2 साल में बीजेपी हार गई 7 राज्य, अमित शाह ने स्वीकारी दिल्ली की हार

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को दिल्ली में हुई चुनावी हार को स्वीकार कर लिया है. उन्होंने कहा कि भाजपा केवल जीत या हार के लिए चुनाव नहीं लड़ती है बल्कि चुनावों के जरिए अपनी विचारधारा के विस्तार में विश्वास करती है.

amit shah accept delhi election results
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शाह ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं को ‘गोली मारो’ और ‘भारत-पाकिस्तान मैच’ जैसे बयान नहीं देने चाहिए थे. ऐसे बयानों से पार्टी के प्रदर्शन पर असर पड़ा है. पार्टी के कुछ नेताओं के बयानों के चलते भाजपा को नुकसान हुआ है.

वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को इस करारी हार के लिए जवाब तलब किया. बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने वोट प्रतिशत बढ़ने के बाद भी मिली करारी हार पर चिंता जाहिर की. खासतौर से इसलिए भी कि चुनाव में पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी थी.

आपको बतादें कि बीजेपी को पिछले दो सालों में काफी नुक्सान हुआ है. और बीजेपी लगातार चुनाव हारती चली जा रही है. बीजेपी के लिए देश का सियासी नक्शा ही बदल गया है. 2017 में बीजेपी और उसके सहयाेगी दलों के पास 19 राज्य थे. एक साल बाद भाजपा ने तीन राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में सत्ता गंवा दी. फिर चौथा राज्य आंध्र प्रदेश गवां दिया.

पांचवां राज्य महाराष्ट्र जहां चुनाव के बाद शिवसेना ने बीजेपी का साथ छोड़कर कांग्रेस-राकांपा के साथ मिलकर सरकार बना ली. इसके बाद झारखंड की बारी आई यहाँ भी बीजेपी ने सत्ता गंवा दी. सांतवा राज्य दिल्ली है. इसे भी बीजेपी हार गई है. अब बारी है बिहार की जहाँ बीजेपी और नीतीश की गठबंधन की सरकार है.

दिल्ली के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने 48 सीटों पर जीत के अनुमान के साथ सत्ता में आने की उम्मीद जताई थी. हालांकि, ये अनुमान गलत साबित हुए. और बीजेपी हार गई.

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