अयोध्या में श्रीराम की भव्‍य प्रतिमा के लिए जमीन खरीदने को मिली मंज़ूरी, बनेगा विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रामनगरी में प्रभु श्री राम की सबसे बड़ी प्रतिमा लगाने के लिए जमीन खरीदने की स्वीकृति शासन से मिल गई है. प्रस्तावित जमीन हाईवे से नयाघाट क्षेत्र में स्थित है. जहाँ 251 मीटर लंबी भगवान राम की प्रतिमा लगनी है.

approval to purchase land for statue of shri ram in ayodhya
approval to purchase land for statue of shri ram in ayodhya

मीरापुर द्वावा में लगभग 61 हेक्टेयर जमीन भगवान राम प्रतिमा के लिए खरीदी जानी है. इसके लिए राज्यपाल ने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव को किसानों से जमीन खरीदने के लिए नामित किया है. अगले सप्ताह से जमीन की खरीद शुरू हो जाएगी. तीन सौ से ज्यादा किसानों से जमीन की रजिस्ट्री पर्यटन विभाग के नाम से कराई जानी है.

इस जमीन पर 251 मीटर लंबी भगवान राम की प्रतिमा बनेगी. जिसकी 50 मीटर पेडेस्टेल की ऊंचाई, 178 मीटर लंबी प्रतिमा और 23 मीटर मूर्ति की छतरी होगी. भगवान श्रीराम पर आधारित डिजिटल म्यूजियम, इंटरप्रेटेशन सेंटर, लाइब्रेरी, पार्किंग, फूड प्लाजा, लैंडस्केप‍िंंग समेत पर्यटकों के लिए अन्य आकर्षण होंगे. जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी को जमीन खरीदने का पत्र भेज दिया है.

उधर भारत सरकार के रेल राज्यमंत्री सुरेश सी अंगड़ी ने इटावा में भतौरा के समीप बन रहे अधोगामी रेलवे पुल का निरीक्षण किया. उसके बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि अयोध्या में विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन बनाया जायेगा. जिससे की देश विदेश के लोग यहां पर भगवान राम के दर्शन करने पहुंचेगे.

राममंदिर पर फ़ाइनल फैसले के बाद अब सारी परेशानी हट चुकी हैं. अब कुछ ही दिनों में मंदिर निर्माण का काम भी शुरू होने वाला है. बतादें की बीते 28 सालों से राजस्थान, गुजरात, मिर्जापुर और देश के अन्य हिस्सों से आए कारीगर कार्यशाला में करीब एक लाख घनफुट पत्थरों की तराशी का कार्य पूरा कर चुके हैं. विहिप के प्रस्तावित मंदिर मॉडल के भूतल के पत्थरों की तराशी का कार्य हो चुका है. एक ख़ास बात ये है की राम मंदिर के निर्माण में लोहे का इस्तेमाल नहीं होगा. इसकी वजह स्थापत्य को पत्थरों के जरिए मंदिर को मजबूती देना बताई जाती है.

कहा जा रहा है की हर एक स्तंभ पर देवी-देवताओं की 12 आकृतियां बनी होंगी. मंदिर में ही संत निवास, शोध केंद्र, कर्मचारी आवास, भोजनालय की भी व्यवस्था की जाएगी. राम मंदिर की फर्श पर संगमरमर का इस्तेमाल किया जायेगा. मंदिर के लिए 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है. ऐसा माना जा रहा है की 2022 तक एक विशाल और भव्य राममंदिर बन कर तैयार हो जायेगा.

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