CBI दफ्तर घेरने गए कांग्रेसियों का प्रदर्शन, ‘राजबब्बर’ को पड़ी लाठियां

सीबीआई विवाद को लेकर कांग्रेस ने सरकार के बाद सीबीआई के खिलाफ हल्ला बोल दिया. लखनऊ में हजरत गंज में सीबीआई का दफ्तर है. और कांग्रेस कार्यकरताओं ने सीबीआई का तफ्तर घेर लिया. मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता सीबीआई मुख्यालय के सामने प्रदर्शन करने पहुंच गए.

congres protest on cbi office in lucknow
लखनऊ में सीबीआई दफ्तर पर कांग्रेस का प्रदर्शन

कांग्रेस कार्यकर्ताओं को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेटिंग कर दी. लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता जब बैरिकेटिंग पार करने लगे तो पुलिस ने लाठी चार्ज कर दी. प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस सीबीआई निदेशक के खिलाफ आदेश को तुरंत वापस लेने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे प्रकरण पर देश से माफी मांगने की मांग कर रहे थे.

राजबब्बर बेरिकेडिंग पर चढ़े थे. इसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. राजबब्बर उतरने को तैयार नहीं हुए. इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजी. हालात बेकाबू होता देख पुलिस प्रदर्शनकारियों को कैंट की तरफ ले गई. कांग्रेस लखनऊ और गाजियाबाद दोनों जगह सीबीआई दफ्तर पर धरना प्रदर्शन कर रही थी.

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congres protest on cbi office in lucknow
लखनऊ में सीबीआई दफ्तर पर कांग्रेस का प्रदर्शन

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई में दो वरिष्ठ अधिकारियों के बीच मचे घमासान ने. सियासी रूप भी ले लिया है. घूसखोरी मामले को लेकर सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और उनके डिप्टी, विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच उठे विवाद के बाद दोनों को छुट्टी पर भेजे जाने को लेकर कांग्रेस समेत विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया है.

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CBI कलह मामले में कोर्ट अपडेट

सीबीआई विवाद पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है. और सवाल पूछा है कि किस आधार पर आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजा गया है. सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा ने छुट्टी पर भेजे जाने को लेकर याचिका दाखिल की थी. सुनवाई करते हुए CJI रंजन गोगोई ने कहा कि वो इस मामले देखेंगे.

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लखनऊ में सीबीआई दफ्तर पर कांग्रेस का प्रदर्शन

सीवीसी से दो हफ्ते में जांच पूरी करने को कहा है. ये जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज ए.के. पटनायक की निगरानी में होगी. चीफ जस्टिस ने कहा कि देशहित में इस मामले को ज़्यादा लंबा नहीं खींच सकते हैं. इसके अलावा अंतरिम डायरेक्टर नागेश्वर राव की नियुक्ति पर चीफ जस्टिस ने कहा कि नागेश्वर राव कोई नीतिगत फैसला नहीं ले सकते.

वो सिर्फ रूटीन काम देखेंगे. मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी. राकेश अस्थाना की तरफ से भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. राकेश अस्थाना की तरफ से मुकुल रोहतगी पहुंचे थे. सुप्रीम कोर्ट ने मुकुल रोहतगी से कहा कि आपको एक नई याचिका दायर करनी होगी. राकेश अस्थाना की तरफ से जो याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है. उसमें उन्होंने आलोक वर्मा को सीबीआई के डायरेक्टर पद से हटाने की मांग की है. याचिका में उन्होंने कहा है कि उन्हें सीबीआई में शिकार बनाया गया है.