धरने पर बैठी रह गईं दीदी, उधर उनकी पूर्व आईपीएस अधिकारी बीजेपी में हो गईं शामिल-

इस समय पश्चिम बंगाल में बड़ा सियासी घमासान चल रहा है. कोलकाता पुलिस को बचाने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरना दे रही हैं. उनका नारा है ”बीजेपी हटाओ, देश बचाओ”. मगर दूसरी तरफ ममता को एक बड़ा झटका भी लगा है.

bharati ghosh joins bharatiya janta party presence of ravi shankar prasad
bharati ghosh joins bharatiya janta party presence of ravi shankar prasad

ममता की सबसे करीबी मानी जाने वाली आईपीएस अधिकारी भारती घोष ने कल सोमवार शाम को बीजेपी का दामन थाम लिया है. घोष बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद, कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल रॉय की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुईं. बीजेपी ज्वाइन करने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘पश्चिम बंगाल में कोई लोकतंत्र नहीं है. इसकी जगह अपराध तंत्र और ठग तंत्र ने ली है. बतादें आईपीएस अधिकारी भारती घोष इस समय ममता सरकार द्वारा लगाए गए आपराधिक आरोपों का सामना कर रहीं हैं.

ममता मेट्रो चैनल, कोलकाता में ‘संविधान बचाओ’ धरना पर बैठी हुई हैं. धरने पर बैठने के बाद कई राजनीतिक दलों से उनको समर्थन भी मिला है. सपा प्रमुख व यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने भी ममता को समर्थन दिया है. दरअसल ममता सरकार में 40 हज़ार करोड़ रुपये का शारदा चिटफंड घोटाला हुआ था. जिसमें कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार पर उस घोटाले के दस्तावेज नस्ट करने और बात को दबाने का आरोप है.

इन्ही आरोपों के आधार पर सीबीआई की टीम पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुँच गई थी. मगर ममता ने वहां पहुंच कर सीबीआई टीम के पांचों अधिकारीयों को गिरफ़्तार करवा लिया था. फिर थोड़ी देर बाद छोड़ दिया.

आखिर क्या है घोटाला ?

शारदा चिटफंड घोटाला पश्चिम बंगाल का एक बहुत बड़ा आर्थिक घोटाला है, जिसमें कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के शामिल होने की भी खबर है. मामला ये है कि पश्चिम बंगाल की चिटफंड कंपनी शारदा ग्रुप ने आम लोगों लुभावने ऑफर दिए थे. कंपनी की ओर से रकम को 34 गुना करने का वादा किया गया था. जिसके बाद कई लाख लोगों ने करीब 40 हजार करोड़ रुपये इस कंपनी में जमा किये. मगर कंपनी ने सभी लोगों से पैसे ठग लिए. सभी के पैसों का हेर-फेर कर दिया गया.

इस कंपनी की स्थापना जुलाई 2008 में की गई थी. कंपनी के मालिक सुदिप्तो सेन ने ‘सियासी प्रतिष्ठा और ताक़त’ हासिल करने के लिए मीडिया में खूब पैसे लगाए और हर पार्टी के नेताओं से जान पहचान बढ़ाई. पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल कर दावा किया गया है कि चिट फंड घोटाले में घिरे शारदा ग्रुप की कंपनियों से उन्हें 1.4 करोड़ रुपये मिले है.