टीकाकरण को लेकर केंद्र सरकार ने बनाया प्लान, सामने होंगी ये चुनौतियाँ, देखें-

देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार को रोकने के लिए सरकार ने पूरी ताकत लगा रखी है और इसके लिए कोविड टीकाकरण अभियान तेजी से चल रहा है ताकि लोगों को बचाया जा सके. लेकिन कुछ राज्यों में वैक्सीन की किल्लत इसमें बाधा बन रही है.

पूरी वयस्क आबादी के टीकाकरण का लक्ष्य

वैक्सीन की कमी को देखते हुए केंद्र सरकार प्रयास कर रही है कि कोरोना वैक्सीन की उपलब्धता अगले महीने से बढ़ जाए. केंद्र सरकार के मुताबिक अगस्त से दिसंबर के बीच देशभर में 200 करोड़ वैक्सीन की डोज उपलब्ध हो जाएंगी, जिससे 18 से 44 साल वाले आयु वर्ग के लोगों को तेजी से टीकाकरण किया जा सकेगा. सरकार का ये भी कहना है कि दिसंबर तक पूरी वयस्क आबादी (करीब 94 करोड़) का टीकाकरण का लक्ष्य है.

एक दिन में लग रहे लाख वैक्सीन के डोज

बतादें कि देश में 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था. 16 जनवरी से अब तक चार महीने यानी 120 दिन पूर हो गए हैं. इन 120 दिनों में भारत में अब तक करीब 18 करोड़ वैक्सीन की डोज लगाई गई है. हालाँकि टीकाकरण की रप्तार सुस्त जरूर है लेकिन अब वैक्सीन लगाने की रफ्तार में तेजी देखी गई है. पिछले सप्ताह देश में एक दिन में औसतन 17 लाख वैक्सीन के डोज लगाए गए हैं.

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टीकाकरण के लिए करने होंगे ये इंतज़ाम

अब अगर सरकार दिसंबर तक पूरी 94 करोड़ वयस्क आबादी को टीकाकरण करती है तो उस हिसाब से टीकाकरण करने के लिए 188 करोड़ वैक्सीन की डोज की जरूरत होगी. वयस्क आबादी को वैक्सीन लगाने के लिए साल के बाकी 231 दिनों में 170 करोड़ डोज की जरूरत होगी. मतलब कि अगर हफ्ते के सातों दिन जोड़ लिए जाए, तो हर दिन करीब 73.6 लाख लोगों को वैक्सीन लगानी होंगी.

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सरकार का मानना है कि देश में हर दिन 90 लाख डोज लगाई जाएंगी. लेकिन यहाँ चुनौती सिर्फ वैक्सीन सप्लाई की नहीं है, इसके लिए टीकाकरण केंद्रों की संख्या और मैनपावर भी कई गुना बढ़ाना होगा. तब ही दिसंबर तक पूरी वयस्क आबादी को वैक्सीन लग सकती है.

वैक्सीन और जांच कारगर

WHO का भी कहना है कि देश में सबसे पहले अक्टूबर में पाया गया ये वैरिएंट B-1617 ज्यादा संक्रामक लग रहा है और यह आसानी से फैल सकता है. इस वैरिएंट पर एंटीबॉडीज का कम असर हो रहा है. लेकिन इस वैरिएंट में वैक्सीन के प्रति ज्यादा प्रतिरोधक क्षमता नहीं है. मौजूदा वैरिएंट के खिलाफ वैक्सीन और जांच कारगर है. इसलिए लोगों को इसमें बदलाव की जरूरत नहीं है, सभी को आगे आकर वैक्सीन लगवानी चाहिए. और सभी गाइडलाइंस का पालन करना चाहिए.

तीसरी लहर से बचने के उपाए

तीसरी लहर ने बचने के लिए विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अभी से ही जनता और सरकार अपनी-अपनी भूमिका सही तरीके से निभा ले जाएं तो शायद तीसरी लहर आने से पहले ही रुक जाएगी. देश में तीसरी लहर जैसी स्थिति पैदा न हो, इसके लिए जरूरी है कि आम लोग कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करे. सरकार को भी चाहिए कि अगले एक साल तक देश में होने वाले सभी बड़े आयोजनों पर पूरी तरह से रोक लगा दें. रैली और धार्मिक आयोजन ही नहीं, बड़ी-बड़ी पार्टी और शादी समारोह पर भी पूरी तरह से रोक लगा देनी चाहिए.

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