crossorigin="anonymous"> मोदी जी का सेंट्रल विस्टा और 24 बीघे का महल : संपादकीय - Ulta Chasma Uc

मोदी जी का सेंट्रल विस्टा और 24 बीघे का महल : संपादकीय

20 हजार करोड़ की कोई फैक्ट्री लगवा देते तो कितने लोगों की बेरोजगारी दूर होती..20 हजार करोड़ के अस्पताल बनवा देते तो कितने लोगों की जान बचती..लेकिन महान भारत देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी अपने लिए राष्ट्रपति भवन के ठीक सामने 15 एकड़ मतलब 24 बीघा जमीन पर अपने लिए महल बनवा रहे हैं..नई संसद भी बनवा रहे हैं…मंत्रियों के लिए नए दफ्तर भी बन रहे हैं..राष्ट्रपति के लिए भी नया घर बन रहा है..उपराष्ट्रपति के लिए भी नया घर बन रहा है..हिंदुस्तान में एक तरफ कोरोना से मरने वालों के लिए जेसीबी से कब्रें खोदी जा रही हैं..दूसरी तरफ सेंट्रल विस्टा के लिए इंडिया गेट से लेकर राषट्रपति भवन तक का 3 किमी का लंबा रास्ता खोदा जा रहा है..

गम में डूबे हिंदुस्तान के लोग पूछते हैं कि..क्या देश को नए संसद भवन और प्रधानमंत्री को नए घर की जरूरत थी..क्या प्रधानमंत्री के 7 लोक कल्याण मार्ग पर 12 एकड़ वाले घर की छत बारिश में टपकती थी..क्या 6 एकड़ में बनी संसद में सीलन पपड़ी की समस्या आ गई थी…क्या साउथ ब्लॉक नॉर्थ ब्लॉक में मंत्रियों के बाथरूम के फ्लश काम नहीं कर रहे थे..क्या राष्ट्रपति के लिए भारत देश का 330 एकड़ वाला राष्ट्रपति भवन छोटा पड़ गया था..जवाब है नहीं..ऐसा कुछ नहीं था..हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री को लगा पुरानी इमारते हैं..और वो हमेशा नए भारत की बात करते हैं..इसलिए लेबर मित्री लगाकर अपने लिए नया घर बनवा रहे हैं..दुनिया क्या सोचेगी कि प्रधानमंत्री लोगों के लिए आवास योजना चलाते रह गए और अपने लिए एक महल तक नहीं बनावा पाए..कहते हैं देश की ही तरह पुरानी संसद और दूसरी इमारतों को म्यूजियम बना दिया जाएगा..

हिंदुस्तान में जब हम दूसरों का इतिहास पढ़ते हैं तो पता चलता है कि शाहजहां ने जामा मस्जिद बनवाई..अकबर ने आगरा का किला बनवाया..बुलंद दरवाजा बनवाया.. शाहजहां ने ताजमहल बनवाया..बाबर ने मस्जिदें बनवाईं..तो हिंदुस्तान के हिंदू ह्र्दय सम्राट के नाम कुछ इमारतें होनी चाहिए..नए भारत के सम्राट के पास इतिहास में कुछ नया बताने के लिए होना चाहिए था..जिसमें सरदार पटेल की मूर्ति..और उनका खुद का अपना महल सेंट्रल विस्टा 2022 तक दर्ज हो जाएगा..दोस्तों ताजमहल से लेकर अब तक का इतिहास गवाह है जब जब बड़ी इमारतें तामीर हुई हैं तब तब लोगों को कुर्बानी तो देनी ही पड़ी हैं..

