बुलंदशहर: ड्राइवर ने बताया भीड़ ने कैसे की थी ‘इंस्पेक्टर सुबोध’ की हत्या, युवक ‘सुमित’ की भी हुई मौत

Ulta Chasma Uc  :   बुलंदशहर में सोमवार को ऐसी हिंसा भड़की जिसमें दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. जिसमें पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध और एक युवक शामिल है. मामला बुलंदशहर के स्याना तहसील के गांव महाव का है. जहां सोमवार सुबह गोवंश के कुछ अवशेष पाए गए. जिसको देख हिंदूवादी संगठनों और ग्रामीणों के बीच जमकर बवाल होने लगा. बवाल की चिंगारी पुलिस चौकी के पास पहुंची और गुस्साए ग्रामीणों ने चिंगरावठी चौकी के बाहर जाम लगा दिया.

bulandshahr violence died inspector subodh and sumit
हिंसक भीड़ ने ले ली दोनों की जान

पुलिस चौकी पर बवाल की सूचना मिलते ही स्याना थाने के कोतवाल इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह तुरंत वहां पहुंचे और ग्रामीणों द्वारा लगा जाम खुलवाने की कोशिश करने लगे. तभी वहां मौजूद भीड़ ने उनपर हमला कर दिया. इंस्पेक्टर पर ग्रामीणों ने पत्थर बरसा दिए. भीड़ ने चौकी के बाहर खड़े पुलिस के वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया. चौकी के अंदर भी घुसकर खूब तोड़फोड़ की गई. जिसमें इंस्पेक्टर सुबोध को गंभीर चोट आईं.

ड्राइवर ने बताई दर्दनाक घटना

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हालात को बिगड़ता देख पुलिस ने हवाई फायरिंग शुरू कर दी. उसी वक्त एक पुलिस ड्राइवर ने घायल इंस्पेक्टर सुबोध को उठा कर भीड़ से दूर गाड़ी के पास ले गया ताकि उनको अस्पताल पहुंचाया जा सके. लेकिन भीड़ इतनी हिंसक हो गई थी की उसने दोबारा उनपर हमला कर दिया. भीड़ को अपनी तरफ आता देख पुलिस ड्राइवर भी वहां से अपनी जान बचा कर बड़ी मुश्किल से भाग पाया.

एक न्यूज़ चैनल को पुलिस ड्राइवर ने घटना की जानकारी देते हुए बताया की जब मैं इंस्पेक्टर सुबोध को अस्पताल ले जाने लगा तो भीड़ ने हम लोगों को दौड़ा लिया और कहने लागे मारो इन सबको मारो फिर हम लोगों पर हमला कर दिया. किसी तरह हमलोग दिवार फांद कर अपनी जान बचा पाए. ड्राइवर ने बताया भीड़ में कुछ लोग फायरिंग भी कर रहे थे. जिससे गोली लगने से कोतवाल सुबोध और एक युवक सुमित की मौत हो गई. मंगलवार सुबह पुलिस लाइन में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को श्रद्धांजलि दी गई.

कैसे गई सुमित की जान ?

वहीँ सुमित नाम के युवक ने भी अपनी जान दे दी. युवक उसी इलाके का रहने वाला था जहां हिंसा हुई. युवक का सपना था की वो यूपी पुलिस में सिपाही बने. पर शायद उसे ये नहीं पता था की ये सपना अधूरा ही रह जायेगा. सोमवार दोपहर सुमित का एक दोस्त अरविंद उसे शादी का कार्ड देने आया था. जिसके बाद सुमित उसे बाइक पर बिठा कर बस स्टैंड पर छोड़ने गया था. सामने ही चिंगरावठी पुलिस चौकी थी. उसी बीच हिंसा भड़की और उस युवक की जान चली गई.

Web Title :  bulandshahr violence died inspector subodh and sumit

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