शाहरुख 25 करोड़ देते तो आर्यन (Aryan Khan) जेल में नहीं होते..आर्यन खान गिरफ्तारी कांड आसान भाषा में समझिए : संपादकीय व्यंग्य

PRAGYA KA PANNA
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क्या शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) के पास से NCB यानी नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को कोई ड्रग्स मिला…जवाब है नहीं..क्या शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान ने 2 अक्टूबर की रात ड्रग्स खाई पी या सूंघी या इंजेक्शन के जरिए शरीर में घुसाई थी..जवाब है नहीं..आर्यन खान को जेल में क्यों रखा गया है..क्योंकि आर्यन खान के बाप शाहरुख खान पैसे वाली पार्टी हैं…

आर्यन खान के पास ना ड्रग्स थी ना आर्यन खान ने ड्रग्स ली थी..तो NCB ने आर्यन खान को क्यों पकड़ा..क्योंकि आर्यन के हाव भाव ठीक नहीं थे..आर्यन खान को इतने समय से जेल में क्यों रखा गया..क्योंकि आर्यन की 2-3 साल पहले की एक वाह्ट्सअप चैट मिली है..जिसमें वो ऑनलाइन वीडियो गेम खेलने वाले विदेशी से कह रहे हैं 40 हजार रूपए दो..नहीं दे सकते तो ड्रग्स दे दो..

कहते हैं तब आर्यन (Aryan Khan) विदेश में रहते थे..और जिस देश में थे..वहां उस तरह की ड्रग्स लीगल थी..पानी के जहाज से पार्टी के दौरान आर्यन खान को पकड़ा किसने एक प्राइवेट जासूस गोसावी ने..पूछताछ किसने की प्राइवेट जासूस गोसावी ने..सेल्फी किसने खिंचाई प्राइवेट जासूस गोसावी ने..प्राइवेट जासूस के साथ और कौन था बीजेपी नेता..आर्यन को छोड़ने की कीमत 25 करोड़ किसने तय करवाई प्राइवेट जासूस गोसावी ने..

आर्यन को छोड़ने की डील कितने में तय हुई थी..18 करोड़ में..8 करोड़ किसे मिलने थे..मुंबई एनसीबी के जोनल चीफ समीर वानखेड़े को..ये बात जमाने को किसने बताई..गोसावी के बॉडीगार्ड प्रभाकर सेल ने..जब सब कुछ प्राइवेट जासूस और बीजेपी नेता ही कर रहे हैं..तो एनसीबी को अपने नाप की चूड़ियां खरीदकर खुद ही पहन लेनी चाहिए..और विभाग पर ताला मार देना चाहिए..वैसे भी सरकार को ताला ज्यादा पंसद है..एनसीबी के दफ्तर वाली जगह भी मॉनिटाइज की जा सकती है..आएं….प्रज्ञा आइडिया मत दो…

डील कहां तय हुई और फेल क्यों हुई वो भी सुन लीजिए..प्रभाकर के मुताबिक 2 अक्टूबर की रात उसके बॉस किरण गोसावी , सैम डिसूजा और शाहरुख खान की मैनेजर पूजा ददलानी के बीच परेल में आर्यन को छोड़ने का सौदा 25 करोड़ में तय हुआ था..18 करोड़ पर डील लॉक हुई थी..लेकिन कहते हैं शाहरुख खान ने पैसे नहीं दिए..प्राइवेट जासूस गोसावी फरार है..कई और गवाह भी फरार हैं..

एनसीबी के जोनल चीफ समीर वानखेड़े के जाति धर्म पर ही गदर मच गया है..दोस्तों 4 पेज का एक लेटर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एनसीबी के जोनल चीफ समीन वानखेड़े पर बहुत बड़े आरोप लगाए गए हैं..खास बात ये है कि इनमें वानखेड़े के सारे केसों का जिक्र केस नंबर के हिसब से किया गया है..लेकिन आर्यन (Aryan Khan) मामले के एक और पहलू पर नजर डालते चलिए..

