बुंदेलखंड (Bundelkhand) से अखिलेश को इतना प्यार क्यों है ?क्यों बार-बार जाते हैं बुंदेलखंड ?

दोस्तों अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड (Bundelkhand) से ही अपनी विजय रथ यात्रा शुरु क्यों की है..और कुछ दिन पहले चित्रकूट में दो-तीन दिन रहकर आए थे..यहां 7 जिले हैं..19 सीटें हैं..इस बुंदेलखंड से अखिलेश क्या हासिल करना चाहते हैं और उनको यहां से मिलेगा क्या आज इसी पर चर्चा करेंगे..

दोस्तों बुंदेलखंड (Bundelkhand) का हाल ये है कि 2017 से पहले तक बुंदेलखंड में बीजेपी की हालत बहुत खराब थी..सूखे की मार झेल रही..इस धरती पर बीजेपी की सिर्फ तीन सीटें थीं..बसपा और सपा का ही जलवा होता था..बसपा 7 सपा 5 तीन बीजेपी और 4 पर कांग्रेस थी..ये गरीबी वाला इलाका है..ये पिछड़ा इलाका है..समाजवादी पार्टी बसपा से भी गठबंधन कर चुकी है…कांग्रेस से भी गठबंधन कर चुकी है.इस इलाके से सपा में बसपा और कांग्रेस के बड़े नेता आ चुके हैं..पंचायत चुनाव में गांवों से सपा को झोली भरभरकर वोट मिले..गांवों में एक तरह से बीजेपी का सफाया हो गया था..इसीलिए समाजवादी पार्टी गांव वाले इलाकों पर ज्यादा फोकस कर रही है..

चलिए अब थोड़ी बात कानपुर की कर लेते हैं..कानपुर में 10 सीटें हैं जिसमें से 7 सीटें बीजेपी के पास है..और सपा-कांग्रेस गठबंधन ने 3 जीती हैं सीटें हैं..कानपुर नगर और देहात को मिलाकर देखें तो..14 सीटें हैं ज्यादातर 2017 में सपा के पास थीं..मोदी और गंगा सफाई के चक्कर में सपा की साफाई हो गई थी.लेकिन अब लोगों ने देखा गंगा तो वैसी ही मैली है..तो सपा को लगता है इस बार कानपुर में उनकी बड़ी वापसी होने जा रही है..

समाजवादी पार्टी के हिसाब से गांवों में उनका वोट ज्यादा है..इसलिए सपा ने बुंदेलखंड (Bundelkhand) से अपनी यात्रा की शुरुआत की है..और बहुत जल्दी सपा का रथ पूर्वांचल में नजर आएगा..क्यों सपा का मेन फोकस अवध की 118 बुंदेलखंड की 19 और पूर्वांचल की 130 सीटों पर है..पश्चिमी यूपी की टेंशन सपा को नहीं है क्योंकि वहां किसानों और आरएलडी ने मोर्चा संभाल रखा है..जानकारी कैसी लगी कमेंट बॉक्स में जरूर बताईये..

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