महाराष्ट्र की सियासत का फैसला कल, जानें- कैसे और क्यों शुरू हुआ है ये महासंग्राम, किसके लिए होगी मुसीबत

महाराष्ट्र इस समय राजनीतिक अखाड़ा बना हुआ है. बीजेपी ने रातों रात सरकार बना ली और अब सदन में बहुमत सिद्ध करने की जिम्मेदारी भाजपा की है, लेकिन सबसे ज्यादा चिंतित कांग्रेस-राकांपा-शिवसेना दिखाई दे रही हैं.

congress ncp and shiv sena against devendra fadnavis
congress ncp and shiv sena against devendra fadnavis

ये लड़ाई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद शुरू हुई. परिणाम के अनुसार बीजेपी ने 105 सीटें, शिवसेना ने 56, एनसीपी ने 54, कांग्रेस ने 44 और अन्य 29 निर्दलीय ने सीटें जीतीं. इसमें देखा जाए तो सीधे सीधे बीजेपी और शिवसेना की गठबंधन सरकार बन रही थी. जो की पहले ही थी. मगर कहानी में ट्विस्ट तब आया जब शिवसेना ने कहा की ढाई साल मुख्यमंत्री हमारा होगा और ढाई साल बीजेपी का.

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बस यहाँ मामला फंस गया और बीजेपी ने मानने से इनकार कर दिया. तो शिवसेना ने बीजेपी से गठबंधन तोड़ दिया और विपक्षी पार्टियों से साथ मांगने लगी. धीरे धीरे एनसीपी-शिवसेना-कांग्रेस सरकार बनाने के लिए तैयार हुए और 22 नवंबर की शाम को तीनों पार्टियों ने सरकार बनाने का फैसला कर लिया और सभी उद्धव ठाकरे को सीएम बनाने के लिए भी तैयार हो गए थे.

मगर शिवसेना शायद ये भूल रही थी की बीजेपी से पंगा लेना उसको कितना भारी पड़ सकता है. बीजेपी ने 22 नवंबर की देर रात ही बैठके शुरू कर दी और रातों रात एनसीपी के दिग्गज नेता और शरद पवार के भतीजे अजित पवार बीजेपी से मिल गए और बीजेपी को उन्होंने अपने साथ 10 विधायकों का समर्थन दे दिया. फिर क्या था. बीजेपी बहुमत के बिलकुल करीब हो गई फिर तुरंत महाराष्ट्र से राष्ट्रपति शासन हटाने की मांग की. सभी लोग सोते रहे और सुबह 5:45 बजे महाराष्ट्र से राष्ट्रपति शासन हटा दिया गया और सुबह 8 बजे देवेंद्र फडणवीस ने दोबारा सीएम पद की शपथ ले ली. और एनसीपी के दिग्गज नेता और शरद पवार के भतीजे अजित पवार को उप मुख्यमंत्री बना दिया गया.

जब सभी नेता सो कर उठे तो सबके पैरों तले ज़मीन ही खिसक गई. किसी को यकीन ही नहीं हो रहा था की ये क्या हुआ. राज्यपाल ने देवेंद्र सरकार को 7 दिसंबर तक का समय दिया है बहुमत साबित करने के लिए.

फिर कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना की तरफ से बीजेपी के खिलाफ अदालत में याचिका लगाई गई. और उनकी तरफ से वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को शिवसेन-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन के 154 विधायकों के समर्थन के हलफनामे दिए हैं. हालाँकि आज सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है और अब कल मंगलवार सुबह 10:30 बजे कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी.

वैसे इस महायुद्ध में एक बात तो बिलकुल साफ़ है की अगर महाराष्ट्र में बीजेपी में वाकई सरकार बना ली तो शिवसेना का रुतबा और शान भी ख़त्म हो जाएगी.