नहीं रहे केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान, PM मोदी ने कहा- मैंने अपना दोस्त खो दिया

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान नहीं रहे. उन्‍होंने दिल्ली के फोर्टिस अस्‍पताल में अंतिम सांस ली. राम विलास पासवान के निधन की पुष्टि एलजेपी के अध्‍यक्ष व उनके बेटे चिराग पासवान ने की.

central minister ram vilas paswan passes away
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रामविलास पासवान 74 वर्ष के थे. वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और दिल्ली के एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में भर्ती थे. पासवान 11 सितंबर को अस्पताल में भर्ती हुए थे. एम्स में 2 अक्टूबर की रात को उनकी हार्ट सर्जरी की गई थी. ये पासवान की दूसरी हार्ट सर्जरी थी. इससे पहले भी उनकी एक बायपास सर्जरी हो चुकी थी. 1969 में पहली बार पासवान बिहार के राज्‍यसभा चुनाव में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के कैंडिडेट के तौर पर चुनाव जीते थे.

कार्डियोलोजिस्‍ट डॉ. अशोक सेठ के नेतृत्व में पासवान का इलाज चल रहा था. उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गयी और गुरुवार देर शाम उनका निधन हो गया. पासवान का शव देर रात 3 बजे दिल्ली से पटना रवाना हुआ. 5 बजे शव पटना पहुंचेगा और यहां से पार्टी कार्यालय और फिर विधानसभा ले जाया जाएगा. जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामविलास पासवान के निधन पर कहा कि वो अपना दुख शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं. मैंने अपना दोस्त खो दिया. पासवान कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चय से राजनीति की ऊंचाइयों पर पहुंचे. वो एक असाधारण संसद सदस्य और मंत्री थे. बतादें कि करीब आधी सदी के अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्‍होंने 11 चुनाव लड़े, जिनमें नौ में उनकी जीत हुई. पासवान के पास छ‍ह प्रधानमंत्रियों के साथ उनकी सरकार में मंत्री रहने रिकॉर्ड है. रामविलास पासवान मोदी कैबिनेट में सबसे उम्रदराज मंत्री थे.

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन से देश ने एक दूरदर्शी नेता खो दिया. उनकी गणना सर्वाधिक सक्रिय और सबसे लंबे समय तक जनसेवा करने वाले सांसदों में की जाती है. वे वंचित वर्गों की आवाज मुखर करने वाले तथा हाशिए के लोगों के लिए सतत संघर्षरत रहने वाले जनसेवक थे.

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