बंगाल में ममता ने BJP के हिंदुत्व वाला खेल खराब कर दिया : संपादकीय

ममता बनर्जी ने मोदी को कैसे हरा दिया..कैसे दो तीन सौ बीजेपी के मंत्रियों को छका दिया..क्यों बीजेपी के हजारों प्रवासी कार्यकर्ता ममता बनर्जी को हिला तक नहीं पाए..ममता की पार्टी को बीजेपी ने तोड़ दिया लेकिन मतता को नहीं तोड़ पाए..ऐसा क्या था कि एक टांग से लंगड़ी हो चुकी लेडी के पास..इधर आईये..बताते हैं..अक्ल..हां सही बता रहे हैं..अक्ल के अलावा बाकी कुछ नहीं था..

        292 सीटों में 213 सीटों पर ममता बनर्जी ने जीत हासिल की है..पिछली बार से दो सीटें ज्यादा जीती हैं..पश्चिम बंगाल की 48 प्रतिशत जनता ने ममता बनर्जी को वोट दिया है..देखिए हिंदुस्तान के भीतर बीजेपी सिर्फ एक पैटर्न पर चुनाव लड़ती है..वो है हिंदुत्व..बीजेपी हिंदुओं को डराती है..कि अगर हिंदू एक नहीं हुए तो खतरे में आ जाएंगे..मुसलमान आबादी बढ़ाकर तुमसे तुम्हारा देश छीन लेंगे..देखो कश्मीर में क्या हुआ..देखो वो सड़क पर नमाज पढ़ते हैं..देखों वो लोग कितने बदंग हैं.. वो ऐसा कर देंगे वैसा कर देंगे..हिंदू खतरे में हैं..हिंदुओं को लगता है..अच्छा अगर हम खतरे में हैं तो हमको कौन बचाएगा..हिंदू अधर उधर देखता है.. फिर कहता है भाई हिंदूवादी पार्टी तो एक ही है..तो यही बचाएगी..

      अब तक देखा गया है कि दूसरे राज्यों में जिस हिंदू को बताया गया था कि भइया तुम खतरे में हो..उसने देक बसेर हिंदू भगवा सुरक्षाकवच ओढ़ लिया..लेकिन ममता बनर्जी ने यहां दिमाग से काम लिया..बीजेपी जब अपनी सेना के साथ बंगाल पहुंची तो उसने पहला जयघोष किया..जोर से कहा जय श्री राम..और कहना शुरू किया दीदी डर गईं दीदी डर गईं..दीदी श्रीराम से डरती हैं..देखो ममता बनर्जी जय श्रीराम के नारे से चिढ़ती हैं..ममता बनर्जी ने जय श्री राम का जवाब..माता दुर्गा से दिया..

दोस्तों अब हिंदुत्व को अपना हथियार मामने वाली पार्टी बीजेपी के पास थे जेंट्स भगवान श्री राम और ममता के पास थीं माता दुर्गा ..बीजेपी वाले कई मित्र नेताओं ने मुझसे कहा कि ममता हमारी पिच पर उतर आई हैं..दुर्गा पाठ करने लगी हैं..मोदी जी और शाह जी के ट्रैप में फंस गई हैं..अब ममता दीदी गईं..लेकिन वो फंसी नहीं थीं..उन्होंने बीजेपी को उन्हीं के दांव में फंसा दिया था. असल में ममता बनर्जी ने भगवान वर्सेज भगवान कर दिया था..देखिए बंगाल में दुर्गा मााता की पूजा ज्यादा होती है..ममता ने हिंदुत्व के ग्राउंड पर बीजेपी को पटखनी चुनाव प्रचार के दौरान ही दे दी थी..यानी बीजेपी के सबसे बड़े हिंदुत्व वाले हथियार को बेकाम कर दिया था..अब भारतीय जनता पार्टी बंगाल में कहीं सीएए यानी नागरिता वाले कानून की तारीफ करती..कहीं चुप रहती..

