लोकसभा में पेश हुआ अनुच्छेद 370 विधेयक, शाह ने कहा- कश्मीर-पीओके के लिए जान दे देंगे

राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को हटाने का प्रस्ताव पास कराने के बाद अब इस विधेयक को आज मंगलवार को लोकसभा में भी पेश किया है. जिसपर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है.

amit shah will table bill in loksabha on article 370 jammu and kashmir
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कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने मोदी सरकार से सवाल करते हुए कहा कि भारतीय संविधान में केवल अनुच्छेद 370 ही नहीं है. इसमें अनुच्छेद 371 ए से आई भी है. जो नागालैंड, असम, मणिपुर, आंध्र प्रदेश, सिक्किम को विशेष अधिकार प्रदान करते हैं. आज आप अनुच्छेद 370 को समाप्त कर रहे हैं, तो आप इन राज्यों को क्या संदेश भेज रहे हैं?

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इसी तरह आप कल अनुच्छेद 371 को भी निरस्त कर सकते हैं? उत्तर पूर्वी राज्यों में राष्ट्रपति शासन लागू करके और संसद में उनकी विधानसभाओं के अधिकारों का उपयोग करके, आप अनुच्छेद 371 को भी रद्द कर सकते हैं? आप देश में किस तरह की संवैधानिक मिसाल कायम कर रहे हैं?’

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर के लिए दो केंद्र शासित प्रदेश लेकर आ रहे हैं जिसमें लद्दाख और जम्मू कश्मीर होंगे. जम्मू-कश्मीर मे विधानसभा होगी और वहां चुना हुआ मुख्यमंत्री काम करेगा. जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. इसपर कोई कानूनी या संवैधानिक विवाद नहीं है. कश्मीर की सीमा में पीओके भी आता है. जान दे देंगे इसके लिए.

संसद को जम्मू-कश्मीर पर कानून बनाने का अधिकार है. और कोई हमें इसपर कानून बनाने से नहीं रोक सकता है. दोनों हिल काउंसिल अस्तित्व में रहेगें. हिल काउंसिल के सदस्यों को मंत्री का दर्जा मिलेगा.

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि आप पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) के बारे में सोच रहे हैं, आपने सभी नियमों का उल्लंघन किया और एक राज्य को रातोंरात केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया है. जिसपर शाह ने उसने पूछा कि वह बताएं कौन का नियम तोड़ा गया है.

कल सोमवार को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर राज्यसभा में वोटिंग हुई. बिल के पक्ष में 125 वोट पड़े जबकि 61 वोट विपक्ष में पड़े. जिसके बाद बिल राज्यसभा में पास हो गया.