मानसून और ठंड में तेजी से फैलेगा कोरोना, इन बातों का रखें विशेष ध्यान

देश में कोरोना संक्रमण की रफ़्तार बहुत तेज़ हो गई है. अब रोजाना 45 हजार से ज्यादा नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं. ऐसे में देश के वैज्ञानिकों ने एक और शोध के बारे में जानकारी दी है. जिससे चिंता और बढ़ गई है.

Corona will spread rapidly in monsoon and winter
Corona will spread rapidly in monsoon and winter

वैज्ञानिकों ने अपने शोध में कहा है कि कोरोना का संक्रमण मॉनसून में तेजी से बढ़ेगा. मॉनसून और ठंड में तापमान गिरने से कोविड-19 के प्रसार में तेजी आ सकती है. अध्ययन में पता चला है कि तापमान में वृद्धि वायरस के संक्रमण में गिरावट का कारण बनती है. महामारी के बढ़ते संक्रमण और प्रभाव पर तापमान और सापेक्ष आर्द्रता का असर अधिक पड़ता है.

इस कोरोना काल में खासकर, खाने-पीने, सेहत और आने-जाने को लेकर कई सावधानियां रखनी होंगी. क्युकी मानसून शुरू होते ही हमारा पाचन तंत्र थोड़ा बदल जाता है. इससे शरीर में ताकत की कमी आ जाती है और काम करने की क्षमता भी घट जाती है. शरीर को पोषक तत्वों की जरूरत होती है. इसके अलावा बरसात में शरीर को विटामिन डी भी नहीं मिल पाता है. इससे भी शरीर में कमजोरी आती है.

खासकर सावन और बरसात के महीने में ज्यादातर खाना पच नहीं पाता है, इसलिए खाना ऐसा खाएं जो आसानी से पच जाए और शरीर को ताकत भी मिले. मानसून के महीने में जो लोग हाइजीन पर ध्यान नहीं देते हैं, उन्हें फंगल और गैस्ट्रो इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है. इस बरसात के समय में आपको फ्लू हुआ तो फ्लू और कोरोना में अंतर करने में भी परेशानी आ सकती है.

अदरक शरीर को डी-टॉक्स करता है. इससे पाचन तंत्र अच्छा रहता है. ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं होती है. सर्दी-खांसी-जुकाम होने की भी आशंका कम हो जाती है. इसलिए मानसून में अदरक की चाय सेहत के लिए सबसे बेहतर होती है.

खासकर स्ट्रीट वेंडर्स से खाना या फास्ट फूड खाने से बचें, बरसात में कई जगहों पर ह्यूमिडिटी बहुत ज्यादा होने से भी हाइजीन की समस्या बढ़ जाती है. ध्यान नहीं देने से पेट खराब होने का भी ज्यादा डर होता है. हरी पत्तेदार सब्जियों को भी खाने से बचना चाहिए, क्योंकि मानसून के दौरान इनमें बैक्टीरिया ज्यादा होते हैं और पत्तियों में सड़न भी होती है.

सुबह और शाम गुनगुना पानी जरूर पीएं, ठंडी चीजों को खाने से बचें, क्योंकि ये चीजें आपकी इम्युनिटी को चैलेंज कर सकती हैं. खासकर, इस समय तो बिलकुल नहीं क्युकी कोरोनावायरस चल रहा है और ज्यादातर बीमारियां इम्युनिटी कमजोर होने से ही होती हैं.

बारिश में सांप भी बहुत निकलते हैं, खासकर गांवों में इसलिए बाहर निकलें तो खास ध्यान रखें, जमीन की तरफ देखकर ही चलें. घास-फूस वाले इलाकों में जाने से बचें.

इस दौरान आपको डायरिया, उलटी दस्त, फंगल इंफेक्शन, फ़ूड पॉइज़निंग, वायरल इंफेक्शन, गला खराब होना, खांसी-जुखाम जैसी बीमारियां हो सकती हैं. जो कोरोना काल में आपके लिए कई समस्याएं खड़ी कर सकती हैं. तो अपने खान-पान, घूमने का विशेष ध्यान रखें.

वहीं वैज्ञानिकों ने पहली बार इस बात की भी पुष्टि की है कि कोरोना वायरस मच्छरों के माध्यम से नहीं फैल सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहले भी मच्छरों के काटने से कोरोना संक्रमण को नकारा था, लेकिन पर्याप्त जानकारी के अभाव में शंका बनी हुई थी. अध्ययन के अनुसार वायरस मच्छरों की तीन आम प्रजातियां प्रजनन करने में असमर्थ हैं. अगर किसी संक्रमित व्यक्ति को मच्छर काट ले तब भी व्यक्ति के रक्त में मौजूद कोरोना वायरस मच्छर के भीतर जीवित नहीं रह सकता है.

उधर, इस बढ़ते वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए दिल्ली स्थित एम्स सहित कई अस्पतालों में कोरोना के इलाज के लिए तैयार कोवैक्सीन का मानव ट्रायल शुरू हो चुका है. कोवैक्सीन के मानव पर पहले और दूसरे चरण के ट्रायल के लिए इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिचर्स (आईसीएमआर) की तरफ से दिल्ली के एम्स समेत 12 इंस्टीट्यूट्स को चुना गया है. इस वैक्सीन का ट्रायल 375 लोगों पर किया जाएगा. जिनमें 100 से ज्यादा वालंटियर्स पर ट्रायल एम्स में होगा.

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