लखनऊ के लापरवाह अस्पतालों ने ले ली 48 कोरोना मरीजों की जान, होगी सख्त कार्रवाई

एक तरफ जहाँ पूरा देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है ऐसे में कई अस्पतालों की लापरवाही से मरीजों की जान भी जा रही है. मामला राजधानी लखनऊ का है. यहाँ कोरोना मरीजों के इलाज में लापरवाही बरतने के लिए चार अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है.

Careless hospitals of Lucknow killed 48 corona patients
Careless hospitals of Lucknow killed 48 corona patients

जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद के 4 निजी कोविड हास्पिटलो में कोरोना मरीजों के उपचार के सम्बंध में लापरवाही सामने आई है. जिसमें अपोलो, मेयो, चरक व चन्दन हास्पिटल शामिल हैं. सभी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इसके साथ ही अभिषेक प्रकाश ने निर्देश दिया है कि इन चारों अस्पतालों के 23 सितंबर तक रेफर किए गए कोविड 19 रोगी की मृत्यु से सम्बंधित सम्पूर्ण विवरण अपर जिलाधिकारी ट्रांस गोमती और मुख्य चिकित्साधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराए.

दरअसल अपोलो हॉस्पिटल में 17 कोरोना रोगी नान कोविड अस्पताल से भेजे गए थे. मेयो हास्पिटल में 10 कोरोना रोगी नान कोविड अस्पताल से भेजे गए थे. चरक हॉस्पिटल में 10 कोरोना रोगी नान कोविड अस्पताल से भेजे गए थे और चन्दन हॉस्पिटल में 11 कोविड 19 रोगी नान कोविड अस्पताल से भेजे गए थे. इसमें बड़ी और हैरान करने वाली बात ये है की इन सभी 48 कोरोना मरीजों की मौत हो गई है.

इन चारों हॉस्पिटल की कई लापरवाही सामने आई है, जिसमें रोगी का कोविड टेस्ट देर से कराया जाना. टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद भी समय से मरीज को कोविड उपचार के लिए तत्काल कोरोना हॉस्पिटल रेफर न करना. हॉस्पिटल में प्रोटोकॉल के अनुरूप चलित ट्राईड एरिया/होल्डिंग एरिया का न होना. मानकों के अनुरूप कार्य न होना. ऐसे आरोप लग रहे हैं.

प्रशासन का कहना है कि सभी मरीजों की मौत के पीछे कहीं न कहीं अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही प्रतीत हो रही है. डीएम ने अस्पतालों को पूरी रिपोर्ट देने के लिए कहा है. नोटिस में जिलाधिकारी ने कहा है कि इसमें लापरवाही बरतने वाली निजी अस्पतालों के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई भी की जाएगी.

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