत 20 हजार रुपये का खर्च बताया गया. जबकि नियम से किया जाए तो महज 3800 रुपये में दाह संस्कार हो जाता है.

कब्रिस्तानों में भी बढ़ा रेट

शवदाह गृहों के बाद अब ये स्थिति कब्रिस्तानों में भी दिखने लगी है. साढ़े पांच फीट गहरी खोदी जाने वाली कब्रों की गहराई बढ़ाकर 10 फीट कर दी गई है. इसके पीछे मंशा है कि संक्रमण फैलने से रोका जा सकते. डालीगंज स्थित कब्रिस्तान में सामान्य दिनों में एक दिन में एक शव आता है, लेकिन संक्रमण काल में ये संख्या छह गुना हो गई है. यहां कब्र की खोदाई करने की मजदूरी पांच सौ रूपये प्रति कब्र से बढ़ाकर 800 रुपये कर दी गई है.

बढ़ी शवों की संख्या

शहर में ऐशबाग, निशातगंज, तालिटोरा, माल एवेन्यू व आलमबाग समेत शहर के हर कब्रिस्तान में संक्रमण काल में संख्या बढ़ गई है. एक से पांच तरीख तक मात्र छह शव आए थे और छह से 11 अप्रैल के बीच 38 शव आए हैं. कब्रिस्तान के उप सदर जावेद खान व सचिव मो.सुफियान के निर्देश पर 800 रुपये कब्र की खोदाई की नई दर लिख दी गई है. मनमानी को रोकने के लिए ऐसा किया गया है. आने वाले समय में किब्रिस्तानों में जगह को लेकर भी मारामारी होने वाली है.