इन 8 कारणों से मोदी- शाह और योगी की बीजेपी छोड़कर चले गए मंत्री और MLA..(BJP Minister MLA Resigns)

PRAGYA KA PANNA
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दोस्तों जो बीजेपी हिंदुत्व की लहर पर चढ़कर आई थी..जिस बीजेपी की यूपी में मेरा वचन ही शासन टाइप सरकार चल रही थी..जिस यूपी बीजेपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री के तौर पर फोकस किया जा रहा था..वो बीजेपी चुनाव में जाने से पहले बेचारी हो चुकी है..बैकफुट पर हो गई है..बीजेपी से उसके अपने मंत्री और एमएलए इस्तीफा (BJP Minister MLA Resigns) देकर भाग रहे हैं…ऐसा क्यों है..जो बीजेपी शुरुआत में बेहद मजबूत थी..वो आखिर में इतनी कमजोर क्यों है..जो बीजेपी मंचों से अली बजरंगबली..रमजान दिवाली..टोपी लुंगी करती थी..वो बीजेपी चुनाव से ठीक पहले बैकफुट पर क्यों है..और उनके अपने नेता..जो अब तक मोदी और योगी जी के नाम की माला जपते थे..वो भागने क्यों लगे आज इसके 8 कारण मैं आपको बताने वाली हूं..

चुनाव से ठीक पहले बीजेपी के बेचारी हो जाने का पहला कारण है..यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अहंकार में रहना..ये बात मैं लोगों के अनुभव और विधायकों से बात करने के बाद बता रही हूं..इसमें दोष योगी जी का नहीं है..आदित्यनाथ जी संत हैं..योगी हैं..इसलिए उन्होंने यूपी में आदेशात्मक शासन किया..उन्होंने 5 साल आदेश ज्यादा दिए..अपने ही विधायकों और मंत्रियों की सुनावाई वैसे नहीं की जैसे करनी चाहिए थी..यही कारण था कि डिप्टी सीएम के डिपार्टमेंट और योगी जी की कभी नहीं पटी..खबरें यहां तक आईं कि फाइलें फेंकाफाकी तक की नौबत आ गई.. (BJP Minister MLA Resigns)

चुनाव से ठीक पहले बीजेपी के बेचारी हो जाने का या बैकफुट पर चले जाने का दूसरा कारण ये है कि योगी जी गोरखपुर वाला अपना सियासी कल्चर लखनऊ लेकर आ गए..गोरखपुर में ठाकुर वर्सेज ब्राह्मण का समीकरण चलता था..वो समीकरण लखनऊ तक योगी जी के साथ चला आया.. (BJP Minister MLA Resigns) योगी जी को ये समझने में बहुत देर लगी की वो अब गोरखपुर के सांसद नहीं 25 करोड़ लोगों के पालक हैं..इसीलिए मुस्लिमों के लिए पांच साल तक उनका अलग और कठोर रवैया दिखाई दिया..चाहे वो एनआरसी वााला विषय हो या जमात में कोरोना मरीज मिलने का मामला या फिर मुस्लिम अपराधियों के खिलाफ त्वरित एक्शन और दूसरी खास जाति के लोगों को ढील देने की बात हो..

चुनाव से ठीक पहले नेताओं का बीजेपी से भागने (BJP Minister MLA Resigns) का तीसरा कारण है..पूरी सरकार पर एक लॉबी का हावी होना…योगी जी की लॉबी और बीजेपी की लॉबी 5 साल अलग अलग रही..इसको ऐसे समझिए जो केशव प्रसाद मौर्या यूपी बीजेपी के अध्यक्ष रहे अपने बूते पर यूपी में बीजेपी की सरकार बनवाई..योगी आदित्यनाथ अपने उन डिप्टी सीएम के घर चुनाव के कुछ महीने पहले गए..गोरखपुर बनाम यूपी चलता रहा..

