अभिनंदन की रिहाई से पहले मोदी सरकार का बड़ा फैसला, इस संगठन पर लगाया प्रतिबंध

एक तरफ आज पाकिस्तान भारत के पायलट विंग कमांडर को रिहा कर रहा है वहीं दूसरी तरफ भारत सरकार ने कश्मीर में एक बड़ा फैसला ले लिया है. सरकार ने एक अलगाववादी संगठन पर बैन लगा दिया है. सरकार के इस फैसले से अलगाववादी नेताओं में हड़कंप मच गया है.

central govt ban jamaat-e-islami jammu kashmir
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा के मुद्दे पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में ये निर्णय लिया गया. जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी संगठन जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध लगा दिया है. और ये कार्रवाई संगठन के देश विरोधी और विध्वंसक गतिविधियों में जुटे होने के कारण और गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम के तहत की गई है. साथ ही इस संगठन पर आतंकियों के साथ करीबी संबंध रखने का भी आरोप है.

मालूम हो की 14 फ़रवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद सरकार ने अलगाववादियों के ख़िलाफ़ ऐक्शन लेना शुरू कर दिया है. सबसे पहले 5 नेताओं की सुरक्षा छीनी गई थी. उसके बाद 155 नेताओं की सुरक्षा छीनी गई थी. उसके बाद अलगाववादी नेता यासिन मालिक के साथ कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. और अब अलगाववादी संगठन जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध लगा दिया है.

उधर मोदी सरकार ने बृहस्पतिवार को एक और अहम कदम उठाते हुए जम्मू-कश्मीर में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) को आरक्षण का लाभ देने के लिए अनुच्छेद 370 की धारा (1) में संशोधन के लिए अध्यादेश को मंजूरी दे दी है. अब इस अध्यादेश को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा. इसके तहत जो लोग अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) के पास रहते हैं, उन्हें भी आरक्षण का लाभ मिलेगा. 2004 से अब तक केवल नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास रहने वाले लोगों को ही आरक्षण का लाभ मिलता था.