चुनावी राज्यों में कोरोना की पतलून ढीली हो जाती है

बंगाल में कोरोना छुट्टी पर है..और जहां चुनाव नहीं हैं वहां कोरोना डबल शिफ्ट में काम कर रहा है..बीजेपी और टीएमसी की रैलियों में आ रही भीड़ से कोरोना डरा हुआ है..सोच रहा है इतने सारे लोगों को एक साथ कैसे हो जाऊं..चुनावी राज्यों में घुसने से कोरोना की पतलून ढीली हो जाती है..

सही बता रहे हैं भइया नहीं मान रहे हो देख लेव..ये फूल वाली पार्टी की रैली है और ये फूल पत्ती वाली पार्टी की रैली है..दोनों की रैलियों ने पेलम पेल भीड़ आ रही है….देश में रोज 1 लाख मरीज मिल रहे हैं..500 के लगभग मर भी रहे हैं…लेकिन मुझे एक चीज समझ में नहीं आती..सरकार कहती है कोरोना बहुत खतरनाक है..और वही सरकार जो कहती है कि दो गज दूरी..मास्क बहुत जरूरी..जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं..ये जब मंच पर खड़े होते हैं नीचे भूखी नंगी पब्लिक बिना मास्क के एक दूसरे में घुसकर खड़ी होती है तो बड़े गर्व से फोटो डालकर बताते हैं देखो कित्ती भीड़ आई..क्या इन लोगों के लिए कोरोना के कोई नियम कानून नहीं हैं..क्या देश के प्रधानमंत्री जो..इतने बड़े बड़े कोरोना सम्मेलन कर रहे हैं..इनको नहीं लगता कि लोगों को कोरोना हो सकता है..कोरोना फैल सकता है..मन की बात और टीवी पर तो ऐसी जानकारी दी जाती है कि बड़े से बड़ा वैद्य फेल हो जाए..

एक तरफ आम जनता को स्कूटर पर हेलमेट के भीतर मास्क लगवाया जा रहा है..बंद कार के भीतर मास्क ना लगाने पर चालान काट दिया जा रहा है..यहां तक कि सड़क पर घूमते आदमी को पकड़कर चालान काट दिया जा रहा है….दूसरी तरफ चुनावी रैली के लिए कोई नियम कानून नहीं हैं..क्या आम आदमी के लिए और नेताओं के लिए कोरोना प्रोटोकॉल अलग अलग हैं..बताईये ये भारत में ही हो सकता है कि..खुद देश चलाने वाले..कानून बनाने वाले.. रैलियों में लोगों को अइसे बुला रहे हैं जइसे रैली में कोरोना बूटी बंट रही हो..नेताओं ने हर चीज की दुकान बंद करा दी लेकिन अपनी दुकान का शटर कभी डाउन नहीं होने दिया..

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बताओ लखनऊ की ही बात बता देती हूं..अभी दो तीन दिन पहले एक पुल के उद्घाटन में लोगों की भीड़ आइसे बुलाया गया कि जैसे बिना भीड़ का मुंह देखे उद्घाटन वाली कैंची फीते पर चलने पर मना कर रही हो..और उसी दिन लखनऊ का फन मॉल ये कहकर सील कर दिया कि तुम ससुर बहुत कोरोना फैला रहे हो..इसे कहते हैं आपदा में अवसर..बताओ पुल का उद्घाटन भी आनलाइन कर देते तो कुछ घट नहीं जाता लेकिन भीड़ बुलाकर ये बताना जरूरी था हमने पुल बनवाया है हमारी शकल ध्यान से पहचान लो..हम ही हैं पुल पुरोधा..इस वीडियो में इतना ही..नेताओं के चक्कर में ना पड़ें..अपना ध्यान रखें.. हमारे देश में खुद नेताओं ने कोरोना का मजाक बना दिया है..आपको क्या लगता है..कमेंट करके बताईये..और वीडियो शेयर कीजिए..चलते हैं…

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