असम चुनाव : वोटिंग में घपला..वोटर 90 थे.. वोट 171 पड़े

दोस्तों असम के पूरे गांव में वोटर लिस्ट में कुल वोट थे 90 और जब वोटिंग हो गई तो कुल वोट पड़े 171.. बाकी के 81 वोट कौन डाल गया..

assam assembly election 171 votes cast in 90 voters

दोस्तों असम में चुनाव के नाम पर मजाक चल रहा है..ये मजाक किसके पक्ष में या किसके इशारे पर चल रहा है..इसका जवाब आप अपने आप खोजिए..अरे भाई..जब वोट 90 थे तो 171 वोट कैसे पड़े..वोटर लिस्ट होगी उससे फोटो और वोटर आईडी का मिलान होता होगा..तब वोटिंग होती..कि ऐसे ही कोई भी ऐरा गैरा आजा जाता ईवीएम का बटन दबाकर चला जा रहा होगा. पीठासीन अधिकारी होंगे..अर्धसैनिक बल होंगे कोई कुछ नहीं बोला..

कुछ दिन पहले इसी असम में ही वोटिंग के बाद एक evm मशीन बीजेपी विधायक की गाड़ी में रखी पाई गई थी..वो तो भला हो लोगों का जो विधायक की गाड़ी से भीतर ईवीएम देख ली नहीं तो ये ईवीएम कहां जाती इसके साथ क्या होता घर में रखकर कौन कौन सा बटन दबाया जाता..इसमें फुर्सत से कितनी वोटिंग होती ये ईवीएम ही जानती..पूर्वी भारत में हो रहे चुनावों को चुनाव आयोग ने मजाक बना दिया है. नेता ईवीएम लिए घूम रहे हैं..वोट देने वाले हैं 90 और वोट देकर जा रहे हैं 171..

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दोस्तों वोटिंग में घपला कैसे हुआ है और कहां हुआ है वो भी आपको जनना चाहिए..असम में एक जिला है दीमा हसाओ..यहां एक गांव के पोलिंग बूथ पर 74 फीसदी मतदान हुआ .90 वोटर थे 171 वोट पड़े..जब बवाल हो गया तो पांच चुनाव अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है…जब पूछा गया कि ऐसा क्यों हुआ तो चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा क्या करें साहब गांव का प्रधान अपनी लिस्ट लेकर आ गया.. बोला हमारी लिस्ट के हिसाब से वोट डलवाओ और हमने डलवा दिया..

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दोस्तों ये है चुनाव आयोग की गंभीरता.. 81 वोट किसके पक्ष में गए.. किसको जिताने के लिए प्रधान अपनी वोटर लिस्ट पर वोटिंग करा रहा था.. ये तो तब पता चलेगा जब वोटों की गिनती होगी.. वोटिंग मशीन के बारे में आप क्या सोचते हैं.. और जो चुनाव चल रहे हैं उसमें आपके हिसाब से कौन आगे रहेगा ये कमेंट करके बताईये.