भूख हड़ताल पर BSNL के कर्मचारी, VRS लेने के लिए मजबूर करने का लगाया आरोप, देखें नए साल में क्या होगा ?

BSNL के कर्मचारी यूनियनों ने आज 25 नवंबर को देशव्यापी भूख हड़ताल बुलायी है. कर्मचारी यूनियनों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन कर्मचारियों को वीआरएस लेने के लिए मजबूर कर रहा है.

bsnl employee unions call hunger strike giving vrs
bsnl employee unions call hunger strike giving vrs

बतादें कि बीएसएनएल कंपनी में कुल 1.50 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं. बीएसएनएल में 77 हजार कर्मचारियों ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है. फिलहाल स्कीम के अनुसार ये सारे कर्मचारी 31 जनवरी 2020 को अपने-अपने पद से रिटायर हो जाएंगे. वहीं ऑल इंडिया यूनियंस एंड एसोसिएशंस ऑफ भारत संचार निगम लिमिटेड के संयोजक पी. अभिमन्यु का कहना है कि प्रबंधन कर्मचारियों को धमका रहा है कि अगर वो वीआरएस नहीं लेते हैं तो उन्हें दूर भेजा जा सकता है और सेवानिवृत्ति उम्र की आयु भी घटाकर 58 वर्ष की जा सकती है.

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लेकिन BSNL के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक पीके पुरवार ने कहा कि सरकार और BSNL की ओर से दी जा रही ये श्रेष्ठ वीआरएस सुविधा है और इसे कर्मचारियों को सकारात्मक रूप में देखना चाहिए. मालूम हो कि पिछले महीने ही केंद्र सरकार ने 69 हजार करोड़ रुपये का पुनरुद्धार पैकेज BSNL और MTNL को दिया था. वीआरएस योजना के अनुसार कंपनी के सभी स्थायी कर्मचारी, जो किसी दूसरे संस्थान या फिर विभाग में प्रतिनियुक्ति पर हैं और 50 साल की उम्र को पूरा कर चुके हैं वो वीआरएस के लिए आवेदन कर सकते हैं.

पी. अभिमन्यु के मुताबिक कंपनी के आधे से ज्यादा कर्मचारी उसके साथ जुड़े हैं. कर्मचारी अपनी इच्छा से वीआरएस योजना लें. कर्मचारियों को इसे लेने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए. लेकिन ये योजना कर्मचारियों के लिए फायदेमंद नहीं है.

वैसी बतादें कि BSNL अधिकारियों और कर्मचारियों को वीआरएस देने के बाद नए साल से निजी संचार कंपनियों की तरह काम करेगा. मतलब की कम कर्मचारी और अधिक काम की व्यवस्था चलेगी. सिम लेने, रीचार्ज कराने और बिल जमा करने का काम कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए होगा. कस्टमर केयर के जरिए मामले सुलझाए जाएंगे. इससे खर्च में कटौती होगी और निगम घाटे से भी उबरेगा.