चुनाव से ठीक पहले बीजेपी नेताओं का बीजेपी छोड़कर भागने (BJP Minister MLA Resigns) का चौथा कारण है..विधायकों की सुनवाई बिल्कुल बंद हो जाना..विधायक अपने जिले के डीएम और पुलिस वालों से काम तक नहीं करवा पाते थे..यहां तक कि सीतापुर के बीजेपी विधायक का ऑन रिकॉर्ड बयान है कि वो थाने से लोगों की गाड़ी तक नहीं छुड़ा पाए..पुलिस वाले विधायकों का कोई लोड नहीं लेते थे..मेरा वचन ही है शासन चलता था..जो कि लखनऊ या गोरखपुर से चलता था..यही कारण था कि इतिहास में पहली बार यूपी बीजेपी के अपने 100 विधायक अपनी ही सरकार के खिलाफ..सरकार मतलब अपने ही मुख्यमंत्री के खिलाफ धरने पर बैठ गए थे..

चुनाव से ठीक पहले हिंदुत्व की लहर पर चढ़कर आई बीजेपी का अचानक बेचारी हो जाने का और बीजेपी में भगदड़ (BJP Minister MLA Resigns) का पांचवां करण है..योगी आदित्यनाथ को आखिरी के 6 महीने में ना हटाया जाना..खबरें आई कि मोदी और शाह योगी को चुनाव के 6 महीने पहले हटाना चाहते हैं..सत्ता विरोधी लहर अपने ही विधायकों में ज्यादा है..अपने ही विधायक अपने ही मुख्यमंत्री को पसंद नहीं कर रहे हैं..लेकिन योगी सत्ता पर काबिज रहे..गुजरात का बदल गया..कर्नाटक का बदल गया ..उत्तराखंड का बीजेपी ने मुख्यमंत्री बदल दिया लेकिन यूपी का मुख्यमंत्री ना बदला जाना भी बीजेपी से विधायकों के भागने का कारण है..

क्योंकि विधायकों और उपेक्षित मंत्रियों को लगता था कि अगर मुख्यमंत्री बदल जाएगा तो हो सकता है..सरकार के अंत समय में ही सही उनका भला हो जाए..इसको इस बात से समझिए कि सुहेलदेव समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर..अपने घर के पास की सड़क नहीं बनवा पाए थे मंत्री होते हुए..अपने दामाद का ट्रांसफर नहीं करा पाए थे..मंत्री होते हुए..इसलिए उन्होंने ढाई साल की सरकार में ही बीजेपी में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था..यही कारण हैं कि बीजेपी विधायक और मंत्री बहुत तेजी से बीजेपी छोड़ रहे हैं…ना हिंदुत्व काम आ रहा है..ना हिंदू ना मुसलमान..ना मंदिर ना मस्जिद..

चुनाव से ठीक पहले हिंदूवादी सरकार से मंत्रियों के भागने का छठा कारण है..उनके अपने मुख्मयमंत्री का किसी से ना मिलना..आइसोलेटेड रहना..इसीलिए बीच बीच में मुख्यमंत्री की इमेज ठीक करने के लिए कभी उनको बच्चे को पुचकारते हुए दिखाया जाता है..कभी बच्चों से दुलराते हुए दिखाया जाता है कि लोग ये समझें कि मुख्यमंत्री बहुत कोमल ह्रदय के हैं..ऐसा नहीं है कि योगी आदित्यनाथ ने मेहनत नहीं की योगी आदित्यनाथ ने मेहनत बहुत की..हमेशा एक्टिव दिखे लेकिन वो टीम को साथ लेकर चलने में पूरी तरह से विफल रहे..

मुख्यमंत्री को 5 साल तक जिन लोगों ने सरकार की गलती बताई..उसे वो अपने अधिकारी के कहने मात्र से ही दुश्मन समझते रहे..अधिकारी इस बात का फायदा उठाते रहे..अगर योगी जी ने कभी पूछा भी कि फलां पत्रकार ऐसा कर रहा तो अधिकारियों ने इसकी काट खोज रखी थी..कि सर वो कांग्रेस का पत्रकार है..सर वो अखिलेश का पत्रकार है..इस तरह अधिकारी मौज में रहे..और योगी जी की आंखों पर चश्मा चढ़ाए रहे..यही विधायकों के साथ भी हुआ..

