रिक्शा चलाते हुए नामांकन करने पहुंचे ‘निरहुआ’, जनता में उत्साह की लहर…

आजमगढ़ सीट से अखिलेश यादव के बाद शनिवार को भाजपा के प्रत्याशी और भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने भी नामांकन दाखिल कर दिया है. मगर निरहुआ के कलेक्ट्रेट आफिस पहुंचने का अंदाज बिलकुल फिल्मी रहा.

bjp candidate and bhojpuri film star nirahua filed nomination in azamgarh
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सुबह ही दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ मंदिर में दर्शन पूजन के लिए पहुंचे और वहां पूजा अचर्ना की साथ ही चुवान में सफलता की कामना की. इसके बाद वे अपने समर्थकों के साथ नामांकन के लिए निकले मगर वे किसी वीआईपी काफिले के साथ नहीं गये, बल्कि वे रिक्शे पर सवार हुए और कलेक्ट्रेट आफिस के लिए रवाना हो गए. ये देख आजमगढ़ की जनता और उनके समर्थकों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया.

वहीं निरहुआ के साथ रैली में लालगंज सीट की उम्मीदवार सांसद नीलम सोनकर भी मौजूद थीं. दोनों ने एकसाथ नामांकन किया. उनके नामांकन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय, वनमंत्री दारा सिंह चौहान और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह, एमएलसी यशवंत सिंह, विधायक फूलपुर अरुण यादव, सुरेश शर्मा भी शामिल रहे.

नामांकन करने के बाद दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने कहा कि ये राजनीति व्यक्तिगत नहीं बल्कि विचारों की लड़ाई है. अखिलेश को लगता है कि राहुल देश का भला कर सकते हैं मगर सत्य है कि केवल नरेंद्र मोदी ही देश का विकास कर सकते हैं. देश की सीमाएं, किसान, मुस्लिम सभी का विकास हो रहा है. जबकि अखिलेश यादव केवल जातिवाद प्रथा में विश्वास में रखते हैं.

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निरहुआ के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह ने कहा कि सीधी दौड़ लगाकर पुलिस में भर्ती हो जाने की बात कहने वाले जब मौका मिलता है तो उसमें आजमगढ़ के किसी भी युवा को नौकरी नहीं देते. तब उन्हें सैफई और मैनपुरी की याद आती है.

मालूम हो की 27 मार्च को ही निरहुआ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी और भाजपा में शामिल हो गए थे. दिनेश लाल यादव गाजीपुर के छोटे से गांव टंडवा के रहने वाले हैं. उनको उत्तर प्रदेश सरकार का सर्वोच्च सम्मान यश भारती से सम्मानित किया जा चुका है. निरहुआ पहले गाने गाते थे. जब 2001 में उनके 2 एल्बम ‘बुढ़वा में दम बा’ और ‘मलाई खाए बुढ़वा’ आए तो ये दोनों ही छा गए. लोगों ने उनके गानों को खूब पसंद किया और भोजपुरी में उनकी पहचान बन गई.

साल 2003 में उनका का एक और एल्बम ‘निरहुआ सटल रहे’ आया. इसकी बदौलत निरहुआ सुपरहिट हुए और भोजपुरी स‍िनेमा में काफी मजबूत स्‍तंभ बन गए.