बंगाल की कुल आबादी में मुस्लिमों की आबादी 30 प्रतिशत के करीब है..ममता को वोट मिला है..48 प्रतिशत इसका मतलब ये है कि केवल मुस्लिमों ने ही ममता की सरकार नहीं बनाई है..हिंदुओं ने भी ठीक-ठाक वोट किया है..ममता बनर्जी ने हर मोर्चे पर बीजपी को उसी की भाषा में जवाब दिया है..हिंदुत्व की लड़ाई के बाद हमला वर्सेज हमला में भी जीत हासिल की..कहा गया कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर बंगाल में हमला हुआ..उसके बाद जवाब में सामने आई ममता बनर्जी की टूटी हुई टांग..ना बीजेपी साबित कर पाई कि उनके अध्यक्ष पर हमला टीएमसी वालों ने किया था..और ना ही बीजेपी ये साबित कर पाई कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ममता पर हमला नहीं किया था..बीजेपी के पास टूटी हुई गाडी़ थी..और ममता के पास व्हील चेयर पर टूटी हुई टांग…

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हमले और आगे बढ़े..प्रधानमंत्री फ्रंट फुट पर खेलने लगे थे..दीदी ओ दीदी..और 2 मई दीदी गई के तराने बंगाली मार्केट में आ चुके थे..तभी ममता बनर्जी ने बनारस पर निशाना लगाया..ममता ने अगले चुनाव में बनारस से चुनाव लड़ने का एक दांव हवा में उछाला..

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बीजेपी को लगा कि ममता सीधे मोदी से लड़ने की बात कर रही हैं इसका मतलब ये है कि ममता ने बंगाल में हार स्वीकर कर ली है..लेकिन ममता के इस दांव का मतलब था कि अगर प्रधानमंत्री उनपर हमला करेंगे तो वो भी वहां हमला करेंगी जहां से मोदी की जड़ें जुड़ी हुई हैं..बंगाल के लोगों को लगा दीदी बड़ी डेयरिंग है..दीदी ठीक भालो..ममता बनर्जी के लोकलाइड वाले वार का जवाब बीजेपी कभी नहीं दे पाई ममता बनर्जी ये मैसेज कन्वे करने में पूरी तरीके से कामयाब रहीं कि बंगाल का मुख्यमंत्री कोई बंगाली हो हो सकता है..बाहरी नहीं..

दोस्तों बीजेपी बंगाल में राम मंदिर और हिंदुत्व लेकर पहुची थी..हिंदुत्व की बात तो ममता बनर्जी ने चंडी पाठ करके खत्म कर दी थी..धारा 370 की बात बीजेपी बंगाल में खुलकर कर नहीं पाई..सीएए कानून पर भी नहीं खेल पाई..क्योंकि बंगाल में माग्रेंट्स का इश्यू बहुत ज्यादा है..किसान कानून पर इतनी बदनामी होने के बाद उसको भी ठीक से नहीं बता पाई..बाकी व्यक्तिगत हमलों से ज्यादा बहुत बीजेपी के पास ममता को हराने के लिए बंगाल में कुछ था नहीं..

रही सही कसर कोरोना के बीच प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की उन रैलियों और रोड शो ने पूरी कर दी जो कोरोना महामारी के बीच लोगों को मौत की दावत दे रही थीं..कोरोना रैलियों को लेकर प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत छवि बहुत ज्यादा खराब हुई..बंगाल में बीजेपी ने पूरी भारत सरकार को लगा दिया..तब जाकर 77 सीटें जीतीं लेकिन ये सीटें प्रधानमंत्री की खराब हुई छवि की भरपाई कभी नहीं कर पाएंगी.. कि जब देश कोरोना से तड़प रहा था तो देश के प्रधानमंत्री बंगाल में रैलियां कर रहे थे..तो आखिर में कन्क्लूजन ये है कि बंगाल में बीजेपी को एक अकेली ममता बनर्जी ने फंसाकर चुनावी गेम से आउट कर दिया..

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DISCLAMER- लेख में प्रस्तुत तथ्य/विचार लेखक के अपने हैं. किसी तथ्य के लिए ULTA CHASMA UC उत्तरदायी नहीं है. लेखक एक रिपोर्टर हैं. लेख में अपने समाजिक अनुभव से सीखे गए व्यहवार और लोक भाषा का इस्तेमाल किया है. लेखक का मक्सद किसी व्यक्ति समाज धर्म या सरकार की धवि को धूमिल करना नहीं है. लेख के माध्यम से समाज में सुधार और पारदर्शिता लाना है.

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