विधायकों (BJP Minister MLA Resigns) ने कुछ कहा..लेटर वगैरह लिखा अपनी पीड़ा बताई तो अधिकारियों ने बताया योगी जी वो विधायक फलाने के खेमे का है..बस ऐसे चलती रही सरकार..जहां तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए थी..उन मुद्दों पर बहुत देर से रिएक्ट किया..सरकार में उनके सलाहकारों ने उनको भरमाया कि ये विरोधियों की साजिश है..एक्शन लेने के बजाए योगी जी की सरकार घटनाओं को विरोधियों की साजिश सिद्ध करने में जुटी रही..जैसे हाथरस कांड ले लीजिए..समय पर एक्शन होता तो बदनामी नहीं होती..सरकार की हठ की वजह से हाथरस कांड इतना बड़ा हुआ..

चुनाव से ठीक पहले बीजेपी सरकार से लोगों के भागने (BJP Minister MLA Resigns) का सातवां कारण है..मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सॉफ्ट ह्रदय का ना होना..जैसे एक मंच से भीड़ में मौजूद बेरोजगारों से कहा नारा लगाओगे तो ऐसे ही रोजगार मांगते रह जाओगे..फिर कहीं भी पत्रकारों की ना सुनना..प्रेस कॉन्फ्रेस ना करना..जनता के बीच वो कभी सॉफ्ट मुख्यमंत्री नहीं बन पाए..कड़क बनने के चक्कर में वो अपने लोगों को अपने से दूर करते गए..मैं बुराई नहीं बता रही हूं..जो बीजेपी के लोग देख रहे हैं…वो सहमत होंगे..

चुनाव से ठीक पहले लोगों में असंतोष होने का और विधायकों मंत्रियों का बीजेपी छोड़कर भागने (BJP Minister MLA Resigns) का आठवां कारण है..छुट्टा जानवर..इसका कोई उपाय नहीं किया गया..बड़े बड़े बजट से गौशालाएं बनवाईं गईं लेकिन जानवर सड़कों पर ही दिखे..मुझे तो लगता है अगर योगी जी हेलीकॉप्टर से ना उड़ते तो की जगहों पर उनका स्वागत भी सड़क पर सांड जरूर करते..विधायक किस मुंह से किसानों से वोट मांगने जाएगा..

इसमें एक कारण मैं बेरोजगारी भी जोड़ना चाहूंगी..क्योंकि योगी जी के करीबियों ने 4 लाख सरकारी नौकरियों के पोस्टर को चौराहों पर लगवा दिए..लेकिन उन बेरोजगारों को नहीं समझा पाए..जो आखिरी 6 महीने में धरने पर बैठे रहे..सरकार ने बेरोजगारों से दुश्मन जैसा सलूक किया..बुलाकर बात हो सकती थी..लेकिन सरकार के ही शिक्षा मंत्री ये कहते हुए पाए गए कि तुम लोग बहुत परेशान करते हो..इसलिए मैं अब फोन बंद कर रहा हूं..अपने बच्चों से कोई सरकार परेशान होती है क्या…

दोस्तों कारण और भी हो सकते हैं मैंने 5 साल में जो महसूस किया जो देखा जो समझा वो आपको बताया आपको भी कुछ लगता है तो सभ्य भाषा में कमेंट में बताईये..

Disclamer- उपर्योक्त लेख लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखा गया है. लेख में सुचनाओं के साथ उनके निजी विचारों का भी मिश्रण है. सूचना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गई है. जिसको ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है. लेक में विचार और विचारधारा लेखक की अपनी है. लेख का मक्सद किसी व्यक्ति धर्म जाति संप्रदाय या दल को ठेस पहुंचाने का नहीं है. लेख में प्रस्तुत राय और नजरिया लेखक का अपना है.

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