Budget 2021 में आम जनता को मिली कितनी राहत ? कहाँ क्या हुए ऐलान और कितना होगा खर्च ? जानें सब कुछ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के बजट के जरिए न्यू इंडिया का खाका देश के समक्ष रखा है. आम बजट 2021 में कई सारी घोषणाएं की हैं. आइये जानते हैं की आपके लिए इसमें क्या है.

Budget 2021 Finance Minister Nirmala Sitharaman Budget Speech Announcements

सरकार कहाँ कितना खर्च करेगी और आपको कितनी राहत मिलेगी ?

  • किफायती घर खरीदने वालों को ब्याज में 1.5 लाख रुपए की एक्स्ट्रा छूट का समय एक साल बढ़ाकर मार्च 2022 तक कर दिया है.
  • 75 साल और उससे ज्यादा उम्र के सीनियर सिटीजंस को अब IT रिटर्न फाइल करने की जरूरत नहीं होगी.
  • कॉपर और स्टील में ड्यूटी को घटाया गया है. सोने-चांदी की कस्टम ड्यूटी को भी घटाया गया है.गोल्ड एंड सिल्वर पर अभी 12.5% कस्टम ड्यूटी है. इसे रेशनलाइज किया जाएगा.
  • वॉलंटरी व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी लाई जाएगी, ताकि पुरानी गाड़ियों को हटाया जा सके. इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी.
  • गाड़ियों का फिटनेस टेस्ट होगा. पर्सनल व्हीकल 20 साल बाद और कमर्शियल व्हीकल 15 साल बाद स्क्रैप किए जा सकेंगे.
  • वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में ग्रामीण क्षेत्र में इन्फ्रा सेक्टर के विकास के लिए आवंटन को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया है.
  • छोटे टैक्सपेयर तिमाही आधार पर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं.
  • एक अक्टूबर 2021 से संशोधिक कस्टम ड्यूटी रीस्ट्रक्चर लाया जाएगा.
  • 2021-22 में एग्रीकल्चर क्रेडिट टारगेट 16.5 लाख करोड़ का है.
  • ऑपरेशन ग्रीन स्कीम में जल्द खराब होने वाली 22 फसलों को शामिल किया जाएगा.
  • एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड तक एपीएमसी की भी पहुंच होगी.
  • कोच्चि, चेन्नई, विशाखापट्‌टनम, पारादीप और पेटुआघाट जैसे शहरों में 5 बड़े फिशिंग हार्बर बनेंगे.
  • तमिलनाडु में मल्टीपर्पज सी-विड पार्क बनेगा.
  • वन नेशन, वन राशन कार्ड को 32 राज्यों में लागू किया जाएगा. 86% लोगों को इसमें कवर किया जा चुका है.
  • उज्ज्वला योजना का फायदा 1 करोड़ और महिलाओं तक पहुंचाया जाएगा.
  • अगली जनगणना पहली डिजिटल जनगणना होगी. इस पर इस साल 3768 करोड़ रुपए खर्च होंगे.
  • असम और बंगाल की महिला टी-वर्कर्स और उनके बच्चों के लिए 1000 करोड़ रुपए दिए जाएंगे.
  • एनजीओ, राज्य सरकारों और प्राइवेट सेक्टर की मदद से 100 नए सैनिक स्कूलों की शुरुआत होगी.
  • लद्दाख में हायर एजुकेशन के लिए लेह में सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी.
  • कोरोना वैक्सीन पर 2021-22 में 35,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे. जरूरत पड़ी तो और ज्यादा फंड दिया जाएगा.
  • शहरी इलाकों के लिए जल जीवन मिशन शुरू किया जाएगा. शहरी स्वच्छ भारत मिशन पर 1.48 लाख करोड़ 5 साल में खर्च होंगे.
  • 64,180 करोड़ रुपए के बजट के साथ प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना शुरू होगी.
  • 602 जिलों में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल शुरू होंगे.
  • नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल को मजबूत किया जाएगा.
  • रेलवे ने नेशनल रेल प्लान 2030 बनाया है ताकि फ्यूचर रेडी रेलवे सिस्टम बनाया जा सके और लॉजिस्टिक कॉस्ट कम की जा सके.
  • जून 2022 तक ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तैयार हो जाएगा.
  • 1.10 लाख करोड़ रुपए रेलवे को दिए जा रहे हैं। 1.07 लाख करोड़ रुपए सिर्फ कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए हैं.
  • शहरी इलाकों में बस ट्रांसपोर्ट सिस्टम शुरू किया जाएगा. 20 हजार बसें तैयार होंगी. इससे ऑटो सेक्टर को मदद मिलेगी और रोजगार बढ़ेगा.
  • बेंगलुरु में भी 14788 करोड़ रुपए से 58 किमी लंबी मेट्रो लाइन बनेगी. नागपुर 5976 करोड़ और नासिक में 2092 करोड़ से मेट्रो बनेगी.
  • 1100 किमी नेशनल हाईवे केरल में बनेंगे. इसके तहत मुंबई-कन्याकुमारी कॉरिडोर भी बनेगा. केरल में इस पर 65 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे.
  • कृषि लोन (Agriculture Loan) की लिमिट को बढ़ा दिया है. सरकार ने इस बार किसानों को 16.5 लाख करोड़ तक लोन देने का लक्ष्य तय किया है.
  • बजट में सरकार ने पशुपालन, डेरी और मछली पालन से जुड़े किसानों की आमदनी बढ़ाने पर फोकस किया है.
  • सड़क परिवहन मंत्रालय के लिए 1,18,101 करोड़ का प्रावधान अतिरिक्‍त तौर पर किया गया है.
  • वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 2217 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है.
  • वित्त मंत्री ने बंगाल में 675 किलोमीटर लंबा नए राष्ट्रीय राजमार्ग (हाईवे) के निर्माण की घोषणा की हैं. इसके लिए 25,000 करोड रुपये के बजट में प्रावधान किए गए हैं.
  • पब्लिक हेल्थ की जानकारी के लिए वेबसाइट बनाई जाएगी. नई बीमारियों पर फोकस होगा. आत्मनिर्भर भारत 130 करोड़ लोगों की आकांक्षा है.
  • देश में 7 टेक्स्टाइल पार्क बनाए जाएंगे, ताकि इस क्षेत्र में भारत एक्सपोर्ट करने वाला देश बने.

वित्त मंत्री ने कहा कि 2020-21 में राजकोषीय घाटा GDP का 9.5% है. इसकी भरपाई के लिए हमें 80 हजार करोड़ रुपए और चाहिए. इसके लिए हमें बाजार से उम्मीद है. 2021-22 में 34.83 लाख करोड़ रुपए के सरकारी खर्च का अनुमान है. 2021-22 में राजकोषीय घाटा GDP का 6.8% रहने का अनुमान है. 2025-26 तक इसे घटाकर 4.5% करना चाहते हैं. कंटीजेंसी फंड को 500 करोड़ से बढ़ाकर 30 हजार करोड़ रुपए करने का प्रावधान है.

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