लोगों ने बीच सड़क यूपी के मुख्यमंत्री (Chief Minister) को घेरा लोग नौकरी मांगते रहे..CM हंसते रहे..: संपादकीय व्यंग्य..

PRAGYA KA PANNA
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बताईये अगर आप किसी राज्य के राजा हों..और गलती से जनता के बीच आपको अपना रथ रोकना पड़ जाए और जनता आपसे नौकरी रोजगार..सड़क सुरक्षा के सवाल पूछने लगे और आपको लज्जित होना पड़े..मजबूरी में खीस निपोरनी पड़े तो आप कैसा महसूस करेंगे..यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्या (Chief Minister) कैसा महसूस कर रहे हैं..देखिए..

नौजवान अपने मुख्यमंत्री (Chief Minister) से पूछते हैं सर कोई भर्ती वर्ती आएगी या नहीं..तो मुख्यमंत्री जी कहते हैं..भर्ती आएगी लेकिन कोई बेईमानी नहीं होगी..ईमानदारी से होगी..नौकरी कब मिलेगी..इसका जवाब मुख्यमंत्री के पास है कि ईमानदारी से मिलेगी..ईमानदारी की लॉलीपॉप यूपी की जनता पिछले 5 साल से चूस रही है..

दोस्तों गाजीपुर के जखनिया के लोग चालाक थे..राजा से सवाल करना जानते थे..एक युवक ने तुरंत मुख्यमंत्री (Chief Minister) से पूछ लिया..ईमानदारी कैसी..आपकी सरकार में पेपर लीक हो जाते हैं..बीजेपी विधायक के भाई ही लीक करा देते हैं..केशव प्रसाद मौर्या के पास हंसते रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं था..हमारे यूपी में इसे खीस निपोरना कहते हैं..और आदमी खीस तभी निपोरता है जब उसके पास कोई जवाब नहीं होता..

जनता नौकरी के बारे में पूछे और राजा का जवाब ये हो कि भर्तियां निकलवाएंगे लेकिन ईमानदारी से निकलवाएंगे..और जनता पलटकर तुरंत कह दे कि तुम्हारी ईमानदारी देखी है पेपर लीक हो जाते हैं..दोस्तों किसी भी राजा के लिए ये पल लज्जाजनक होते हैं..दोस्तों हम गोदी मीडिया तो हैं नहीं कि सिक्के का एक ही पहलू बताएं..अब सिक्के का दूसरा पहलू देखिए..केशव प्रसाद मौर्या (Chief Minister) के एंगल से भी मामले को समझिए..

दोस्तों गोदी मीडिया होता तो केशव प्रसाद मौर्या (Chief Minister) से पूछता कि केशव जी मुसलमानों की लुंगी पर कुछ बताईये..जालीदारी टोपी के बारे में क्या कहिए..मथुरा वाला जुमला दोबारा मार दीजिए…केशव जी..केशव जी..केशव जी..लेकिन जनता केशव जी से पूछ रही है कि केशव जी बताईये रोड क्यों नहीं ठीक हो रही है..केशव जी बताईये..नौकरियां क्यों नहीं निकल रही हैं..

दोस्तों केशव प्रसाद मौर्या को ..एक हादसे ने डिप्टी सीएम (Chief Minister) बना दिया वर्ना ये ही यूपी के असली सीएम होते..केशव प्रसाद मौर्या ने ही यूपी में बीजेपी को 325 सीटों तक पहुंचाया है..बीजेपी की प्रचंड जीत के पीछे..इस व्यक्ति ने सबसे ज्यादा मेहनत की..मौर्या जी चुनावों में यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष थे..खैर मौर्या जी जब मुख्यमंत्री नहीं बन पाए तो योगी आदित्यानाथ से बड़े कट्टर होने की कोशिश कर रहे हैं हैं उनको भी लगता होगा..जब कट्टरता ही सीएम की कुर्सी दिलाती है तो मेहनत क्यों करना..इसीलिए ये भी लुंगी टोपी..मुथुरा वगैरह पर उतर आए..

दोस्तों जनता इनसे लुंगी टोपी की बात ही नहीं कर रही है..वो सड़क नौकरी रोजगारी के बारे में ही पूछ रही है..जनता के लिए राजा तो राजा होता है..चाहे वो छोटा राजा हो चाहे बड़ा राजा..लेकिन केशव मौर्या (Chief Minister) सभा में लाजवाब सिर्फ इसीलिए खड़े रहे क्योंकि उनके पास कोई जवाब नहीं था..वो अपनी सरकार में अपनी खुद की फाइल पास नहीं करा पाते थे..लोगों को नौकरी क्या दिलाते..ये बात केशव मौर्या सड़क पर नहीं कह सकते थे..इसलिए उनकी तरफ से मैं बता देती हूं..

Disclamer- उपर्योक्त लेख लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखा गया है. लेख में सुचनाओं के साथ उनके निजी विचारों का भी मिश्रण है. सूचना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गई है. जिसको ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है. लेक में विचार और विचारधारा लेखक की अपनी है. लेख का मक्सद किसी व्यक्ति धर्म जाति संप्रदाय या दल को ठेस पहुंचाने का नहीं है. लेख में प्रस्तुत राय और नजरिया लेखक का अपना है.

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