इस तरह का होगा भव्य राममंदिर, आपके लिए होंगी ये सुविधाएँ, जानें- इसकी पूरी ख़ासियत

राममंदिर पर फ़ाइनल फैसले के बाद अब सारी परेशानी हट चुकी हैं. अब कुछ ही दिनों में मंदिर निर्माण का काम भी शुरू होने वाला है. वैसे राममंदिर कैसा होगा कैसा बनेगा इस पर कुछ कुछ बाते सामने आ रही हैं.

construction of magnificent ram mandir
construction of magnificent ram mandir

राम मं‍दिर के शिल्‍पकार चंद्रकांत सोमपुरा के मुताबिक भरतपुर, राजस्‍थान के बंसी डूंगरपुर गुलाबी पत्‍थरों से ही राम मं‍दिर बनेगा, इसमें करीब ढाई लाख घनफीट पत्थर लगाने होंगे. बीते तीन दशक से अयोध्‍या, राजस्‍थान सहित कई जगहों पर राममं‍दिर के लिए सामग्री निर्माण का कार्य चल रहा है. सवा लाख पत्‍थरों की घडाई का काम हो भी चुका है.

इिजाइन के अनुसार, सवा लाख पत्‍थरों की और जरूरत होगी. पत्‍थरों को एबीसीडी व 1,2,3 के हिसाब से नंबर दिए गए हैं, जिन्‍हें नंबर के आधार पर लगाना ही है. इसलिए सोमपुरा का मानना है कि मं‍दिर निर्माण ढाई से तीन साल में पूरा हो सकता है.

शिल्पकारों के अनुसार राम मंदिर विष्‍णु के पसंदीदा अष्‍टकोणीय आकार में दो मंजिला मंदिर बनेगा. इसमें करीब 251 स्‍तंभ होंगे, जिन पर अनेकों प्रकार की आकृतियां उकेरी गई होंगी. 240 फीट लंबे, 145 फीट चौड़े और 141 फीट ऊंचे राममं‍दिर के पहले तल में बालस्‍वरूप में करीब छह फीट की ऊंचाई के रामलला विराजमान होंगे.

दूसरे तल की बात करें तो उस तल पर राम दरबार होगा, जिसमें भगवान राम, लक्ष्‍मण, सीता और हनुमान की प्रतिमाएं होंगी. मंदिर में प्रवेश के लिए चारों ओर से द्वार होंगे. मं‍दिर का गर्भगृह रघुपुरम अलग होगा और कथा कुंज का निर्माण अलग होगा. राम मंदिर के पहली मंजिल की ऊंचाई 18 फीट और दूसरी मंजिल की ऊंचाई 15 फीट नौ इंच होगी.

बतादें की बीते 28 सालों से राजस्थान, गुजरात, मिर्जापुर और देश के अन्य हिस्सों से आए कारीगर कार्यशाला में करीब एक लाख घनफुट पत्थरों की तराशी का कार्य पूरा कर चुके हैं. विहिप के प्रस्तावित मंदिर मॉडल के भूतल के पत्थरों की तराशी का कार्य हो चुका है. एक ख़ास बात ये है की राम मंदिर के निर्माण में लोहे का इस्तेमाल नहीं होगा. इसकी वजह स्थापत्य को पत्थरों के जरिए मंदिर को मजबूती देना बताई जाती है.

कहा जा रहा है की हर एक स्तंभ पर देवी-देवताओं की 12 आकृतियां बनी होंगी. मंदिर में ही संत निवास, शोध केंद्र, कर्मचारी आवास, भोजनालय की भी व्यवस्था की जाएगी. राम मंदिर की फर्श पर संगमरमर का इस्तेमाल किया जायेगा. मंदिर के लिए 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है. ऐसा माना जा रहा है की 2022 तक एक विशाल और भव्य राममंदिर बन कर तैयार हो जायेगा.

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