जानें- कितना ख़तरनाक है कोरोना वायरस, कैसे होता है शरीर में प्रवेश, बचाव के तरीक़े और लक्षण

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है. विश्व में एक दिन में लगभग 1 हज़ार लोगों की मौत हो रही है. भारत भी इससे बचा नहीं है, लेकिन यहाँ सरकार ने स्थिति काफी सुधार ली है.

coronavirus stages in india tips do the help stop coronavirus
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पूरे विश्व को पता है की इसका इलाज कहीं नहीं है. सिर्फ बचाव ही इस वायरस का सबसे बड़ा इलाज है. केंद्र सरकार इसको लेकर पहले से ही गंभीर हो चुकी है. और काफी कंट्रोल भी कर रखा है. देश भर में अब तक कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या 415 हो गई है. वहीं इससे अभी तक 7 लोगों की मौत हुई है. पीएम मोदी ने साफ़ कह दिया है कि सभी को सुरक्षा में साथ देना होगा नहीं तो इस वायरस से काफी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है.

देश में इस वायरस से बचाव के लिए काफी बड़े लेवल पर काम किया जा रहा है. शोधकर्ताओं का मानना है कि भारत में कोरोना वायरस को अगले स्टेज में पहुंचने से रोकने के लिए एक महीने से भी कम समय बचा है. इस बीच पर्याप्त उपाय कर के इसे स्टेज-3 में पहुंचने से रोका जा सकता है. उनके मुताबिक सरकार इस दिशा में काम भी कर रही है. लेकिन ये नहीं कहा जा सकता कि कोरोना वायरस खत्म कब होगा

स्टेज-1: संक्रमित जगहों से वायरस फैलने के मामले सामने आते हैं
स्टेज-2: स्थानीय लोगों में फैलना शुरू होता है, मामले बढ़ने लगते हैं.
स्टेज-3: बड़े पैमाने पर ये समुदायों, मोहल्लों में फैलने लगता है.
स्टेज-4: बीमारी महामारी में बदल जाती है, कहना मुश्किल कि कब-कहां खत्म होगी.

  • अपने हांथों को 20 सेकेण्ड तक साबुन और गर्म पानी से धोएं, या सेनिटाइजर का प्रयोग करें
  • कहीं भी बाहर न जाएँ और हो सके तो घर से ही अपना काम करें
  • खांसते और छीकते समय रुमाल या टिशू पेपर का स्तेमाल करें
  • बिना हाँथ धोए अपनी आँख, मुँह और नाक को न छुएं
  • जो भी लोग आपके घर में या परिवार में बीमार हैं उनके पास जाने से बचें, उनको सबसे अलग रखें
  • आपको थोड़ी-थोड़ी देर पर अपने हाथ धोने होंगे
  • अगर आपको अपनी तबियत खराब लग रही है तो घर पर रहें

कोरोना वायरस लगातार अपना रूप बदल रहा है और वो कभी भी अपना चरम रूप अख्तियार कर सकता है. ICMR कोरोना वायरस के स्वरूप पर लगातार नजर रखे हुए है. कोरोना की फिलहाल कोई दवा नहीं है, जबकि फ्लू की चार दवाइयां पहले से हैं. लक्षण सामने आने पर तुरंत डॉक्टर से मिलने और दवा लेने से राहत मिल सकती है. कोरोना वायरस कोविड-19 या फिर SARS-CoV-2 इस समय दुनिया के 3.32 लाख से ज्यादा लोगों को संक्रमित कर चुका है. 14,587 लोगों की जान जा चुकी है.

कोरोना वायरस आपके नाक, मुंह या आंखों के जरिए आपके शरीर में घुसता है. इसके बाद ये शरीर की कोशिकाओं तक जाता है. इसके बाद कोरोना वायरस का जीनोम हमारे शरीर की कोशिकाओं में एक निगेटिव वायरल प्रोटीन बनाना शुरु कर देता है. इसके लिए वो हमारी कोशिकाओं से ऊर्जा लेता है. ताकि वो शरीर के अंदर ही नए कोरोना वायरस पैदा कर सके.

धीरे-धीरे कोरोना वायरस जैसे कांटे हमारे शरीर की कोशिकाओं में विकसित होने लगती हैं. फिर, ये टूटकर नए कोरोना वायरसों को जन्म देना शुरू करती हैं. और वायरस के नए RNA शरीर में फैलने लगते हैं. आखिर में इंसानी शरीर की कोशिकाएं मरने लगती हैं. फिर धीरे से ये वायरस फेफड़ों में पहुंचकर ऑक्सीजन साफ करने की प्रक्रिया को बाधित करती हैं. बतादें कि इंसानी शरीर के अंदर संक्रमित हर कोशिका लाखों वायरस बना सकती हैं.

इस वायरस के लक्षण फ्लू से मिलते-जुलते हैं. संक्रमण में बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. कोरोना वायरस में कुल मिलाकर सात कोरोना वायरस हैं. ये हैं – SARS, MERS, SARS-CoV-2, HKU1, NL63, OC43 और 229E. इनमें सिर्फ SARS, MERS, SARS-CoV-2 ही खरनाक है. बाकी सामान्य जुकाम और फ्लू के कोरोना वायरस हैं.

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