अब 9 सिम्प्टम्स के आधार पर होगी टेस्टिंग, इलाज के लिए नया प्रोटोकॉल जारी, देखें-

कोरोना सिम्प्टम्स की लिस्ट में दो और लक्षणों को शामिल कर लिया गया है. लिस्ट में पहले 7 सिम्प्टम्स थे. अब 9 हो गए हैं. अगर आपको भी अपने या परिवार के लोगों में ये सिम्प्टम्स दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टर्स की सलाह लें.

coronavirus cases health ministry allowed use remadecivir
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कोरोना के सिम्प्टम्स लिस्ट में पहले बुखार, कफ, थकान, सांस लेने में दिक्कत, बलगम के साथ खांसी, मांसपेशियों में दर्द, नाक से पानी बहना और गला खराब होना या दस्त जैसे सिम्प्टम्स शामिल थे. अब सूंघने की क्षमता कम होना और स्वाद का पता नहीं चलना जैसे दो और सिम्प्टम्स लिस्ट में शामिल हो गए हैं. कोरोना पर बनी टास्क फोर्स की बैठक में कुछ मेंबर्स ने सुझाव दिया था कि कोरोना की टेस्टिंग में सूंघने और स्वाद लेने की क्षमता कम होने के सिम्प्टम्स भी शामिल किए जाएं, क्योंकि कई मरीजों में ऐसा देखा गया है.

वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना संक्रमितों के इलाज को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है. इसमें एंटी वायरल दवा रेमडेसिवीर और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा टोसीलीजुमैब के साथ-साथ प्लाजमा थेरेपी के जरिए कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए कहा है. मंत्रालय ने यह फैसला कोरोनावायरस क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल की समीक्षा रिपोर्ट आने के बाद लिया है.

संक्रमण के शुरुआती स्टेज में मरीजों को मलेरिया के इलाज में दी जाने वाली दवा हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन देने का सुझाव दिया है. इसके साथ ही ये भी कहा गया है कि हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा देने से पहले मरीज का ईसीजी भी कर लिया जाना चाहिए. इसकी रिपोर्ट के अनुसार ही मरीज को दवा दें. वहीं गंभीर मरीजों को एजिथ्रोमाइसीन के साथ हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा देने पर रोक लगा दी है.

कुछ रिसर्च के मुताबिक कोरोना वायरस के कारण स्वस्थ युवाओं में स्ट्रोक का बड़ा खतरा पैदा हो गया है. 30 से 40 साल की उम्र के संक्रमित मरीजों को बेहद गंभीर स्ट्रोक आ रहे हैं. जो आमतौर पर उम्रदराज मरीजों में देखे जाते हैं. ये रिसर्च अमेरिका स्थित थॉमस जेफरसन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किया है.

डब्ल्यूएचओ ने फेसमास्क को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इसमें कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए फेस मास्क को सार्वजनिक जगहों पर पहनना अनिवार्य बताया गया है.

जहां संक्रमण ज्यादा है वहां के लोगों को हर हाल में मास्क पहनना चाहिए. इसके साथ ही भीड़भाड़ वाली जगहों जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल और दुकानों में भी मास्क पहनना बेहद जरूरी है. सभी स्वस्थ लोगों को तीन परतों वाला फैब्रिक मास्क पहनना अनिवार्य बताया गया है. इसमें सूत का अस्तर, पोलिएस्टर की बाहरी परत और बीच में पोलिप्रोपायलीन की बनी ‘फिल्टर’ हो. जो लोग बीमार हैं, वे ही केवल मेडिकल ग्रेड का मास्क पहनें.

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