देश में ‘कोरोना’ आपदा घोषित, 4 लाख मुआवजा देने से पीछे हटी सरकार, अब तक 99 मामलों की पुष्टि

विश्व भर में अपने पांव पसार चुके कोरोना वायरस के अब तक 99 मामलों की पुष्टि भारत में हुई है. उत्तर प्रदेश में भी इसका कहर तेजी से शुरू हो रहा है. राजधानी लखनऊ में दो मामलों की पुष्टि हो गई है. जिसके बाद से खलबली मच गई है.

coronavirus effect in india declared national disaster
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उत्तर प्रदेश में अबतक 12 मरीजों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है. 13 राज्यों में कोरोना का संक्रमण फैल चुका है. लखनऊ में कोरोना की पहली मरीज कनाडा से आई डॉक्टर हैं. जिनका इलाज केजीएमयू में चल रहा है. वहीं उसके परिवार के एक और सदस्य को भी कोरोना वायरस की पुष्टि हो गई है.

22 वर्ष का युवक कोरोना वायरस की जांच में पॉजिटिव पाया गया है और उसे किंग जॉर्ज मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है. महिला के पति की भी कोरोना के संदेह में जांच की गई थी लेकिन जांच नेगेटिव निकलने के बाद उसे दो दिन अस्पताल में रखने के बाद छुट्टी दे दी गयी.

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस की जांच के लिए पांच लैब बनाये गए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि लखनऊ में दो जबकि अलीगढ़, वाराणसी और गोरखपुर में एक-एक लैब स्थापित किए गए हैं. वहीं भारत सरकार ने शुक्रवार को एन 95 मास्क और हैंड सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु श्रेणी में शामिल कर लिया है ताकि इनकी कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके.

सरकार ने साफ़ कहा है कि ये आदेश 30 जून तक प्रभावी रहेगा. इसमें मास्क (2 प्लाई और 3 प्लाई सर्जिकल मास्क, N95 मास्क) और हैंड सेनिटाइजर्स को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रखा गया है. इस अधिनियम का उल्लंघन करने पर 7 साल तक की सजा का प्रावधान है.

दुनिया भर में कोरोनावायरस के 1 लाख 54 हजार 279 मामले सामने आ चुके हैं. शनिवार तक कुल 5798 लोगों की मौत हो चुकी है. भारत में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में कुल 31 संक्रमित लोग पाए गए हैं.

गृह मंत्रालय ने शनिवार को जानाकारी दी है कि बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और म्यांमार सीमाओं पर सभी आव्रज भूमि पर चेक पोस्ट के माध्यम से आवागमन को 15 मार्च, 12 बजे से और भारत-पाकिस्तान सीमा पर 16 मार्च, 12 बजे से निलंबित किया जाएगा. मौजूदा भारत-बांग्लादेश क्रॉस-बॉर्डर पर ट्रेनों और बसों का संचालन 15 मार्च से 15 अप्रैल तक स्थगित कर दिया है.

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वैध वीजा रखने वाले राजनयिक, अधिकारी और संयुक्त राष्ट्र के जवान क्रॉसिंग के लिए ICP अटारी का उपयोग कर सकते हैं. लेकिन स्वास्थ्य जांच के बाद.

उधर एक बात और सामने आई कि शनिवार को गृह मंत्रालय ने अपने जारी आदेश में कोरोनावायरस से किसी की मौत होने पर परिवार को चार लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की थी. साथ ही राहत कार्यों में शामिल व्यक्तियों को भी मुआवजे के दायरे में रखा गया था. और इसके लिए राज्य आपदा राहत कोष से मदद देने की बात कही गई थी.

लेकिन 3 घंटे बाद ही इस बारे में सरकार की तरफ से नया आदेश जारी किया गया, जिसमें कोरोनावायरस को आपदा तो माना गया, लेकिन मृतक के परिवार को मुआवजे देने का कोई जिक्र नहीं था. संशोधित अधिसूचना में कहा गया कि राहत राशि अब संगरोध उपायों, नमूना संग्रह और स्क्रीनिंग तक विस्तारित की जाएगी. रोग को रोकने के लिए जरुरी उपकरण और प्रयोगशाला की खरीद को भी एसडीआरएफ के तहत कवर किया जाएगा.

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