कांग्रेस प्रत्याशी ने बनवाई ‘बिरयानी’, खाने के चक्कर में चल गईं लाठियां, मुकदमा दर्ज-

क्या एक बिरयानी की वजह से कोई लड़ाई कर सकता है. जी बिलकुल कर सकता है. बिरयानी का नाम सुनते ही सबके मुँह में पानी आ जाता है. कई लोग तो बिरयानी पार्टी का हफ़्तों से इन्तजार करते हैं. अब जानिए मामला क्या हुआ.

conflict between two side in biryani party
conflict between two side in biryani party

मामला मुजफ्फरनगर के गांव टंडेढ़ा का है. बिजनौर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी नसीमुद्दीन सिद्दीकी की जनसभा के बाद पूर्व विधायक मौलाना जमील कासमी के आवास पर बिरयानी पार्टी का आयोजन किया गया. बस फिर क्या था. बिरयानी इतनी स्वादिष्ट थी कि खाने को लेकर दो पक्षों में बवाल हो गया और हर तरफ जैसे अफरातफरी मच गई. इस संघर्ष में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए.

बिरयानी पार्टी में जब लोग ज्यादा घायल हुए तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकारकर भीड़ को खदेड़ा. इतना ही नहीं पुलिस ने किसी को बिरयानी खाने ही नहीं दी और छह लोगों को हिरासत में भी ले लिया है. वैसे ये तो होना ही था. चुनावी माहौल है. आचार संहिता भी लगी है. और नेताओं ने बिरयानी पार्टी के लिए प्रशासन से किसी तरह की अनुमति भी नहीं ली. चले थे बिरयानी खाने. देर रात इस मामले को लेकर पुलिस ने आचार संहिता का मुकदमा दर्ज कर लिया है.

लगता है बिरयानी मटन की ही होगी तभी इतना बवाल हुआ. चिकन की तो रोज ही सभी खाते हैं. पर मटन की कभी कभी ही बनती है. अब बिरयानी पार्टी में बोटी को लेकर दो युवकों में कहासुनी हो गई, जिसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए, और फिर जमकर मारपीट हो गई. फिर इस बिरयानी पार्टी में आस-पास में रह रहे ग्रामीणों की एंट्री हुई. और किसी तरह दोनों पक्षों को शांत कराया. लेकिन बिरयानी का भूत इतनी जल्दी कहाँ उतरने वाला था. और कुछ देर बाद फिर से दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए. फिर जमकर लाठी-डंडे चले.

इन सबकी लड़ाई में बेचारी बिरयानी क्या करे. पार्टी में मारपीट के बाद थाना पुलिस ने पूर्व विधायक के आवास पर मौजूद कई भगोनों में तैयार बिरयानी को नष्ट करा दिया. इसके साथ ही वहां मौजूद घी के टिन और अन्य सामग्री को कब्जे में ले लिया गया है.