2 अक्टूबर की पार्टी से आर्यन (Aryan Khan) को पकड़ा गया..उसके बाद तीन अक्टूबर को जब आर्यन खान को अदालत में पेश किया गया..तो साजिश की धारा 29 नहीं लगी थी..लेकिन अगले दिन साजिश की धारा लग गई..फिर आर्यन खान की 2 से 3 साल पुराने व्हाट्सएप चैट के आधार पर इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट से जोड़कर जांच के लिए 11 अक्टूबर तक हिरासत मांगी गई…इसके लिए NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के साथ खुद एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह मजिस्ट्रेट कोर्ट में मौजूद थे जो अमूमन होता नहीं है..कोई भी बड़ा योद्धा किसी लड़ाई में कब उतरता है ये बताने की जरूर नहीं है..

आर्यन (Aryan Khan) खान के पिता शाहरुख खान और बीजेपी का पुराना हिसाब किताब ठीक नहीं है..25 करोड़ की डील भी नहीं हो पाई..शाहरुख खान आर्यन खान से जेल में मिलने गए लेकिन कुछ नहीं कहा..शाहरुख के लिए 25 करोड़ या 18 करोड़ कुछ नहीं थे लेकिन शाहरुख ने पैसे देकर अपने बेटे को नहीं छुड़ाया ये भी मिसाल होनी चाहिए..अब मामला पूरी तरह से राजनीतिक हो चुका है..इसमें कोई शक ही नहीं है..वानखेड़े दिल्ली में डेरा डाल चुके हैं..गवाह तितर बितर हैं..एनसीपी के नेता वानखेड़े पर ही फर्जी तरीके से नौकरी करने का आरोप लगा रहे हैं..

खैर अब ये पढ़िए..इसे मुंबई के एक पत्रकार सुधीर सूर्यवंशी ने शेयर किया है..ये नार्कोटिक्स डिपार्टमेंट के ही किसी कर्मचारी ने गुमनाम लेटर एनसीपी के नेता और मंत्री नवाब मलिक को लिखा गया है..इसमें लिखा गया है कि समीर वानखेड़े कैसे बड़े बड़े लोगों के घरों में उनकी जेबों में ड्रग्स रखवाकर उनको गिरफ्तार करते हैं..

इस लेटर में दर्जनों केसेज का जिक्र है..कहां कैसे ड्रग्स रखवाई गई..फिर कैसे गिरफ्तार किया गया..वो सब इन लेटर में लिखा है…चार पन्नों के लेटर में बताया गया है कि कैसे कैसे किसे गवाह बनाए गए..कैसे कैसे कहां कहां ड्रग्स रखी गई..कैसे कैसे 25 कागजों पर हस्ताक्षर लिए गए..

वो फर्जी पेपर किस अलमारी किस ड्रॉर में रखे हैं..फंसाने वाला ड्रग्स किसके किसके पास रहता है वो भी लेटर में लिखा है..दोस्तों मैं इन लेटर्स की पुष्टि नहीं करती लेकिन फिल्मी कलाकर के लड़के की जेल जाने की कहानी पूरी फिल्मी है…शाहरुखखान चाहें तो इस पर भी फिल्म बना सकते हैं..देश में CBI, ED, IT ये राजनीति के लिए इस्तेमाल होती ही थीं..

अब NCB आकाओं का बड़ा बेटा बनने की कोशिश में बहुत आगे निकल आयी है..मादक पदार्थों का सेवन हानिकारक है..इसका समर्थन कोई नहीं कर सकता..लेकिन इन सब का राजनीतिक इस्तेमाल बहुत खतरनाक ट्रेंड को जन्म दे रहा है..क्योंकि राह चलते आदमी की जेब में एक छोटी की पुड़िया डालकर उसकी जिंदगी नरक बनाई जा सकती है..

इसके लिए जरुरी है..कि NCB अपनी साख बचाए..देश को यकीन दिलाए कि मंत्री का लड़का हो या मनोरंजन वाले का लड़का (Aryan Khan) ..जब किसी को गिरफ्तार करे तो कोई सवाल न उठा पाए..लेकिन ये तभी हो सकता है जब आप यानी एनसीबी अपने राजनीतिक आकाओं की लोरी सुनना बंद करे..

Disclamer- उपर्योक्त लेख लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखा गया है. लेख में सुचनाओं के साथ उनके निजी विचारों का भी मिश्रण है. सूचना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गई है. जिसको ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है. लेक में विचार और विचारधारा लेखक की अपनी है. लेख का मक्सद किसी व्यक्ति धर्म जाति संप्रदाय या दल को ठेस पहुंचाने का नहीं है. लेख में प्रस्तुत राय और नजरिया लेखक का अपना है.

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