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हिंदुस्तान भी इस वक्त कुर्बानी के दौर से गुजर रहा है..कोरोना रोज 4 हजार लोगों को मार रहा है..रोज 4 लाख लोग कोरोना से बीमार हो रहे हैं…लेकिन खबरदार अगर किसी ने आवाज उठाई बादशाह के आराम के लिए राजपथ पर महल बन रहा है..प्रधानमंत्री के महल से लेकर पूरे सेंट्रल विस्टा प्रोजेस्ट में 20 हजार करोड़ लगे हैं..सिर्फ शौकिया तौर पर अनावश्यक निर्माण के लिए..कोरोना महामारी के बीच हिंदुस्तान पर कुबेर भगवान ने कोई धन की बरसात नहीं की है..हमारा खजाना खाली ही है..भारत पर मौजूदा स्थिति में 558.5 अरब डॉलर का कर्ज है..भारतीय रूपए में कन्वर्ट करेंगे तो आपके होश उड़ जाएंगे..हम चाहते हैं आप हमारा सच्चा वीडियो आखिर तक होश में रहकर देखें इसलिए हम इसे डॉलर में ही छोड़ देते हैं..

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दोस्तों जिन लोगों को ये सेंट्रल विस्टा वाली कहानी समझ में नहीं आई है उनके लिए थोड़ा और आसान कर देती हूं..ये जो तस्वीर आप देख रहे हैं..इसमें आपको इंडिया गेट दिखाई दे रहा होगा..बीच में एक रोड़ दिखाई दे रही होगी..ये रोड संसद भवन के बगल में राष्ट्रपति भवन पर जाकर खत्म होती हैं..ये पूरे 3 किमी लंबी रोड है..इस रोड को राजपथ कहते हैं..इसी पर 26 जनवरी के दिन परेड निकलती है..जो रोड के अगल बगल हरी जमीन दिख रही है इस पर बैठकर लोग परेड़ देखते थे..लेकिन अब राजपथ के 3 किमी के इस एरिया में जिसे सेंट्रल विस्टा कहते हैं..सड़क के किनारे मोदी समेत उनके मंत्रियों के सहयोगियों के घर दफ्तर और नई संसद बनेगी..दूसरी तस्वीर देखिए सड़क के किनारे भयानक तरीके से खुदाई चल रही है.मोदी जी का नया भारत दिल्ली में बन रहा है..नए भारत का मतलब तो आपको समझ में आ गया होगा..नया भारत मतलब भारत के प्रधानमंत्री का 24 बीघे का नया लक्जरी आलीशान घर…

जिस मौजूदा स्थिति वाली दिल्ली को आप अभी देखते हैं उस नई दिल्ली को दिसंबर 1911 में अंग्रेजों के शासन काल में किंग जॉर्ज पंचम ने बनवाया था..हुआ ये था कि पंचम कलकत्ता से राजधानी दिल्ली ट्रांसफस करके लाए थे..उसके बाद राजपथ के आस-पास के क्षेत्र में गोल वाली संसद साउथ ब्लॉक नॉर्थ ब्लॉक वगैरह बनवाया था..और जिस इंजीनियर को काम दिया था उसका नाम था एडविन लुटियंस इसीलिए नई दिल्ली को कभी कभी आपने लोगों को लूटियंस दिल्ली कहते हुए भी सुना होगा..तो दोस्तों मोदी जी के घर में दरवाजे टाइल पंखे एसी किस कंपनी के होने चाहिए..उनको पर्दे किस रंग के लगवाने चाहिए कमेंट बॉक्स में जरूर बताईये..चलते हैं राम राम दुआ सलाम..जय हिंद…

DISCLAMER- लेख में प्रस्तुत तथ्य/विचार लेखक के अपने हैं. किसी तथ्य के लिए ULTA CHASMA UC उत्तरदायी नहीं है. लेखक एक रिपोर्टर हैं. लेख में अपने समाजिक अनुभव से सीखे गए व्यहवार और लोक भाषा का इस्तेमाल किया है. लेखक का मक्सद किसी व्यक्ति समाज धर्म या सरकार की धवि को धूमिल करना नहीं है. लेख के माध्यम से समाज में सुधार और पारदर्शिता लाना है.

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