आने वाला है कोरोना का सबसे बुरा दौर, 1918 के फ्लू की तरह बन रहे हालात, WHO ने दी चेतावनी

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस दिन पर दिन गंभीर होता जा रहा है. पूरी दुनिया में करीब 2 लाख लोगों की मौत हो चुकी है. और दूसरी तरफ अमेरिका और चीन के बीच आरोप-प्रत्यारोप और फंडिंग को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पिस रहा है.

coronavirus research who warns the worst is yet to come
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ऐसे में अब डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस महामारी को लेकर गंभीर चेतावनी जारी कर दी है. डब्ल्यूएचओ संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रॉस गीब्रियेसस ने कहा है कि इससे भी बुरा वक्त आगे आने वाला है ऐसे हालात पैदा हो सकते हैं कि दुनिया कोविड-19 महामारी का और ज्यादा बुरा रूप देखेगी. नए डेटा के आधार के मुताबिक पूरे विश्व में सिर्फ 2 से 3 फीसदी आबादी में ही इस वायरस की इम्यूनिटी है, लेकिन बिना वैक्सीन के स्थितियां लगातार बिगड़ रही हैं.

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डॉ. टेड्रॉस गीब्रियेसस ने दुनिया के सभी देशों से अपील की है कि वे लॉकडाउन हटाने का फैसला लेने में जल्दबाजी न करें क्योंकि ढील देने से स्थितियां बिगड़ सकती हैं. मतलब है कि अगर लोग अपने घरों से निकले तो इस वायरस को रोकना नामुमकिन है. ये बहुत खतरनाक स्थिति है और मौजूदा हालात 1918 के फ्लू की तरह बन रहे हैं, जिसमें 5 करोड़ से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी.

गीब्रियेसस ने साफ़ कहा है कि आज के समय में हमारे पास टेक्नोलॉजी है और इसकी मदद से हम इस आपदा से बच सकते हैं. हम पर विश्वास करें. इस आपदा को रोकने में आगे आएं क्योंकि ये ऐसा वायरस है जिसे अभी भी लोग समझ नहीं पा रहे हैं. हम पहले दिन से चेतावनी दे रहे हैं कि ये ऐसा शैतान है जिससे हम सभी को मिलकर लड़ना है.

डब्ल्यूएचओ की टेक्निकल हेड डॉ मारिया वान केरखोव ने भी माना है कि संक्रमण की दर हमारी सोच से ज्यादा होगी. कई स्टडीज से पता चला है कि पूरे विश्व की आबादी का केवल दो से तीन प्रतिशत हिस्सा ऐसा है जिसमें इस वायरस से लड़ने की एंटीबॉडीज हैं.

विश्व भर की बात करें तो भारत ही एक ऐसा देश है जहाँ कोरोना पर नियंत्रण बना हुआ है. चीन के बाद विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले भारत में अभी तक 20 हज़ार मरीज हैं. और मरने वालों की संख्या 652 हो गई है. देखा जाए तो बहुत हद तक भारत ने इसको कंट्रोल कर रखा है. डब्ल्यूएचओ की इस चेतावनी के बाद देशवासियों को और भी सावधानी के साथ रहना और काम करना होगा.