कांग्रेस पार्टी में हुई धन की कमी, नहीं लड़ पायेगी चुनाव, चंदे के लिए बांटी जाएंगी रसीदें

लंबे समय तक देश पर हुकूमत करने वाली कांग्रेस पार्टी जैसे-जैसे सत्ता गवाँती गई, वैसे-वैसे उसका फंड भी ख़त्म होता चला गया. आज ऐसी हालत है की कांग्रेस के पास चुनाव लड़ने के लिए पार्टी फंड भी कम पड़ रहा है. इसलिए कांग्रेस ने ‘लोक संपर्क अभियान’ चलाने का फैसला किया है. इस लोक संपर्क अभियान के तहत कांग्रेस अपने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पार्टी के लिए फंड इकठ्ठा करने के लिए चंदे की रसीदें सौपेगी. जिससे वो जिलों और शहरों से ज्यादा से ज्यादा चंदा इकठ्ठा कर पार्टी फंड में जमा कर सकें.

महासचिव ने दी जानकारी

महासचिव संगठन सतीश अजमानी ने जानकारी देते हुए बताया कि फंड बटोरने के लिए 50, 100, 500 एवं 1000 रुपये के चंदे की रसीदें पदाधिकारियों को सौंप कर जिला-शहर स्तर पर उनको भेजा जायेगा. इसके साथ ही जो भी दान की धनराशि का विवरण होगा वो सीधे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के डाटा विभाग को भेज दिया जाएगा. पार्टी ने यह निर्देश भी दिये हैं कि जिन भी लोगों से चंदा लिया जाए उनके नाम, पता और आयु के अलावा वोटर आइडी, मोबाइल फोन नंबर और ई-मेल आइडी जैसे विवरण भी लेने होंगे. चंदे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी जानकारियों को प्रदेश कार्यालय भी भेजा जाना जरूरी है.

1885 में हुई थी कांग्रेस पार्टी की स्थापना

Congress party Receipts distributed to donations
सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी

कांग्रेस पार्टी की स्थापना ब्रिटिश राज में 28 दिसंबर 1885 में हुई थी. इसके संस्थापकों में ए ओ ह्यूम (थियिसोफिकल सोसाइटी के प्रमुख सदस्य), दादा भाई नौरोजी और दिनशा वाचा शामिल थे. कांग्रेस पार्टी भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में अपने 1.5 करोड़ से अधिक सदस्यों और 7 करोड़ से अधिक प्रतिभागियों के साथ ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरोध में एक केन्द्रीय भागीदार बनी. 1993 के आस-पास कांग्रेस पार्टी लगभग पूरे भारत पर काबिज थी, पर धीरे-धीरे कांग्रेस अपनी सत्ता गवाँती गई. आज ये स्थिति है की कांग्रेस सिर्फ 4 राज्यों में ही रह गई है.

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