एयरटेल ने 10,000 करोड़ और Vodafone Idea ने 2,500 करोड़ रुपये का किया भुगतान, 1.47 लाख करोड़ रुपए बकाया

दूरसंचार विभाग के आकलन के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियों पर एजीआर के कुल 1.47 लाख करोड़ रुपए बकाया हैं. भारती एयरटेल पर 35,586 करोड़ और वोडाफोन-आइडिया पर 53,038 करोड़ बाकी हैं.

bharti airtel pay 10000 crore and vodafone idea pay 2500 crore agr
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एजीआर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 24 अक्टूबर 2019 को सरकार के पक्ष में फैसला देते हुए टेलीकॉम कंपनियों को 23 जनवरी तक भुगतान करने के आदेश दिए थे. बाद में कंपनियों ने ब्याज और पेनल्टी में छूट मांगते हुए फैसले पर फिर से विचार करने की अपील की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस अपील को खारिज कर दिया और कड़ी फटकार लगाई. सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद हरकत में आई टेलीकॉम कंपनियों ने दूरसंचार विभाग को एजीआर भुगतान करना शुरू कर दिया है.

भारती एयरटेल ने दूरसंचार विभाग को 10,000 करोड़ रुपए चुका दिए हैं. बाकी देनदारी का आकलन करने के बाद बकाया भुगतान 17 मार्च तक करने का भरोसा दिया है. Tata Group की कंपनी TTSL ने भी AGR के निपटान के लिए सरकार को 2,197 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है. उधर Vodafone Idea ने दूरसंचार विभाग को तत्काल 2,500 करोड़ रुपये का भुगतान किया है और 1,000 करोड़ शुक्रवार तक जमा करने को कहा है, और मांग की है कि कोई सख्त कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. सरकार के पास जमा बैंक गारंटी भी नहीं भुनाई जाए.

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने Vodafone Idea के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. कोर्ट पहले ही भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया समेत अन्य डिफॉल्टर टेलीकॉम कंपनियों को चेतावनी दे चुका है कि बकाया रकम 17 मार्च तक नहीं चुकाई तो उनके एमडी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी.

वहीं SBI के अर्थशास्त्री का अनुमान है कि 16 मार्च के बाद वित्तीय अंकगणित तेजी से बदल सकता है. हमें इस तारीख तक इंतजार करना चाहिए. क्युकी 17 मार्च तक सभी टेलीकॉम कंपनियों को एजीआर का भुगतान करना है. अगर एजीआर के रूप में सरकार को 1.20 लाख करोड़ रुपए मिलते हैं तो देश का वित्तीय घाटा घटकर जीडीपी के 3.5 फीसदी पर आ जाएगा.

क्या होता है AGR ?

एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा टेलीकॉम कंपनियों से लिया जाने वाला यूजेज और लाइसेंसिग फीस है. इसके दो हिस्से होते हैं- स्पेक्ट्रम यूजेज चार्ज और लाइसेंसिंग फीस, जो क्रमश 3-5 फीसदी और 8 फीसदी होता है.

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