भारत बंद: एक दिन के अनशन पर बैठे अन्ना हजारे, किसानों ने कहा- हम तभी हटेंगे जब लिखित में भरोसा मिलेगा

किसान आंदोलन के समर्थन में आज भारत बंद है. 20 सियासी दल और 10 ट्रेड यूनियंस किसानों का सपोर्ट कर रहे हैं. गैर-भाजपा शासित 13 राज्यों में बंद का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है.

bharat bandh affected in non bjp ruled states
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राजस्थान के मंत्री खुद ट्रैक्टर पर सवार होकर दुकानें बंद कराने निकले हैं. मुंबई की डब्बावाला एसोसिएशन ने भी बंद को समर्थन दिया है. किसानों ने सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक यानी चार घंटे का सांकेतिक बंद बुलाया था लेकिन इसका असर सुबह आठ बजे से ही दिखने लगा. किसानों की मांग है कि सरकार इन कानूनों को वापस ले.

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वहीं बंद के दौरान ठंड लगने से सिंघु सीमा पर सोनीपत के एक किसान की मौत हो गई है. दूसरी तरफ केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे एक दिन के अनशन पर बैठ गए हैं. हजारे ने कहा कि देश में आंदोलन होना चाहिए ताकि सरकार पर दबाव बने और वह किसानों के हित में कदम उठाए.

गुजरात के तीन हाईवे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर प्रदर्शन किया. यहां करीब 100 कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. बिहार के दरभंगा और पटना में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर हंगामा किया. कर्नाटक में कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन किया है. डब्बावाला एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तालेकर ने कहा कि कृषि कानून बनाकर केंद्र देश के किसानों को खत्म कर देगा. इसी को लेकर उत्तर भारत के किसान विशाल प्रदर्शन कर रहे हैं. हम उनके समर्थन में हैं.

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं. जो लोग 2-3 घंटे के लिए बंद में फंस जाएंगे, हम उन्हें पानी और फल पहुंचाएंगे. उधर, गाजीपुर-गाजियाबाद (दिल्ली-UP) बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों का कहना है कि अगर सरकार कानून बना सकती है, तो वापस भी ले सकती है. सरकार को किसान संगठनों और एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर काम करना चाहिए. हम तभी पीछा छोड़ेंगे, जब हमें अपनी मांगों पर लिखित में भरोसा मिलेगा.