डॉक्टर्स और पुलिस पर हुए हमले-बदसलूकी से बॉलीवुड नाराज़, बताया बेहद शर्मनाक और निंदनीय

कोरोना वायरस के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों से स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिसवालों पर हमले की खबरें लगातार आ रही हैं. जिसका विरोध भी हो रहा है. अब बॉलीवुड भी इन घटनाओं पर विरोध करने लगा है.

Bollywood Condemn Attack On Doctors And Police Coronavirus
Bollywood Condemn Attack On Doctors And Police Coronavirus

पत्थरबाजों और अस्पताल में जमातियों की शर्मनाक हरकतों को देखकर बॉलीवुड के कई सितारों ने नाराजगी जताई है. और ऐसी घटनाओं में शामिल होने वालों को कड़ी फटकार लगाई है.

जावेद अख्तर ने इंदौर की घटनाओं पर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मैं उन लोगों की कड़ी निंदा करता हूं, जिन्होंने इंदौर में डॉक्टर्स पर पत्थर फेंके हैं और उम्मीद करता हूं कि इंदौर की पुलिस ऐसे लोगों के साथ नरमीं नहीं बरतेगी. मैं दूसरों से अनुरोध करता हूं कि हर जगह डॉक्टर्स, पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें.

परेश रावल ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, ‘जरा सोचिए, क्या होगा अगर डॉक्टर इस तरह का अमानवीय व्यवहार करने वाले लोगों का इलाज करने से मना कर दें’

शबाना आजमी ने लिखा, ‘रिस्पेक्ट…दोनों घायल महिला डॉक्टरों का नाम तृप्ति और रजिया है जो असली रोल मॉडल हैं. वहां के लोगों का व्यवहार और डॉक्टरों पर पत्थरबाजी करना बेहद शर्मनाक है और निंदनीय है.’

हेमा मालिनी ने लिखा, ‘जहां एक ओर पूरा देश डॉक्टर्स, स्वास्थ्य कर्मचारियों और पैरामेडिक्स के त्याग की सराहना कर रहा है. वहीं दूसरी ओर इंदौर में ये घटना हो गई. कैसे ये लोग डॉक्टरों पर हमला कर सकते हैं जबकि उनकी खुद की जिंदगी दांव पर लगी है. दुखद… शर्मनाक’

ऋषि कपूर ने लिखा ‘किसी भी सामाजिक स्थिति और विश्वास से ताल्लुक रखने वाले सभी भाई बहनों से एक अपील है. कृपया हिंसा, पत्थर फेंकने या भड़कावे का सहारा न लें. डॉक्टर्स, नर्स, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस इत्यादि अपनी जान जोखिम में डालकर आपकी जान बचा रहे हैं.

शिल्पा शेट्टी ने लिखा ‘हमारे डॉक्टर्स मैदान पर बाहर हैं. हमारी रक्षा करते हुए वो अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं. कम से कम हम एक समुदाय के रूप में एक साथ आ सकते हैं और उन्हें उस लड़ाई के लिए तैयार करने में मदद करते हैं जो वे अपनी ओर से लड़ रहे हैं.

बतादें कि मधुबनी, इंदौर, हुबली और कानपुर सहित कई जगहों से पत्थरबाजी की घटना सामने आई है. जहाँ कई पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों को गंभीर चोटें आईं हैं. उधर दिल्ली के मरकज़ से निकाले गए जमाती भी अस्पतालों में उपद्रव मचा रहे हैं.

इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जमातियों से परेशान डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को कपड़ों पर लगाने वाले कैमरे दिए हैं. ये कैमरे उनके शरीर पर लगाए गए हैं, ताकि तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी में बनाए गए क्वारंटाइन केंद्र में रह रहे जमातियों की बदसलूकी सामने आ सके. इनकी हरकतें कैमरे में रिकॉर्ड होगी.

वहीं दिल्ली नरेला में भी तबलीगी जमात के लोगों के लिए बने आइसोलेशन कैंप में ऐसी घटना सामने आईं जिसके बाद वहां इंडियन आर्मी की एक मेडिकल टीम भी पहुंच गई है. इतना ही नहीं इंडियन आर्मी ने अपनी मेडिकल टीम के साथ हथियारबंद प्रोटेक्शन टीम को भी भेजा है.

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