क्या कोरोना से मरने वालों की लाशों के साथ खेल हो रहा है ? वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल..

कोरोना से मचे हाहाकार के बीच लखनऊ से सोशल मीडिया पर एक और दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आ रहा है. जिसे देखकर हर कोई सन्न रह गया. और लोग तरह तरह के कमेंट कर रहे हैं..

corona virus infection Truth of viral video

लोकबंधु अस्पताल का बताया जा रहा वीडियो

सोशल मीडिया पर नीलेश चौहान नाम के यूज़र ने ये वीडियो पोस्ट किया है. वायरल वीडियो लोकबंधु अस्पताल का बताया जा रहा है. इसे देख कर आप स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का अंदाजा लगा सकते हैं कि मरीजों के साथ क्या किया जा रहा है. वीडियो में व्यक्ति बता रहा है कि….’मैं लोकबंधु हॉस्पिटल में हूँ आप देख सकते हैं कि बॉडी के साथ क्या किया जा रहा है… ये पूरा एक खेल है. कहा गया था कि इनको साँस की समस्या थी तो इनके चेहरे पर ये ब्लड कैसे आ गया.

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महिला को थी साँस की दिक्क्त

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जिस महिला की मौत हुई थी उनके लड़के से जब वीडियो में पूछा गया तो उसने बताया कि इनको केवल साँस की दिक्क्त थी और 87 से 88 ऑक्सीजन की पल्स थी. कोरोना की जाँच अवध हॉस्पिटल में कराया था. जब कोरोना निकला तो सीएमओ ऑफिस से लेटर बनवा कर हमने यहाँ पर रात में 12 बजे एडमिट किया था. लेकिन सुबह जब छोटा भाई खाना लेकर आया तो यहां पर बोले की उनकी डेथ हो चुकी है. जबकि सुबह 5 बजे माँ ने मेरी बहन से बात हुई थी वो कह रही थीं कि बिटिया यहाँ सब हमको छोड़ कर चले गए हैं और हम बचेंगे नहीं मुझे साँस लेने में दिक्क्त हो रही है. वीडियो में मृतक महिला का लड़का कह रहा है कि यहाँ इनकी केयर नहीं हुई है. बॉडी भी यहाँ छोड़कर भाग गए हैं और कह रहे हैं कि मैं हाँथ नहीं लगाऊंगा.

लोगों का फूटा गुस्सा-

इस वीडियो को देख कर लोगों के मन में स्वास्थ्य व्यवस्थाओ को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. वीडियो देख कर सोशल मीडिया पर एक यूज़र ने लिखा कि इंसानियत मर गई सब डॉक्टरों की, लोगों को अस्पतालों में मारा जा रहा है। यही हैं अच्छे दिन. दूसरे यूज़र ने लिखा कि घोर लापरवाही चल रही है. एक ने लिखा- ”जैसा कि मेरी जानकारी है अगर साँस लेने में दिक़्क़त आ रही होती है तो अंतिम वक़्त में नाक से खून आ ही जाता है. अगर मैं ग़लत हूँ तो माफ़ी चाहूँगा.